अंदर जो है
गीत
हा। हा। हा।।।। हा।।
हु ।।।।
अंदर जो है
वह टूटे दिलों की शोर है
और चलेंगे हम केसे
केसे आगे बढ़ेंगे हम
कोई उम्मीद नहीं इन आंखों में जिंदगी की
हां
कोई उम्मीद नहीं इन आंखों में जिंद गी की
हा। हा। हा। ।।हा।।।
हु। ।।।।
आंख खाली है दर्द से भरी है
बेचैन मनको राहत नहीं है
कुछ भी अब ऐसा नहीं है
सांस है बस
मुझे जीने के लिए कहे
कुछ भी ऐसा नहीं है
सांस है बस
जो चल रहा रुक रुक कर
हु।।।।।।
हा।।।।
अंदर जो है दिल की शोर है
जख्मी दिलों में ना जीने की कोई जोर है
हु हु ।।।।हु ।।
हा हा हा ।।।।हा ।।।।
रूह तड़पती है आंखें बरसती है
धड़कन गरजती है
कोई तो सुन
सोर दिलों की
अं। दर सगुन नहीं है
हा ।।।।।। हु।।।।।
हालांकि कोई सुनेगा हमको
यह उम्मीद भी नहीं है
ठहरे हुए सांस ठटकती हुई बदन
लड़खराती हुई कदम
चला जहां में डोलता जहां में
हवा की तरह यह मन
हु ।।हु। हु।। हु।।।।
हा।।।।।
खामोशी बांधे हुए होंठ बैठे
होठों से सिसकियां भी ना निकले
टुटे दिल शोर मचाए
जुबान से आ भी ना निकले
हु हु। हु।।। हु।।।
हु।।।। हु।।। हु।।।
आगे की जिंदगी आगे तुम देखो
हम ठहर गए हैं
ठेहरी सांसों की तरह
मिलने से रही आज में
बरसे पुराने
किताबों की पन्ने खंगालो
देखो लिखे होंगे हम
दर्दन से लिपटे हुए उन में
हा।।।।।
दर्द जो हमारे पलके बंद करे
गम जो हमारे सांस छीन ले
यह तरफ़ जो हमें जिंदा चिता पर जला दे
हा। ।।हा।।। हा। ।।।
वह सब सहे हैं हमने
फिर भी उंगलियों पर दिन गिन हैं हमने
उमर बीताई है अकेलेपन में
हु। हु। हु।।
हा। हा। हा। ।।। हा।।।
फिर उम्मीद कैसे होगी जिंदगी से और
हमने ख्वाब को अधूरे रहते देखा
उम्मीद के मेहल को ढलते देखा
हमने देखा जिंदगी किकिऐ
खुद पर हजारों सितम
हु। हु। हु। ।। हु।।
अब नहीं ताकत बची
नहीं सहे सकते और गम को हम
जिंदगी अंधेरी कमरों में गुजारा है
रोशनी से नहीं है रुबरुह हम
हु। हु। हु।।।हु।।।।
हा।।।।
अंदर जो है खालीपन हूं
अधूरी इच्छाओं टूट के बिखरे हुए मन
अब थक गई अब कहूं मैं
बस कर तू भगवान
अंदर जो है
वो टूटे दिलों की सोर है
थकी हुई पलके
बुझी हुई जिंदगी की मार है