भूली बिसरी यादें 🥰🥰
गांव
वो गली
वो गली में खेलते बच्चे
वो कोयल की मधुर आवाज
वो पनघट उससे पानी लाती पणिहारी
वो वहां की हवा में ताजगी
वो पुराने कच्ची ईंटों के घर
वो मिट्टी की खुशबू जो शहर के इत्र से भी सुगंधित हे
वहां के खेतों की हरियाली
वहां पर लहराती हुई फसलें
वो वहां की शाम , जहा सभी मिलकर कभी बाते करते थे
वो तालाब, वो बरगद, वो रास्ता,
हर मोड़ पर यादें खड़ी मिलती हैं।
ना मोबाइल था, ना कोई दिखावा, गाँव में खुशियाँ खुद चलकर आती थी
वह गांव मुझे आज भी बहुत याद आता है,,,!!!!!!
Das Vijju,,,,,,