💌दिल का Notification #10
शीर्षक: ए अजनबी
शायद...
सफ़र में कहीं कोई ऐसा मिल जाता है...
कि निगाहें उसी पर ठहर जाती हैं...
और ज़माना...
बस यूँ ही चलता रहता है।
कुछ अदाएँ हैं...
कुछ नज़ाकत है...
न जाने तेरे चेहरे पर कौन-सी बात है।
जाने-पहचाने तो कई लोग हैं
आस-पास मेरे...
पर...
**ऐ अजनबी...**
तुमसे बार-बार मिलने की...
ये कैसी जुस्तजू है।
धड़कते रहिए... ❤️
जिगर अशोक पंड्या