Gujarati Quote in Thought by Vishakha Mothiya

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મેં Home Alone ક્યારેય જોઈ નહોતી અને Catherin O' Hara (કેથરિન ઓ' હારા) વિશે પણ નહોતી જાણતી. પણ જ્યારે કેથરિન ઓ' હારાના મૃત્યુની લગતી પોસ્ટ્સ ઈન્સ્ટાગ્રામ પર જોઈ ત્યારે ભાવુક થઈ ગઈ હતી. ખાસ કરીને ત્યારે, જ્યારે Macaulay Culkin (home alone's kevin) એ એની Home Alone મમા Catherin O' Hara ના મૃત્યુ પર જે પોસ્ટ લખી હતી.એ પોસ્ટનું લખાણ આંખ ભીંજવી દે એવું હતું. Home Alone માં Catherin O' Hara એ Macaulay Culkin ની મમ્મીનો રોલ કર્યો હતો.

Catherin O' Hara ના ચહેરા પર kindness અને motherhood ભારોભાર છલકાતું જોવા મળ્યું હતું. Home Alone પૂરા થયાના ઘણા વર્ષો પછી જ્યારે Macaulay Culkin જ્યારે Catherin O' Hara ને મળે છે ત્યારે એને Mumma કહીને બોલાવે છે. અને Macaulay Culkin ને જ્યારે હોલિવુડ વોક ઓફ ફેમનો એવોર્ડ મળ્યો,ત્યારે એની મમા Catherin O' Hara ની સ્પીચ પણ હરખભેર આંસુ આવે એવી હતી.

એટલા માટે જ કહેવાય છે કે - Be Kind Always.Because kind people are always remembered.

હવે જ્યારે સમય મળે ત્યારે Home Alone જોઈશ.

- Vishakha

Gujarati Thought by Vishakha Mothiya : 112015390
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गांव की ज़िंदगी – सुकून का असली घर
गांव की ज़िंदगी – सुकून का असली घर

सुबह की पहली किरण जैसे ही खेतों पर पड़ती, पूरा गांव सुनहरी रोशनी से जगमगा उठता। पक्षियों की मधुर चहचहाहट, मंदिर की घंटियों की आवाज़ और ठंडी हवा मन को एक अलग ही शांति देती थी।

शहर में रहने वाली अनन्या कई साल बाद अपने दादा-दादी के गांव आई थी। शहर की भागदौड़, ट्रैफिक और मोबाइल की दुनिया में वह खुद को थका हुआ महसूस करती थी। गांव पहुंचते ही उसने देखा—हर चेहरे पर मुस्कान थी, हर घर का दरवाज़ा खुला था और हर इंसान एक-दूसरे का हाल पूछ रहा था।

एक सुबह दादाजी उसे खेतों में ले गए। हरी-भरी फसलें हवा के साथ झूम रही थीं। किसान मेहनत कर रहे थे, लेकिन उनके चेहरों पर संतोष साफ दिखाई दे रहा था।

अनन्या ने पूछा, "दादाजी, यहां लोगों के पास शहर जैसी सुविधाएं तो नहीं हैं, फिर भी ये इतने खुश कैसे हैं?"

दादाजी मुस्कुराए और बोले, "बेटी, खुशी बड़ी-बड़ी इमारतों में नहीं, बल्कि संतोष, अपनापन और प्रकृति के साथ जीने में होती है।"

उस दिन अनन्या ने बच्चों के साथ मिट्टी में खेला, पेड़ों की छांव में बैठकर कहानियां सुनीं, तालाब किनारे सूर्यास्त देखा और रात को खुले आसमान में अनगिनत तारों को निहारा।

जब वापस शहर लौटने का समय आया, तो उसके दिल में एक नई सोच जन्म ले चुकी थी। उसने समझ लिया कि जीवन का असली सुख केवल पैसा कमाने में नहीं, बल्कि अपनों के साथ बिताए गए पलों और प्रकृति के करीब रहने में है।

उसने तय किया कि चाहे वह शहर में रहे, लेकिन गांव की सादगी, प्रेम और शांति को हमेशा अपने जीवन का हिस्सा बनाए रखेगी।

सीख:
"सच्ची खुशी वहीं मिलती है, जहां मन को शांति, रिश्तों में अपनापन और प्रकृति का साथ मिलता है। गांव की सादगी ही जीवन की सबसे बड़ी दौलत है।" 🌿🌾

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