#07 सरकारी जमीन किराया बँटवारा
(सरकारी जमीन का किराया सीधे नागरिको के खातों में भेजने का प्रस्ताव)
इस कानून का उद्देश्य सरकारी स्वामित्व वाले उन सभी भूखंडों को बाजार में लाना है जो सरकार एवं जनता के किसी भी उपयोग में नहीं आ रहे है। निचे इस प्रस्तावित कानून के मुख्य बिंदु दिए गए है। हेश: #SaJaKiBa
(1)
इस कानून के लागू होने पर केंद्र एवं राज्य सरकार के स्वामित्व वाले ऐसे सभी भूखंड जो आज खाली पड़े है, को 5 से 25 वर्ष की अवधि की लीज पर दिया जाएगा। इस भूमि से प्राप्त किराए से इकट्ठा हुयी राशि सभी भारतीयों में बराबर बटेंगी। प्रत्येक भारतीय को यह राशि हर महीने सीधे बैंक खाते में जमा कर दी जायेगी।
> उदाहरण के लिए दिल्ली 1500 करोड़ स्क्वायर फुट में फैली हुई है, और इसमें से 300 करोड़ स्क्वायर फुट जमीन सरकार के पास खाली पड़ी है। और इसी तरह सरकार के पास पूरे भारत में (अहमदाबाद में 50 करोड़ स्क्वायर फुट, जयपुर में 70 करोड़ स्क्वायर फुट) कीमती जमीनें है, जिनका कोई इस्तेमाल नहीं हो रहा। यह सारी जमीन किराए / लीज पर दे दी जायेगी।
(2)
जमीनों को किराए पर देकर पैसा इकठ्ठा करने वाला राष्ट्रिय किराया अधिकारी वोट वापसी पासबुक के दायरे में होगा। यदि किराया अधिकारी ठीक से काम नहीं कर रहा है तो नागरिक बोट वापसी पासबुक का प्रयोग करके उसे बदलने के लिए अपनी स्वीकृति दे सकेंगे।
> यदि किराया अधिकारी को वोट वापसी पासबुक के दायरे में नहीं लाया गया तो किराया अधिकारी कीमती जमीनों को किराए पर नहीं देगा और कोई न कोई बहाना बताकर उनके दबा कर बैठा रहेगा, ताकि इच्छित क्षेत्र में कीमतें बढ़ने से स्थानीय बिल्डर एवं भू माफिया को फायदा हो। वोट वापसी पासबुक के दायरे में न होने पर वह किराए / लीज़ आदि की बोली लगाने में भी घपले करेगा।
(3)
यदि किराया अधिकारी या उसके स्टाफ के खिलाफ घपले आदि की कोई शिकायत आती है तो सुनवाई करने और दंड देने की शक्ति सरकार के आदमी (जज आदि) के पास न होकर नागरिक समूह (जूरी मंडल) के पास रहेगी। जूरी सिस्टम होने से भू माफिया जजों से गठजोड़ नहीं बना सकेंगे।
इस क़ानून के आने ने निम्नलिखित परिवर्तन आयेंगे :
a) बाजार में आपूर्ति बढ़ने से जमीन के दाम 50% तक कम हो जायेंगे अतः जन सामान्य कम कीमतों पर घर/दूकान हेतु जमीन खरीद सकेगा।
b) जिन व्यक्तियों ने रहने या कारोबार के लिए जमीन किराए पर ले रखी है उन्हें 2000 से 10,000 रू महीना की बचत होगी।
c) सरकारी जमीन के किराए से प्राप्त होने वाली राशि नागरिको को मिलने से नागरिको को प्रति माह 400 से 500 रू की आय होगी।
इस क़ानून का पूरा ड्राफ्ट दिए गए QR कोड़ से डाउनलोड करें या इस लिंक पर जाएं - Tinyurl.com/Khamba2
राजवर्ग प्रजा के अधीन रहना चाहिए, वर्ना वो प्रजा को लूट लेगा और राज्य का विनाश होगा - अथर्ववेद
Pg 17 of 20