उनका चेहरा
कैसा जादू है चेहरे में उनके,
कि नज़र हटती ही नहीं।
क्यों हर धड़कन मेरी
बस उन्हीं के नाम लिखी है कहीं।
बेवजह नहीं, ये इश्क़ है शायद,
जो उनसे बातें करवाता है।
हर लफ़्ज़ में उनका नाम
मेरे होंठों तक चला आता है।
आँखों में उनकी है चमक ऐसी,
बिन बोले सब कह जाती हैं।
नाक उनकी है थोड़ी नखरे वाली,
और वो है मासूम सा उनका गुरूर।
उनके होने भर से ही
हर लम्हा लगता है भरपूर।
होठों पर सजी उनकी मुस्कान
सबसे हसीन तोहफ़ा है।
मैं देखूँ उन्हें जितना भी,
दिल कहे—अब भी कम देखा है।
जब वो दूर होते हैं मुझसे,
साँसें थम सी जाती हैं।