**“तू जो ख़ामोश है, ये भी तेरी एक ज़ुबान है…
मैं समझ लूँगी, ये मेरा तुझसे इम्तिहान है…
ना तू खुद को यूँ तन्हा समझ, ना ग़म को अपना मुक़द्दर मान,
कहीं ना कहीं कोई है… जो तेरे लिए हर दुआ में परेशान है…
तू चाहे दूर ही सही, पर ये यक़ीन दिल में रख,
तेरे हर दर्द का साया भी मुझसे होकर गुज़रता है…”**
piyu 7soul