Hindi Quote in Poem by softrebel

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___नए युग की स्त्रियाँ___

मस्तिष्क में द्वंद्व, हृदय में तूफ़ान लिए बैठे हैं,
हाँ—हाल तुमने पूछा तो
होठों पे मुस्कान लिए बैठे हैं।

स्त्री हैं जाति के,
काँधे पे किसी और का मकान लिए बैठे हैं,
हर क़दम पर देखो—
हम तुम्हारा अहसान लिए बैठे हैं।

गोरे हैं, काले हैं—ये भेद बाद की बात है,
हाँ, हम जब से जन्मे हैं
तुम्हारी जान लिए बैठे हैं।

बोझ कहो या रखो जूते की नोक पर,
स्त्री हैं जाति के—
तुम्हारे घर का सारा सम्मान लिए बैठे हैं।

सह कर ढेरों अपमान,
तुम्हारे सीने का गुमान लिए बैठे हैं।

नए युग की स्त्रियाँ हैं हम,
विद्रोह हमारी प्रवृत्ति है—
विश्वास नहीं होता तो आज़मा कर देख लो,
पार्वती के अंग में
काली की ज़ुबान लिए बैठे हैं।
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Hindi Poem by softrebel : 112019902
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गांव की ज़िंदगी – सुकून का असली घर
गांव की ज़िंदगी – सुकून का असली घर

सुबह की पहली किरण जैसे ही खेतों पर पड़ती, पूरा गांव सुनहरी रोशनी से जगमगा उठता। पक्षियों की मधुर चहचहाहट, मंदिर की घंटियों की आवाज़ और ठंडी हवा मन को एक अलग ही शांति देती थी।

शहर में रहने वाली अनन्या कई साल बाद अपने दादा-दादी के गांव आई थी। शहर की भागदौड़, ट्रैफिक और मोबाइल की दुनिया में वह खुद को थका हुआ महसूस करती थी। गांव पहुंचते ही उसने देखा—हर चेहरे पर मुस्कान थी, हर घर का दरवाज़ा खुला था और हर इंसान एक-दूसरे का हाल पूछ रहा था।

एक सुबह दादाजी उसे खेतों में ले गए। हरी-भरी फसलें हवा के साथ झूम रही थीं। किसान मेहनत कर रहे थे, लेकिन उनके चेहरों पर संतोष साफ दिखाई दे रहा था।

अनन्या ने पूछा, "दादाजी, यहां लोगों के पास शहर जैसी सुविधाएं तो नहीं हैं, फिर भी ये इतने खुश कैसे हैं?"

दादाजी मुस्कुराए और बोले, "बेटी, खुशी बड़ी-बड़ी इमारतों में नहीं, बल्कि संतोष, अपनापन और प्रकृति के साथ जीने में होती है।"

उस दिन अनन्या ने बच्चों के साथ मिट्टी में खेला, पेड़ों की छांव में बैठकर कहानियां सुनीं, तालाब किनारे सूर्यास्त देखा और रात को खुले आसमान में अनगिनत तारों को निहारा।

जब वापस शहर लौटने का समय आया, तो उसके दिल में एक नई सोच जन्म ले चुकी थी। उसने समझ लिया कि जीवन का असली सुख केवल पैसा कमाने में नहीं, बल्कि अपनों के साथ बिताए गए पलों और प्रकृति के करीब रहने में है।

उसने तय किया कि चाहे वह शहर में रहे, लेकिन गांव की सादगी, प्रेम और शांति को हमेशा अपने जीवन का हिस्सा बनाए रखेगी।

सीख:
"सच्ची खुशी वहीं मिलती है, जहां मन को शांति, रिश्तों में अपनापन और प्रकृति का साथ मिलता है। गांव की सादगी ही जीवन की सबसे बड़ी दौलत है।" 🌿🌾

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