Hindi Quote in Poem by Ritu Kumari

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मन में एहसास क्यों है?
भीतर एक अनकहा सा शोर है,
ख्यालों की बहती एक महीन डोर है।
सीने में धड़कती इस साँस के साथ,
न जाने कैसा यह अनसुलझा अहसास है?
कभी आँखों में अकारण उमड़ती नमी है,
सब कुछ होकर भी जाने किसकी कमी है।
हज़ारों की भीड़ में जो तन्हा कर दे,
बताओ यह कौन सा गहरा अहसास है?
क्या यह बीते हुए कल की कोई पुकार है?
या आने वाले कल का अधूरा इंतज़ार है?
जो बिना बोले ही बहुत कुछ कह जाता है,
दबे पाँव आकर रूह में समा जाता है।
कभी यादों की छाँव, कभी धूप सा जलाए,
यह अहसास ही तो इंसान को इंसान बनाए।
अगर न होता यह अहसास हमारे इस मन में,
तो हम महज़ पत्थर हो जाते इस जीवन में।
दुख में इन पलकों का चुपचाप भीग जाना,
सुख की छोटी सी आहट पर मुस्कुराना,
किसी और की तकलीफ देखकर दिल का पिघलना,
और गिरकर फिर नई उम्मीद से सँभलना।
यह सब इस बात की गवाही देता है,
कि दिल के कोने में कोई अहसास रहता है।
यह अहसास ही हमें अपनों से जोड़ता है,
सहानुभूति की डोर से दिलों को बाँधता है।
ज़िंदगी की इस बेरंग और भागदौड़ भरी राहों में,
यही तो चुपके से मीठे रंग घोलता है।
ना होता यह तो कोई किसी के लिए न रोता,
ना प्यार की भाषा होती, ना कोई सपना होता।
कभी यह मीठी सी टीस बनकर सताता है,
तो कभी अंधेरों में उम्मीद का दिया जलाता है।
यह भावना ही तो रूह का सच्चा संगीत है,
जो हर दिल में बसता एक अनकहा गीत है।
जब रिश्तों की डोर कभी ढीली पड़ने लगती है,
यह अहसास ही तो चुपके से उसे थाम लेता है।
गैरों के दर्द में जो बहता है आँसू बनकर,
इंसानियत का वही तो असली पैगाम देता है।
ना हो अगर अहसास तो यह दुनिया सूनी हो जाए,
हर मुस्कान झूठी और हर आँख कोरी हो जाए।
यह वो अदृश्य धागा है जो जग को जोड़े है,
हर टूटते हुए दिल को फिर से मोड़े है।
कभी राहों में बिखरी खामोशी को पढ़ लेता है,
कभी बिन कहे ही दूसरों का हाल समझ लेता है।
यही तो सिखाता है हमें निस्वार्थ प्रेम करना,
बिना किसी शर्त के दूसरों के लिए जीना।
जब रातों को नींद आँखों से रूठ जाती है,
और खयालों की एक नई दुनिया सज जाती है,
तब यही अहसास बनकर हमसफ़र साथ चलता है,
अंधेरे कमरों में भी एक चिराग सा जलता है।
यह न हो तो शब्दों का कोई मोल न रहे,
फिर काव्यों में मिठास और गीतों में बोल न रहे।
चित्रकार की तुलिका का रंग फीका पड़ जाए,
और कवि की कल्पना का अंत हो जाए।
इसलिए बहने दो इस अहसास की पावन धारा को,
महसूस करने दो मन के हर छोटे-बड़े इशारे को।
इसे रोको मत, यह कोई बोझ या दर्द नहीं,
यह तो हमारी ज़िंदादिली का सबसे बड़ा सबूत है।
कि हमारा दिल आज भी धड़कता है,
हर सुख-दुख को गहराई से महसूस करता है,
और इस पूरी दुनिया को अपनी आगोश में,
सच्ची संवेदनाओं के साथ समेटने की ताक़त रखता है

Hindi Poem by Ritu Kumari : 112032822
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