जिंदगी की बस, यहीं फलसफा है,
यहां हर शख्स हीं बेवफा है।
ना पलो उम्मीदों को, हरगिज़ बढ़ाकर,
यहां दम घोटता हीं वफ़ा है
कोई जाए दिल तोड़, इसमें क्या हैरत है,
यहां मोहब्बत करना हीं जफ़ा है।
कोई आाये बनके हमदर्द, कोशिश ना करना,
यहां ज़ख्म देने वाला हीं, खुद खफा है।
पहले दिल तोड़ते है, फिर बिखेर देते हैं,
यहां ताउम्र जीना हीं एक दफ़ा है।
✍️बेनी सागर