🌙 ज़िंदगी की किताब 🌙
हर सुबह एक नया सवेरा है,
हर शाम कोई सुनहरा बसेरा है।
गिरकर जो फिर से संभल जाए,
असल में वही तो जीना सीख गया है।
ख़्वाब अगर टूट भी जाएँ कभी,
उम्मीद का दिया बुझने न देना।
रास्ते चाहे काँटों से भर जाएँ,
अपने हौसले को झुकने न देना।
वक़्त बदलता है, मौसम भी बदलते हैं,
दर्द के बाद ही फूल खिलते हैं।
जो मुस्कुराकर हर ग़म सह ले,
उसी के मुक़द्दर में उजाले मिलते हैं।
ज़िंदगी एक सफ़र है, रुकना नहीं,
मुश्किलों से कभी डरना नहीं।
मंज़िल उसी को गले लगाती है,
जो हारकर भी बिखरता नहीं।
✍️...Miss Khan