रम गया मन मेरा भक्ति में
ना रहा यकीन अब किसी शक्ति में
मेरे महादेव बस तुम्ही हो मन में
आस तुम्ही, विश्वास तुम्ही
है समर्पित भाव मेरे, हो आराध्य तुम्ही
टूटने ना देना प्रभु आए भले ही दुःख कितने सही
मेरी किस्मत तुम्हारे हाथ, मेरे खेवैया तुम्ही
इतनी तो कृपा करना भगवान
हर सांस गाए नाम तेरा, हो मंजिल तुम्ही
माता तुम्ही, हो पिता तुम्ही
भ्राता तुम्ही, हो सखा तुम्ही
बनी रहे कृपा आपकी
घड़ी ना आये कोई अब संताप की
पकड़ लो हाथ मेरा, अरदास यही
मेरे महादेव आस तुम्ही, विश्वास तुम्ही
अपनों ने बहुत रुलाया है
बस तुमने मुझे अपनाया है
टूट गई मैं बिखर गई मैं,
अब ना लो और परीक्षा मेरी
अब शरण तुम्हारी हूँ
जीत मेरी लिख दो तुम
दुनिया से मैं हारी हूँ
मेरे महादेव आस तुम्ही, विश्वास तुम्ही
Vandna
-dr वंदना शर्मा पांडव नगर new delhi