— THE UNIVERSAL SCIENCE OF LIFE
शून्य — जीवन का सार्वभौमिक विज्ञान
The Science of Being Here, Now
और पुस्तक का केंद्रीय सूत्र:
जो जीवन अभी है, उसे छोड़कर जीवन की खोज करना ही मनुष्य का मूल भ्रम है।
0 वह स्थान नहीं जहाँ पहुँचना है; 0 वह वर्तमान है जहाँ से कभी हटे ही नहीं थे।
Agyat Agyani
Independent Researcher & Philosopher
Founder — Vedanta 2.0 ©
ORCID: https://orcid.org/0000-0000-8083-0685
शोध-दृष्टि
Agyat Agyani एक स्वतंत्र शोधकर्ता और दार्शनिक हैं, जिनका कार्य विज्ञान, वेदांत, चेतना और अस्तित्व के बीच संवाद स्थापित करने की दिशा में केंद्रित है। Vedanta 2.0 के माध्यम से वे प्राचीन भारतीय प्रज्ञा को आधुनिक वैज्ञानिक, दार्शनिक और अस्तित्ववादी (Existential) परिप्रेक्ष्य में पुनर्पाठ करने का प्रयास करते हैं।
उनकी दृष्टि किसी धार्मिक सिद्धांत की स्थापना के बजाय जीवन, चेतना और अस्तित्व को प्रत्यक्ष अनुभव तथा संरचनात्मक चिंतन के आधार पर समझने पर केंद्रित है।
यह कार्य इस मूल प्रश्न से आरंभ होता है—
क्या जीवन को समझने के लिए हमें जीवन से बाहर किसी अंतिम उत्तर की आवश्यकता है, या जीवन स्वयं अपने उत्तर का प्रथम और प्रत्यक्ष आधार है?
इसी प्रश्न से Vedanta 2.0 में शून्य (0), वर्तमान, चेतना, द्वैत-अद्वैत, अस्तित्व और मानव अनुभव को एक समकालीन वैचारिक ढाँचे में देखने का प्रयास किया गया है।
Vedanta 2.0 ©
An independent philosophical framework exploring the synthesis of science, Vedanta and existential inquiry.
«प्राचीन प्रज्ञा को आधुनिक भाषा में दोहराना नहीं, बल्कि उसे वर्तमान मनुष्य के जीवन और अनुभव के प्रश्नों के सामने पुनः जाँचना—इसी दिशा में यह कार्य एक स्वतंत्र प्रयास है।»
https://www.vedanta2life.com