"अब तो तुम आगे बढ़ गए होगे?"
"हाँ, बढ़ गए हैं उंगलियों के नाखून, बढ़ गई हैं रातों की करवटे, बढ़ गई है हर महीने की तनख़्वाह, बढ़ गई हैं चेहरे की झुर्रियाँ, बढ़ गई है जीवन की जिम्मेदारियां और एक दिन बढ़ जाएँगी यूँ ही मेरी साँसें...तब शायद तुम्हें अपने प्रश्न का सही उत्तर मिल जाएगा। तब मैं कहूँगा हाँ, अब मैं आगे बढ़ गया हूँ।"