AIMIM के विधायक रहे वारिस पठान के विवादास्पद बयान "हम 15 करोड़ हैं लेकिन हम 100 करोड़ पर भारी हैं" को आप किस तरह से देखते हैं?
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2014 के लोकसभा चुनावों से पहले की बात है, जब PMP10 के नेता अकबरुद्दीन ओवैसी ने कुछ इसी आशय का एक विभाजनकारी बयान दिया था। यदि ओवैसी का जूरी ट्रायल किया जाता तो यह 100% तय था कि उसे हफ्ते भर में ही कम से कम 3 से 5 साल की जेल हो जाती।
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तब PMP02 के सभी नेताओं एवं कार्यकर्ताओ ने अकबरुद्दीन ओवैसी के जूरी ट्रायल का विरोध किया था। दरअसल, वे इस हेट स्पीच को भारत के प्रत्येक हिन्दू तक पहुँचाने का टार्गेट* लेकर काम कर रहे थे !!
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हिन्दू जब – “लोग-बाग़ बोल रहे है कि मोड़ी वजीरे आजम बन जायेगा। देखते है कि कईसा बनता है” डायलॉग सुनता था, तो इसे चुनौती की तरह लेता था, और यह तय कर लेता था कि पीएम तो मोदी ही बनना चाहिए !! इस अकेली हेट स्पीच ने PMP02 के नेता के खाते में लगभग 5 करोड़ वोट जोड़ दिए थे !!
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लगभग 3 करोड़ वोट मोदी साहेब के खाते में पेड रविश कुमार एवं पेड राजदीप सरदेसाई ने जोड़े थे। इन दोनों आदमियों को 2013 में यह पेमेंट मिलनी शुरू हुयी कि वे गोधरा काण्ड को फिर से जिन्दा करें, और हिन्दुओ को यह सूचना दें कि मोदी साहेब एंटी मुस्लिम एवं हिंदूवादी है !!
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दोनों ने यह काम बेहद सफाई से किया !! पेड रविश कुमार आज भी इसी लाइन पर प्रसारण करने की पेमेंट ले रहे है। वे अपने किसी भी एपिसोड में हिन्दुओ को यह सूचना देना नहीं भूलते कि मोदी साहेब हिंदूवादी है !! और यह सुनकर हिन्दू मोदी साहेब की और जाना शुरू कर देते है। ( भारत में कितने प्रतिशत हिन्दू है ? 80% !! )
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यह ध्रुवीकरण एवं प्रतिध्रुविकरण का सीधा फार्मूला है। यदि आप हिन्दुओ को किसी एक ध्रुव पर इकट्ठा करना चाहते है तो आपको दो तरह के समूह चाहिए होते है –
ध्रुवीकरण करने वाला समूह A : ऐसे नेता जो हिन्दुओ को ध्रुव X की तरफ खींचेंगे
प्रतिध्रुविकरण करने वाला समूह B : ऐसे नेता जो हिन्दुओ को ध्रुव X की तरफ धकेलेंगे
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यदि समूह B के नेता हिन्दुओ को धकेलते नहीं है तो हिन्दुओ को खींचने की समूह A के नेताओं की क्षमता घटती जाएगी, और हिन्दुओ को लगेगा कि समूह A के नेता ध्रुवीकरण करने के लिए हिन्दुवाद को जाया तौर पर बेच रहे है।
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दुसरे शब्दों में, मोदी साहेब एवं श्री अमित शाह जैसे नेताओ को टिकाये रखने के लिए ओवैसी, वारिस पठान, ममता बनर्जी, मुलायम सिंह जैसे समूह B के नेताओ का होना जरुरी है। यदि समूह B के नेता प्रभावी ढंग से कार्य नहीं कर रहे है तो उन्हें पेड मीडिया का इस्तेमाल करके टुकड़े टुकड़े गैंग, शरजिल इमाम और इस तरह के टोकन जमूरो को प्लांट करना पड़ेगा, ताकि संतुलन बनाकर रखा जा सके। ध्रुवीकरण की गाड़ी में दो पहिये होते है, यदि दुसरे पहिये में हवा कम होने लगे तो रफ़्तार धीमी हो जाती है।
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भारत में साम्प्रदायिक अलगाव बढ़ाना पेड मीडिया के प्रायोजको का एजेंडा है, और वे अपनी पार्टियों एवं नेताओं का इस्तेमाल ऐसा करने में कर रहे है। जैसे जैसे ईरान एवं अमेरिका में तनाव बढेगा वैसे वैसे भारत में भी हिन्दू-मुस्लिम तनाव एवं अलगाव बढ़ता चला जाएगा।
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मेरा बिंदु यह है कि, यदि 2013 में ओवेसी का जूरी ट्रायल एवं सार्वजनिक नार्को टेस्ट हो जाता तो पिछले 7 वर्षो से भड़काऊ बयानों का जो सिलसिला आप देख रहे है, वह शुरू होते ही ख़त्म हो जाता था !!
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PMP10 के नेता वारिस पठान के बयान पर मेरा स्टेंड :
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मेरा मानना है कि, यह बयान स्क्रिप्टेड है। पठान को किसने यह बयान देने को कहा इस बारे में मैं पक्के तौर पर कुछ कह नहीं सकता। इसके लिए मेरा प्रस्ताव निम्नलिखित है :
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मुंबई की मतदाता सूची में से 250 नागरिको की जूरी बुलायी जाये और पठान को इस जूरी के सामने पेश किया जाए। जूरी बहुमत से यह तय करेगी कि पठान का सार्वजनिक नार्को टेस्ट लिया जाना चाहिए या नहीं। यदि मुझे जूरी में आने का अवसर मिलता है तो मैं पठान से एक भी सवाल पूछे बिना इसका सीधा नार्को टेस्ट लेने की अनुशंषा करूँगा। ज्यादातर सम्भावना है कि नारको टेस्ट के इंजेक्शन में सोडियम पेंथानोल की दवाई भरी जा रही होगी उसी समय पठान सब कुछ बोलना शुरू कर देगा और सुई लगाने की नौबत नहीं आएगी।
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साथ ही मैं पठान पर निम्नलिखित दंड लगाने के लिए वोट करूँगा :
वारिस पठान पर उसकी संपत्ति का 20% आर्थिक दंड के रूप में वसूला जाए
1 वर्ष का कारावास (यदि कोई साजिश नहीं पायी जाती है तो)
उसे जेल से छूटने के बाद अगले 3 माह तक किसी भी टीवी चेनल पर आने की अनुमति नहीं होगी
यदि यह बात सामने आ जाती है कि पठान को यह बयान देने के लिए किसने कहा था तो वारिस पठान की सजाएं 3 गुना हो जाएगी एवं सूत्रधार को भी यही सजाएं मिलेगी।
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पठान को यदि जूरी दण्डित कर देती है तो आप देखेंगे कि अगले दिन से भारत में कोई भी नेता साम्प्रदायिक तनाव भड़काने वाले बयान देने की हिम्मत नहीं दिखाएगा !!
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वारिस पठान द्वारा 3 मार्च 2019 को यह फ़ोटो पोस्ट की गयी थी !! साथ में PMP02 यानी संघ के नेता पियूष गोयल एवं डेविड फड़नवीस भी है।
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(i) पियूष गोयल, जिनका कहना है कि — ला इलाहा इल्ल्लाह.... रसूलउल्लाह ( कलमा ) मेरे दिल के बेहद करीब है, और रोज जब मैं पूजा करता हूँ तो यह कलमा अवश्य पढता हूँ !!
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37 सेकेण्ड का यह वीडियो देखें - Union Minister Piyush Goyal : I recite "La ilaha illallah Muhammadur rasulullah" every morning
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( मैं किसी के धार्मिक विश्वास में दखल नहीं करता, अत: मैं यहाँ उनके कलमा पढ़ने को मुद्दा नहीं बना रहा हूँ। मैं सिर्फ एक सूचना रख रहा हूँ। ताकि आम पाठक इससे सूचित रहे।)
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(ii) देवेन्द्र फड़नवीस ने जब से पेड मीडिया के प्रायोजको ( बहुराष्ट्रीय कंपनियों के मालिक एवं मिशनरीज ) के निर्देश पर महाराष्ट्र के मंदिरों को टेक ओवर करना शुरू किया ताकि मंदिरों की संपत्ति बेचकर पैसा उगाया जा सके, तब से वे डेविड फड़नवीस के नाम से भी जाने जाते है। डेविड फड़नवीस ने महाराष्ट्र के 4,000 मंदिर ट्रस्टो की जमीन हथियाने के आदेश गेजेट में छापे थे
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State govt. to allow sale of temple land
इसके अलावा डेविड फड़नवीस ने मुख्यमंत्री रहते हुए मिशनरीज को आगे बढाने के लिए काफी प्रयास किये थे। उदाहरण, के लिए मुंबई में कोई आचार्य विकास मैसी कन्वर्जन के वर्क शॉप चला रहे थे, तो डेविड फड़नवीस ने अपने नेताओ को आदेश किये थे कि वे जनता को इस कार्यक्रम में शिरकत करने को कहे ताकि यीशु का सन्देश ज्यादा से ज्यादा लोगो तक पहुँचाया जा सके।
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हालांकि अब मध्य प्रदेश में PMP01 के नेता कमलनाथ जब अपने प्रायोजको के निर्देश पर मंदिरों की जमीन हथिया रहे है तो PMP02 के नेता कमलनाथ के इस फैसले का विरोध कर रहे है !!
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कमलनाथ सरकार मकान-दुकान बनाने के लिए मंदिरों की जमीन बिल्डर्स को बेचेगी ]
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[ टिप्पणी : फोटो में PMP10 के नेता वारिस पठान PMP02 के नेताओं के साथ नजर आ रहे है, किन्तु इस चित्र से मेरा आशय यह नहीं है कि, PMP02 के नेता डेविड फड़नवीस के कहने पर वारिस पठान ने यह बयान दिया है, या फिर वारिस पठान डेविड फड़नवीस के कंट्रोल में काम करते है। दरअसल, दोनों का प्रायोजक पेड मीडिया है, और वे सीधे पेड मीडिया के मालिको को ही रिपोर्ट करते है। इस तरह के बयान देने के लिए जजों पर कंट्रोल चाहिये। वर्ना जज पठान को 2 साल के लिए जेल में डाल देगा। हमारे जज भी सीधे पेड मीडिया के मालिको को रिपोर्ट करते है, अत: इस तरह की हरकत आदमी सिर्फ तभी कर सकता है, जब पेड मीडिया के प्रायोजक उसे निर्देश दें !! ]
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समाधान ?
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भारत के जिन कार्यकर्ताओ को हिन्दू-मुस्लिम तनाव भड़काने वाले इस सिलसिले को रोकने में रुचि है, उन्हें जूरी कोर्ट एवं सार्वजनिक नार्को टेस्ट के क़ानून को गेजेट में छपवाने को गंभीरता से लेना शुरू करना चाहिए। जूरी कोर्ट गेजेट में आने 24 घंटे के अंदर तनाव भड़काने वाला यह सारा तमाशा बंद हो जायेगा। क्योंकि तब आग लगाने वाले बयान देने वाले नेता जान जायेंगे कि अब उनके प्रायोजक उन्हें बचाने की क्षमता खो चुके है।
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पेड मीडिया पार्टियों का वारिस पठान के बयान पर स्टेंड :
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पेड मीडिया द्वारा प्रायोजित सभी पार्टियाँ एवं उनके नेता वारिस पठान को जूरी के सामने पेश किये जाने एवं उसका सार्वजनिक नार्को टेस्ट लेने के सख्त खिलाफ है। आपको यदि विश्वास न हो तो आप खुद उनके नेताओ से इस बारे में ट्विटर पर पूछ सकते है। वे यही कहेंगे कि न तो वारिस पठान को नागरिको की जूरी के सामने पेश किया जाना चाहिए और न ही उसका सार्वजनिक नार्को टेस्ट होना चाहिए !! उनका साफ़ स्टेंड है कि, वारिस पठान का मुकदमा जज ही सुनेगा।
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पेड मीडिया पार्टियों के सभी कार्यकर्ता एवं बुद्धिजीवी भी वारिस पठान के जूरी ट्रायल एवं सार्वजनिक नार्को टेस्ट के खिलाफ है। वे वारिस पठान को गालियाँ देंगे, और वारिस पठान के बयान का इस्तेमाल हिन्दुओ का खून गरम करने में करेंगे।
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दरअसल, आप आस पास नजर डालेंगे तो अपने चारो तरफ उन्ही लोगो को पायेंगे जो समाधान की अवहेलना करके इस तरह की घटनाओं का इस्तेमाल साम्प्रदायिक तनाव बढाने में कर रहे है !! और इनमे से कई लोगो को इस बात का अहसास तक नहीं है। और यही पेड मीडिया की ताकत है।
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( PMP = पेड मीडिया पार्टी। PMP01 - कोंग्रेस, PMP02 - संघ=बीजेपी , PMP03 - आम आदमी पार्टी, PMP10 - आल इण्डिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लमीन ( AIMIM )
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