जहाँ प्रेमचंद जी बिकते हैं 12 रुपये किलो, वहाँ साहित्य प्रेमी क्या करे?
हमने साहित्य से इतना प्रेम कर लिया, कि बाजार ने उसकी कीमत ही 12 रुपये लगा दी!
साहित्य का सर्कस - 3 : प्रेमचंद जी बिकते 12 रुपये किलो
ये चैप्टर 18 September, 12 AM को Live होगा
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साहित्य ने तो हमें अमीर बनाया था,
पर रील ने उसे 12 रुपये किलो में तुलवा दिया।