Mere Ishq me Shamil Ruhaniyat he - 65 in Hindi Love Stories by kajal jha books and stories PDF | मेरे इश्क में शामिल रुमानियत है एपिसोड 65

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मेरे इश्क में शामिल रुमानियत है एपिसोड 65

❤️ मेरे इश्क़ में शामिल रुमानियत है – एपिसोड 65 




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दरवाज़े पर लगातार चोटें पड़ रही थीं—
तेज़, भारी, और बेचैन कर देने वाली।

ठक-ठक-ठक!!

बारिश की आवाज़ें भी उस शोर को ढँक नहीं पा रही थीं।

आरव ने अनन्या को पीछे किया और अपनी उँगली होठों पर रखकर उसे चुप रहने का इशारा किया।
उसकी आँखों में अचानक वही पुरानी सख़्ती वापस आ गई थी—
वही खतरनाक तेवर जो उसने दबी हुई परतों में छिपा रखा था।

आरव:
"तुम यहाँ ही रहो। मैं देखता हूँ।"

लेकिन दरवाज़ा खुद ही एक ज़ोरदार आवाज़ के साथ खुल गया—

धड़ाम!!

और अंदर आया…
रणवीर।


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💫 1. हादसा या कोई चाल?

रणवीर की साँसें तेज़ थीं, कपड़े गीले, और चेहरा पूरा डरा हुआ।

अनन्या ने घबराकर पूछा—
"रणवीर?! आप यहाँ रात के इस समय… क्या हुआ?"

रणवीर ने अंदर आते ही दरवाज़ा बंद किया और हाँफते हुए बोला—

"आरव… हमें बड़ी परेशानी हो गई है।
वो लोग… वो लोग तुम्हें मारने आ रहे हैं!"

अनन्या ने डर से आरव का हाथ पकड़ लिया।

आरव ने शांत आवाज़ में पूछा—
"कौन लोग?"

रणवीर काँपती आवाज़ में—

"तुम्हारे दुश्मन…
जिनसे तुमने सालों पहले दुश्मनी ली थी।
वो वापस आ गए हैं, और इस बार…
वो तुम्हें खत्म किए बिना नहीं रुकेंगे।"

अनन्या की साँसें एक पल को रुक गईं।
उसने कांपती हुई आवाज़ में कहा—

"आरव… आपने उनसे क्या किया था?"

आरव ने उसकी ओर देखा—
एक ऐसा नज़रिया जिसमें सच्चाई और दर्द दोनों थे।

आरव:
"मैंने वो किया… जो अगर नहीं करता तो आज तुमसे मिलने की किस्मत ही नहीं बचती।"


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💫 2. अतीत का तूफ़ान — आरव की कहानी

रणवीर अब थोड़ा सँभल चुका था।

"अनन्या…
आरव ने बहुत लोगों की जान बचाई थी,
लेकिन इसी के साथ… बहुत-से दुश्मन भी बना लिए थे।
एक गैंग जिसने आरव के खिलाफ कसम खाई थी—
वो अब फिर से शहर में घूम रहे हैं।"

अनन्या सुन्न हो गई।

"पर अभी? अभी क्यों?"

रणवीर ने कहा—

"क्योंकि उन्हें पता चल गया है…
कि आरव की कमजोरी कौन है।"

अनन्या ने बस एक नाम सुना—
कमजोरी।
और समझ गई कि बात किसकी हो रही है।

आरव तुरंत बोला—

"मेरी कमजोरी कोई नहीं।
मैं खुद ऐसा नहीं मानता।"

रणवीर ने हल्की मुस्कान के साथ कहा—

"तुम मानो या ना मानो,
पर वो मानते हैं।"

अनन्या का दिल धड़क उठा।
उसके चेहरे पर डर साफ दिख रहा था।


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💫 3. अनन्या — आरव की ढाल या खतरा?

रणवीर ने आगे कहा—

"अभी कुछ देर पहले मैंने उनके दो लोगों को देखा।
वो यहाँ की तरफ आ रहे थे।
तुम्हें जल्दी निकलना होगा।"

अनन्या ने एक कदम आगे बढ़ते हुए कहा—

"नहीं!
आरव कहीं नहीं जाएगा!
मैं उसे फिर से खोने नहीं दूँगी।"

आरव ने उसका हाथ पकड़कर धीरे से दबाया—

"मैं खोऊँगा नहीं…
पर अगर तुम बीच में आ गईं तो तुम्हें ज़रूर खो दूँगा।"

अनन्या की आँखें भर आईं—

"आपकी वजह से मरना पड़ जाए तो भी चलेगा…
पर आपकी मौत देखने की हिम्मत नहीं है मुझमें।"

आरव ने उसकी ठुड्डी उठाई—

"मरने की बात नहीं करते।
मैं तुम्हें अकेला छोड़कर कहीं नहीं जा रहा।
लेकिन मुझे एक बात वादा करो—
जो मैं कहूँगा, वही करोगी।"

अनन्या ने आँसू पोंछते हुए सिर हिलाया—
"हाँ।"


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💫 4. तूफ़ान दरवाज़े पर था

रणवीर ने खिड़की से बाहर झाँका—
कुछ परछाइयाँ पास आते दिखीं।

"आरव… वो लोग आ गए!"

अनन्या का गला सूख गया।

आरव ने तुरंत खिड़की बंद की, लाइट्स बंद कीं और कहा—

"रणवीर, तुम अनन्या को लेकर पीछे वाले कमरे में जाओ।
मैं थोड़ा वक्त खरीदता हूँ।"

अनन्या ने उसका हाथ कसकर पकड़ा—

"नहीं… मैं आपको अकेला नहीं छोड़ सकती।"

आरव उसके करीब आया—
उसकी आवाज़ नरम थी, पर आदेश जैसी मजबूत।

"अनन्या…
तुम्हारा यहाँ होना मेरे लिए जानलेवा है।
जाओ।"

अनन्या का दिल विरोध कर रहा था,
लेकिन उसकी आँखों ने हार मान ली।

रणवीर ने उसे पकड़कर पीछे ले जाना चाहा…
पर तभी—

धड़ाम!!!

बाहर से किसी ने दरवाज़ा जोर से तोड़ने की कोशिश की।

बारिश तेज़ हो चुकी थी।
हवा चीख रही थी।
और अंदर तीनों की साँसें भारी हो चुकी थीं।


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💫 5. अनन्या का इनकार — प्यार की हद

रणवीर ने एक बार फिर खींचा—

"चलो अनन्या!"

लेकिन इस बार अनन्या ने उसका हाथ झटक दिया।

"नहीं!
मैं भागूँगी नहीं!
आरव मुझे बचाने के लिए अपनी जान जोखिम में डाले…
और मैं पीछे किसी कोने में छिप जाऊँ?
मैं ऐसी नहीं हूँ।"

आरव ने उसे घूरा—
"अनन्या—"

"नहीं!
या तो मैं आपके साथ रहूँगी…
या फिर जो होना होगा, यहीं साथ होगा।"

आरव के चेहरे पर झुंझलाहट आई…
पर उसकी आँखों में गर्व।

वो उसके पास आया, एक पल के लिए उसके माथे पर होंठ रखे और बोला—

"तो फिर पास ही रहना…
बहुत पास।"


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💫 6. दरवाज़ा टूटने से पहले

बाहर से एक भारी आवाज़ आई—

“आरव!!! निकल बाहर!”

किसी ने दरवाज़े पर लात मारी।
लगभग टूट चुका था।

अनन्या ने डर से आरव का हाथ कसकर पकड़ा।
आरव ने धीरे से फुसफुसाया—

"डरो मत।
मैं हूँ ना।"

रणवीर ने बंदूक निकाल ली।

अनन्या ने काँपती आवाज़ में कहा—

"क्या… ये रात आखिरी होगी?"

आरव ने उसकी आँखों में देखते हुए जवाब दिया—

"नहीं। ये रात हमारी लड़ाई की शुरुआत है।
और मैं किसी को तुम्हें छूने भी नहीं दूँगा।"

दरवाज़ा एक आखिरी वार झेल रहा था—

धम्म्म्म!!!!

और अगले ही पल…

दरवाज़ा गिर गया।


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💥 एपिसोड 65 का ट्विस्ट हुक

दरवाज़े के टूटते ही अंदर आए तीन नक़ाबपोश लोग—
हथियारों के साथ।

लेकिन सबसे आगे खड़ा व्यक्ति…
न नक़ाब पहने था
न कुछ छिपा रहा था।

अनन्या की आँखें फैल गईं।

"आप…??"

आरव भी अवाक रह गया।

वो शख्स कोई और नहीं…
आरव का बड़ा भाई – आर्यन था।

लेकिन उसकी आँखों में प्यार नहीं—
नफ़रत थी।

आर्यन:
"आरव…
ये हिसाब आज पूरा होगा।
और ये लड़की…
सबसे बड़ी वजह है।"