Most popular trending quotes in Hindi, Gujarati , English

World's trending and most popular quotes by the most inspiring quote writers is here on BitesApp, you can become part of this millions of author community by writing your quotes here and reaching to the millions of the users across the world.

New bites

મનને ગમતું નથી, પણ ગમાડવુ પડશે,
મોળું જીંવન નથી, પણ સુધારવું પડશે,

કદાચ મળી જાઈ, પણ ખોવું પડશે,
કડવો ઘુટ છે, પણ પીવો પડશે,

કામ ઘણાં છે, પણ દૂર ચાલવું પડશે,
કેમ ઈચ્છા નથી, પણ કરવું પડશે,

ઘેરાયેલો છું, પણ બહાર નીકળવું પડશે,
બધાં તને મારશે, પણ સહેવું પડશે.

મનોજ નાવડીયા

manojnavadiya7402

"तेरे बिना कुछ भी नहीं"

तेरी आंखों में जो ठहराव है,
वो शहर की भीड़ में मेरा ठिकाना है।

तू जब मुस्कुराती है यूं बेपरवाह,
दिल सोचता है — और क्या चाहिए अब खुदा से?

तेरे बिना जो जिया वो वक़्त नहीं था,
सांसें थीं... पर ज़िंदगी कहीं नहीं थी।

तू साथ हो तो चाय भी कविता लगती है,
तेरे बिना कॉफ़ी भी फीकी लगती है।

तेरे आने से खामोशी में हरकत आई है,
दिल की दीवार पर तेरा नाम लिखा दिखाई देता है।

तू समझता नहीं पर हर बात समझा जाता है,
तेरा चुप रहना भी मेरा हाल बयाँ करता है।

तेरे ज़िक्र से भी फूल खिल जाते हैं,
और लोग कहते हैं, "तू कुछ ज़्यादा मुस्कुराता है आजकल।"

तेरी तस्वीर को देखा हर दिन नए नज़रों से,
जैसे हर बार तू थोड़ी और मेरी हो जाती है।

तेरे बिना जो किताब पढ़ी वो खाली थी,
तू थी तो हर लफ़्ज़ में रौशनी थी।


तेरा नाम जुबां पर आते ही कुछ थम जाता है,
जैसे दिल भी कहता है — बस अब और मत बोल।

तेरे होने से मुकम्मल हूं मैं,
वरना खुद को भी पूरा नहीं समझता था।

-सुहेल अंसारी । सनम

suhailansari028830

**ग़ज़ल: जुदाई की तड़प**

तेरे बिन सूना सा हर एक मंज़र रहा,
दिल में बस तेरा ही आलम बस्तर रहा।

खामोशी की चादर ओढ़े रातें जागतीं,
चाँद भी तन्हा, जैसे मुझ में बिखर रहा।

वो मुलाकातें, वो बातें, वो हँसी के पल,
अब ख्वाबों में बस धुंधला सा असर रहा।

साँसों में बसी थी जो तेरी खुशबू कभी,
अब आँसुओं का वो समंदर बिखर सा रहा।

गलियों में तेरी याद की सैर करता हूँ,
हर कदम पे दर्द का साया नुमाया सा रहा ।

क्या कहूँ इस जुदाई ने क्या-क्या छीना,
खुद से भी मेरा वजूद अब बे-सहर रहा।

तेरे बिना हर लम्हा इक सजा सा बन गया,
जिंदगी का हर रंग अब जैसे ,बे रंग सा लगा l

कभी नज़रों में थी तुझ से दुनिया सारी,
अब आँखों में बस तेरा ही अक्स रहा।

सुनहरी यादों का मेला दिल में सजता है,
पर हर याद में तेरी दर्द का सैलाब बहता रहा।

कहाँ गए वो वादे, वो कसमें, वो बातें,
अब बस तन्हाई का सफर अकेले ही कट ता रहा।

तू पास नहीं, फिर भी तू हर जगह बस्ता,
दिल का हर कोना तुझ से ही तो बस्तर रहा।

जुदाई की आग में जलता हूँ रात-दिन,
फिर भी तुझ में ही मेरा जीना बसर रहा।

कभी तो आएगा वो लम्हा मुलाकात का,
जो ख्वाबों में हर पल मुझ में संवर रहा।

इस दिल ने चाहा तुझ को हर साँस में बस,
पर जुदाई का दर्द ही अब तक बिखर रहा।
सुहेल अंसारी (सनम)

suhailansari028830

**तू ही है वो***
**तू ही है वो बात जो लफ़्ज़ों से आगे है,**
दिल में बसी कोई धड़कन की तरह है।

**तेरा हँसना जैसे बारिश की पहली बूँद,**
मन की तपिश पर ठंडी सी राहत है।

**तेरी आँखों में जो खामोशी बसी है,**
वो कहानियों से भरी एक किताब है।

**तू जब पास होता है, सब कुछ ठहर सा जाता है,**
वक्त भी रुककर तुझमें समा जाता है।

**तेरे होने से हर दिन लगे त्योहार सा,**
वरना हर दिन बस एक सा गुज़रता था।

**मैंने तुझमें खुद को देखा है कई बार,**
तू आईना भी है, और तस्वीर भी।


**तेरी आवाज़ की ख़ुशबू में डूबा रहता हूँ,**
हर बात तेरी जैसे कोई गीत हो।

**तेरा नाम जब भी लबों पे आता है,**
दिल बिना वजह मुस्कुरा जाता है।


**तू नहीं होती तो शायद मैं भी अधूरा होता,**
तेरे साथ होने से मुकम्मल हूँ मैं।


**तेरे स्पर्श में जो गर्मी है, वो सूरज सी,**
और जो नर्मी है, वो चाँदनी सी।


**तेरी ख़ामोशियाँ भी बोलती हैं मुझसे,**
और मैं हर बार उन्हें सुन लेता हूँ।


**तू अगर ख्वाब है तो नींदें दुआ बन जाएं,**
तू अगर हकीकत है तो हर रोज़ ईद हो।


**इस मोहब्बत को क्या नाम दूँ, कुछ सूझे नहीं,**
तू मेरा सब कुछ है, पर सब कुछ भी कम लगे।


**तू ही वो अहसास है जो बिन कहे भी जीता है,**
तू ही वो साज़ है जो बिन छुए भी बजता है।

सुहेल अंसारी । सनम

suhailansari028830

**चाँदनी रात में तुझको पुकारूँ**

चाँदनी रात में तुझको पुकारूँ,
तेरे बिन सजना मन को ना देखूँ।

चाँद की किरनें बिछे रे बिछाने,
तेरे बिन ये रात अधूरी रे देखूँ।

पानी की लहरें करे रे पुकारा,
तेरे बिन ये नदिया सूनसान देखूँ।

सितारे झिलमिल करे रे इशारा,
तेरे बिन ये आकाश उदास रे देखूँ।

गाँव की गलियों में चाँद रे चमके,
तेरे बिन ये गलियाँ खाली रे देखूँ।

हवा की सरगम सुनाये रे गीतवा,
तेरे बिन ये धुनें अधूरी रे देखूँ।

महके रे फूलों की खुशबू हवाओं में,
तेरे बिन ये बगिया बेकार रे देखूँ।

झींगुर की आवाज़ बजे रे रात में,
तेरे बिन ये संगीत फीका रे देखूँ।

पेड़ों की छाँव में सपने रे सजते,
तेरे बिन ये सपने अधूरे रे देखूँ।

अंखियों में तेरा रे चेहरा बसे रे,
तेरे बिन ये नैन तरसते रे देखूँ।

दिल की किताबों में तेरा रे नामवा,
तेरे बिन ये पन्ने खाली रे देखूँ।

चाँदनी रात में तेरा रे इंतज़ार,
तेरे बिन ये लम्हे भारी रे देखूँ।

तेरे संग सजना सजे रे ये रातें,
तेरे बिन ये चाँदनी ठंडी रे देखूँ।

दिल-ए-मोहब्बत ये कहे बेकरारी,
तेरे संग सजना जीना रे देखूँ।
सुहेल अंसारी । सनम

suhailansari028830

**सुबह तेरा ख्याल**

सुबह 5 बजे, नींद से जागा,
तेरे ख्याल में, दिल ये भागा,
बालकनी में हवा, चुपके से बोले,
तेरे बिन सजना, ये दिल ना डोले।

सुबह तेरा ख्याल, दिल को भाये,
तेरे प्यार का रंग, मन को लाये,
तेरे संग हर पल, जीना है मुझको,
तू है मेरा सपना, तुझसे ही जादू।

कॉफी की चुस्की, तेरे नाम की,
फोन की स्क्रीन पे, तस्वीर तेरी सी,
तेरे मैसेज का, इंतज़ार करता,
तेरे रिप्लाई से, दिल मेरा धड़कता।

सुबह तेरा ख्याल, दिल को भाये,
तेरे प्यार का रंग, मन को लाये,
तेरे संग हर पल, जीना है मुझको,
तू है मेरा सपना, तुझसे ही जादू।

शहर की सड़कों पे, तुझको ढूंढूँ,
लाइट्स की चमक में, तुझको ही पूछूँ,
तेरे प्यार की धुन, हेडफोन में बजती,
तेरे बिन ये धुन, अधूरी सी लगती।

पार्क की बेंच पे, तेरा इंतज़ार,
तेरे कदमों की, सुनूँ मैं पुकार,
तेरे बिन सजना, ये वक्त ना कटे,
तेरे प्यार में ही, मेरा दिल बटे।

तेरे संग बारिश में, सेल्फी लूँ मैं,
तेरे प्यार में डूबके, गीत गुनगुन मैं,
तेरे बिन सजना, ये दुनिया है काली,
तू है मेरा सूरज, तू मेरी लाली।

सुबह तेरा ख्याल, दिल को भाये,
तेरे प्यार का रंग, मन को लाये,
तेरे संग हर पल, जीना है मुझको,
तू है मेरा सपना, तुझसे ही जादू।

तो आ जा पास मेरे, थाम ले ये हाथ,
सुबह की धूप में, करें प्यार की बात,
तेरे बिन सजना, अधूरी कहानी,
तू है मेरा प्यार, मेरी सुबह की रानी।
सुहेल अंसारी । सनम

suhailansari028830

**तेरे बिन सजना लागे ना मनवा**
(रदीफ़: "लागे ना मनवा", काफिया: "कनवा")

सावन की बूंदें बरसें रे कनवा,
तेरे बिन सजना लागे ना मनवा।

खेतों की माटी महके रे सुनवा,
तेरे बिन ये धरती ठंडी रे कनवा।

पंछी की चहचह गाए रे गीतवा,
तेरे बिन ये धुन अधूरी रे कनवा।

चंदा की चांदनी झिलमिल करे रे,
तेरे बिन ये रात सूनसान कनवा।

माथे पे बिंदिया सजायी मैंने रे,
तेरे बिन ये साज फीका रे कनवा।

चूड़ी की खनक में गूँजे रे बोलवा,
तेरे बिन ये कंगना खामोश कनवा।

गाँव की चौपाल पे बातें रे करवा,
तेरे बिन ये सखियाँ उदास रे कनवा।

महके चमेली की कलियाँ रे सुनवा,
तेरे बिन ये खुशबू ना भाए कनवा।

बरगद की छाँव में सपने रे सजवा,
तेरे बिन ये नींद ना आए कनवा।

पनघट पे पानी भरूँ रे मैं डोलवा,
तेरे बिन ये गागर भारी रे कनवा।

सुरमई अंखियों में सपने रे बसवा,
तेरे बिन ये नैन तरसते रे कनवा।

दिल की दुआएँ करे रे पुकारवा,
तेरे बिन ये धड़कन रुके रे कनवा।

बाहर की हवा में तेरा रे संदेसवा,
तेरे बिन ये मौसम बेकार रे कनवा।

दिल-ए-मोहब्बत ये कहे बेकरारी,
तेरे संग सजना सजे मेरा मनवा।
सुहेल अंसारी।सनम

suhailansari028830

**तेरे बिन सजना लागे ना जिया**


सावन की रिमझिम में बरसे गगनिया,
तेरे बिन सजना लागे ना जिया।

खेतों की पगडंडी पे चंदा चमके,
तेरे बिना चाँदनी ठंडी पिया।

गाँव की गलियों में पपीहा बोले,
तेरे बिन ये गीत अधूरे पिया।

माथे पे बिंदिया सजाके मैं आई,
तेरे बिन ये शृंगार फीका पिया।

महके चमेली, गुलाबों की डारी,
तेरे बिन ये खुशबू ना भाये पिया।

अंखियों में सपने सजाये मैंने,
तेरे बिन ये सपने ना साजे पिया।

दिल की दुआएँ करे बेकरारी,
तेरे संग जीना, ना मरे ये जिया।

सुहेल अंसारी। सनम

suhailansari028830

**तेरे बिन ये सुबह**

सुबह 5 बजे, कॉफी की चुस्की,
तेरे मैसेज की, यादों की रुस्की,
बालकनी में हवा, चुपके से बोले,
तेरे बिन दिल ये, कुछ अधूरा सा खोले।

तेरे बिन ये सुबह, रंगों से खाली,
तेरी बातें ही, बनें मेरी लाली,
तेरे संग जी लूँ, हर एक लम्हा,
तू है मेरा म्यूजिक, मेरा सारा गाना।

शहर की रौशनी, जगमग सड़कें,
तेरे साथ की, वो प्यारी बड़बड़ बक-बकें,
हेडफोन में धुन, तेरी आवाज़ गूँजे,
दिल की स्क्रीन पे, तेरा चेहरा ही झलके।

तेरे बिन ये सुबह, रंगों से खाली,
तेरी बातें ही, बनें मेरी लाली,
तेरे संग जी लूँ, हर एक लम्हा,
तू है मेरा म्यूजिक, मेरा सारा गाना।

तेरे नाम की स्टोरी, इंस्टा पे लगाऊँ,
तेरे प्यार में डूबके, मैं दुनिया भुलाऊँ,
सनराइज की सेल्फी, तेरे संग है प्यारी,
तेरे बिन सजनी, ये ज़िंदगी है कारी।

तो आ जा पास मेरे, थाम ले ये हाथ,
सुबह की धूप में, करें हम प्यार की बात,
तेरे बिन अधूरी, ये सारी कहानी,
तू है मेरा प्यार, मेरी सुबह की रानी।

सुहेल अंसारी(सनम)

suhailansari028830

**सुबह की किरन में तेरा नाम**

सुबह की किरन, चुपके से आई,
तेरे ख्यालों में, मन को भिगाई,
खेतों की माटी, महके सौंधी,
तेरे बिना ये, रुत है अनछुई।

ओ री सजनी, तेरा नाम पुकारूँ,
दिल की डगर में, तुझको बिछाऊँ,
सूरज की लाली, तुझसे है प्यारी,
तेरे बिन सैर करे, मन की नदिया किनारी।

पंछी की चहचह, गाए तराना,
तेरे संग जीना, मेरा ठिकाना,
नीम की छाँव में, सपने सजाऊँ,
तेरे गले लगके, मैं गीत सुनाऊँ।

ओ री सजनी, तेरा नाम पुकारूँ,
दिल की डगर में, तुझको बिछाऊँ,
सूरज की लाली, तुझसे है प्यारी,
तेरे बिन सैर करे, मन की नदिया किनारी।

फूलों की माला, तेरे लिए लाऊँ,
चूड़ी की खनक में, प्यार जताऊँ,
सुबह की ओस में, तुझको निहारूँ,
तेरे संग साजन, हर पल गुज़ारूँ।

सुबह की धूप में, तेरा उजाला,
तेरे बिन सजनी, ये दिल बेकाला,
लोक की धुन में, प्यार हम गाएँ,
सदा के लिए, संग-संग रह जाएँ।

सुहेल अंसारी (सनम(

suhailansari028830

**तेरे बिना**
तेरे बिना ये दिल अधूरा सा,
सपनों में तुझको ही देखता,
चाँदनी रातें, तारे गिनूं मैं,
तेरे साथ ही जीना चाहता हूँ मैं।

तेरे बिना, ओ सनम,
धड़कन ये रुक सी जाए,
तेरी हंसी, तेरी बातें,
हर पल याद सताए।

तेरे हाथों में मेरा हाथ हो,
चलें हम साथ में, हर बात हो,
बारिश की बूंदें, गीत सुनाएं,
तेरे संग प्यार में हम खो जाएं।

तेरे बिना, ओ सनम,
धड़कन ये रुक सी जाए,
तेरी हंसी, तेरी बातें,
हर पल याद सताए।

तेरे पास आके, सुकून मिले,
दिल को मेरे, वो जूनून मिले,
हर लम्हा तेरा, बस मेरा हो,
प्यार ये सच्चा, हमेशा रहे।

तेरे बिना, ओ सनम,
ज़िंदगी अधूरी सी है,
तेरे साथ ही, मेरे यार,
हर खुशी पूरी सी है।

सुहेल अंसारी(सनम)

suhailansari028830

"""""रॉक स्टार """

चल रे रॉक-स्टार, ज़िंदगी को हि-ला दे,
स्वैग से सजा दे, रास्ते को चम-का दे।
आ-समां तेरा, उड़ जा तू बे-पर-वाह,
दिल में ठसक, बन जा आग का त-माशा!

हर कदम पे, धाक तू ज-मा,
ना डर, ना थम, दुनिया को हं-सा।
राहें कांटों भरी, या चमके जैसे ही-रा,
तू बन सुल्तान, मचाए नया ज़ंजी-रा।

यो यो, सुन रे, रॉक-स्टार, रुकना ना,
दुनिया की बातों में, फंसना ना।
तू शेर, जंगल में राज करे,
आंधी आए, या बिजली सरे।
बीट बना, रैप कर ज़िंद-गी,
लम्हे को बना दे, चट-पटी कविता की।
"खाली जेब, ना रोके ख्वाब," सुन यार,
स्वैग से भर दे, सपनों का संसार!
लेखक
सुहेल अंसारी (सनम)
@कॉपीराइट

suhailansari028830

ये मत मत पूछो साहब कि
इस धरती से गिला क्या क्या है
यह पूछो कि इस धरती से मिला क्या-क्या है ।

जिस नदिया ने शीतल जल दिया पीने को
हमने उस नदिया को
मैले कपड़ों और तन को धोकर
कितना गन्दा कर दिया ।

जिन पेड़ों ने फल दिए खाने को
सांस दी जिन्दा रहने को
उन पेड़ों को हमने काट कर बेच दिया
चंद सिक्कै कमाने को ।

जिस धरती ने सीना दिया घर बनाने को
तन दिया अन्न उपजा कर पेट कि बुझाने को
हमने उसमें भी ज़हर घोल दिया
उपजाऊ शक्ति बढ़ाने को ।

ऊपर वाले ने तो इंसान बनाया था
एक दूसरे की मदद करने को
मगर इंसान के पेट की भूख इतनी बढ़ गई
पेट तो भर गया मगर भूख नह मिटी
इंसान ने उन्नति के नाम पर प्रकृति का
कितना ही विनाश कर दिया ।

मत पूछो साहब इस धरती से गिला क्या क्या है
यह पूछो साहब इस धरती से मिला क्या क्या है।

हिसाब करने बैठो तो हिसाब नहीं कर पाऊंगा
क्योंकि प्रकृति मां है मां देना जानती है लेना नहीं जानती है इसका हिसाब करना बहुत मुश्किल है
जिस तरह इंसान जन्म देने वाली मां का
हिसाब नहीं कर सकता है
उसी तरह जीवन भर अपने आंचल में पालने वाली
प्रकृति मां का हिसाब करना भी मुश्किल है ।

मत पूछो साहब इस धरती से गिला क्या क्या है
यह पूछो साहब इस धरती मां से मिला क्या क्या है।

cmkasana8581

दर्द का सितम

jainansh94262gmail.com733530

papa 🥹

gayatreegayatree.482743

This is what my heart desires for ......calm and soothing

dimpledas211732

Mahiti Manch બુક ખરીદવા માટે નીચેની લીંક પર ક્લિક  કરો:-
https://shopizen.app.link/CjsBZkkJ3ob

mothiyavgmail.com3309

🌅 "मैं खुद अपनी सुबह हूं" 🌅

मुझसे मत पूछो
कि मेरी सुबह कौन लाएगा,
क्योंकि मैं खुद अपनी सुबह हूं —
अंधेरे में जलती एक लौ,
जो तूफानों से डरती नहीं,
उन्हें चीरकर चलती है।

कभी मेरी आंखों में आंसू होंगे,
तो कभी उन आंसुओं में उम्मीद चमकेगी।
कभी मेरी आवाज़ काँपेगी,
पर कभी उसी आवाज़ से
मैं दुनिया को हिला दूंगी।

जब लोग कहेंगे —
"ये तेरे बस की बात नहीं…"
तब मैं चुप रहूंगी नहीं,
बल्कि अपने काम से जवाब दूंगी —
एक-एक कोशिश से,
हर असंभव को संभव बना दूंगी।

मुझे पता है,
मेरे पास ना बड़ी डिग्रियाँ हैं,
ना कोई बड़ी पहचान,
पर मेरे पास है —
इरादा, आग, और वो वादा
जो मैंने खुद से किया है।

माँ कहती है —
"किचन सीख ले, शादी के लिए तैयार हो जा…"
पर मेरा दिल कहता है —
"पहले अपने सपनों की रसोई में
अपनी मेहनत की रोटियाँ सेंक!"

मैं सिर्फ़ किसी की बहू नहीं,
मैं किसी की प्रेरणा भी बन सकती हूँ।
मैं किसी के घर की दीवार नहीं,
मैं खुद का एक आकाश बन सकती हूँ।

मैं वो हूं —
जो बंद आंखों से भी रास्ता देख लेती है,
जो बिना सहारे भी
चट्टानों से लड़ लेती है।
मैं वो हूं जो
अपने आंसुओं से खुद को सींचती है,
और हर सुबह खुद को फिर से उगाती है।

आज अगर मेरे पास
एक कमरा, एक मोबाइल, और एक सपना है,
तो समझ लो —
मेरे पास पूरी दुनिया है।

मैं बिखरूंगी, फिर जुड़ जाऊंगी।
मैं थकूंगी, फिर मुस्कराऊंगी।
मैं रोऊंगी, फिर दौड़ूंगी।
क्योंकि मैं वो लड़की हूं —
जो अपने आँसुओं से
कहानी नहीं…
इतिहास लिखती है।

nidhimishra705356

कभी-कभी ज़िंदगी हमें इतना तोड़ देती है…
कि इंसान को खुद पर भी शक होने लगता है।
लेकिन वही ज़िंदगी हमें वो मोड़ भी देती है…
जहाँ से उड़ान शुरू होती है।

ये कहानी है आदित्य की…
एक ऐसे लड़के की जिसने ज़मीन से आसमान तक का सफर तय किया –
लेकिन बिना शॉर्टकट, बिना किसी चमत्कार के।
सिर्फ अपने हौसले, मेहनत और विश्वास के दम पर।

आदित्य सिंह – बिहार के एक छोटे गाँव का लड़का।
पिता खेती करते थे, माँ गृहिणी थीं।
घर में टीवी नहीं था, मोबाइल नहीं था…
बस था तो एक सपना – IAS बनना।

जब वो अपनी माँ से कहता, "मैं अफसर बनूंगा…"
तो माँ मुस्कुरा देतीं… और कहतीं,
"तू कुछ भी कर सकता है, बेटा… तू मेरा शेर है।"

गाँव वाले हँसते थे, दोस्त मज़ाक उड़ाते –
"तू IAS?"
लेकिन आदित्य के कानों में सिर्फ माँ की बात गूंजती –
"तू कर सकता है…"

12वीं के बाद उसने ग्रेजुएशन किया – गाँव में रहकर ही।
कोचिंग नहीं थी… YouTube पर फ्री लेक्चर देखे।
गाँव के छोटे पुस्तकालय में बैठकर घंटों नोट्स बनाता।

पहली बार परीक्षा दी… और फेल हो गया।
रात को खूब रोया… अकेले… माँ के सामने नहीं।
पर सुबह उठते ही… फिर से किताबों में झुक गया।

दूसरी बार… फिर असफल।
तीसरी बार… सिर्फ दो नंबर से चूक गया।
सबसे बड़ा झटका था।

लोग बोले – “अब छोड़ दे।”
पर आदित्य ने कहा –
"आखिरी बार सही… लेकिन इस बार जान लगा दूंगा।"

सुबह 5 बजे उठना… 14 घंटे पढ़ाई…
सोशल मीडिया बंद… दुनिया से दूरी…
सिर्फ किताबें, चाय, और सपना।

चौथी बार परीक्षा दी…
हर पेपर में आत्मविश्वास था।

रिज़ल्ट आया…
दोस्त ने फोन कर कहा – "भाई… तू टॉप 50 में है!"
वो चुप रहा…
फिर माँ की गोद में सिर रखकर… फूट-फूट कर रो पड़ा।
आज उसका सपना… सच था।

गाँव में ढोल बजे…
जिसे लोग ‘बेकार’ कहते थे… अब उसे ‘साहब’ कहा जाने लगा।
माँ की आँखें नम थीं… लेकिन मुस्कान थी।

अब वही लोग इंटरव्यू लेने आए…
जो कभी कहते थे – "तेरे बस का नहीं।"

ज़िंदगी में गिरना ज़रूरी है…
क्योंकि तभी तो उड़ने का हौसला पैदा होता है।

अगर आदित्य… उस छोटे गाँव का लड़का…
बिना साधन, बिना कोचिंग…
देश का अफसर बन सकता है –
तो आप क्यों नहीं?

"हार सकते हो… लेकिन हार मानना मत।"

अगर ये कहानी आपको प्रेरणा देती है…
तो वीडियो को Like करें,
Comment में लिखें – "मैं भी कर सकता हूँ",
और हमारे चैनल *Kahaniyon Ka Duniya* को Subscribe करना मत भूलें।

आपका एक Like…
एक नए आदित्य को हिम्मत दे सकता है।"बुद्धिमानीका १० चिन्ह – जसले जीवन बदल्न सक्छ…"

१. कम बोल्छन्, बढी सुन्छन्।
शब्दको होइन, मौनको पनि शक्ति बुझ्छन्।
बोल्नुभन्दा बुझ्नुलाई प्राथमिकता दिन्छन्।

२. दोस्रोको विचारलाई सम्मान गर्छन्।
अझै सिक्न बाँकी छ भन्ने सोच राख्छन्।
सबै कुरा आफूलाई थाहा छ भन्ने भ्रममा बस्दैनन्।

३. क्रोधलाई नियन्त्रण गर्न सक्छन्।
उत्तेजनामा निर्णय लिँदैनन्,
शान्ति र धैर्य उनीहरूको असल अस्त्र हो।

४. आफ्नो समय, ऊर्जा र शब्द व्यर्थमा खर्च गर्दैनन्।
जुन ठाउँमा परिवर्तन सम्भव छैन,
त्यहाँ मौन बस्न जान्दछन्।

५. सत्यको पक्ष लिन्छन्, भीडको होइन।
सत्यका लागि एक्लिन पनि तयार हुन्छन्,
जसले गर्दा उनीहरूलाई समयपछि सबैले सम्झन्छन्।

६. जसले सम्मान दिन्छ, त्यसलाई सम्मान फर्काउँछन्।
तर जसले घमण्ड देखाउँछ,
त्यसलाई मौनमै उत्तर दिन्छन्।

७. हर समय सिक्न तयार हुन्छन्।
कहिले बालकबाट त कहिले वृद्धबाट —
जीवनलाई विद्यालय ठान्छन्।

८. माफ गर्न जान्दछन्, तर बिर्सँदैनन्।
अघिल्लो चोटले फेरि घाउ नदियोस् भनेर
अनुभवलाई पाठ बनाउँछन्।

९. बोल्दैनन् कि उनीहरू कति सक्षम छन् —
तर उनका कर्महरू आफैँ बोल्छन्।
उनीहरूलाई प्रमाण दिनुपर्दैन, समयले दिन्छ।

१०. आफ्नो खुसी अरूमा खोज्दैनन्।
शान्त मन, सरल हृदय र सेवाको भावना —
यही नै तिनीहरूको साँचो परिचय हो।

बुद्धिमानी पढाइले होइन, बुझाइले आउँछ।
किताबले होइन, व्यवहारले देखिन्छ।
त्यसैले बुद्धिमान बन्न सिकौं —
बोल्नुभन्दा अघि सोचौं,
ब्युझाउनुभन्दा अघि सुतेका मन बुझौं

rajukumarchaudhary502010

"बुद्धिमानीका १० चिन्ह – जसले जीवन बदल्न सक्छ…"

१. कम बोल्छन्, बढी सुन्छन्।
शब्दको होइन, मौनको पनि शक्ति बुझ्छन्।
बोल्नुभन्दा बुझ्नुलाई प्राथमिकता दिन्छन्।

२. दोस्रोको विचारलाई सम्मान गर्छन्।
अझै सिक्न बाँकी छ भन्ने सोच राख्छन्।
सबै कुरा आफूलाई थाहा छ भन्ने भ्रममा बस्दैनन्।

३. क्रोधलाई नियन्त्रण गर्न सक्छन्।
उत्तेजनामा निर्णय लिँदैनन्,
शान्ति र धैर्य उनीहरूको असल अस्त्र हो।

४. आफ्नो समय, ऊर्जा र शब्द व्यर्थमा खर्च गर्दैनन्।
जुन ठाउँमा परिवर्तन सम्भव छैन,
त्यहाँ मौन बस्न जान्दछन्।

५. सत्यको पक्ष लिन्छन्, भीडको होइन।
सत्यका लागि एक्लिन पनि तयार हुन्छन्,
जसले गर्दा उनीहरूलाई समयपछि सबैले सम्झन्छन्।

६. जसले सम्मान दिन्छ, त्यसलाई सम्मान फर्काउँछन्।
तर जसले घमण्ड देखाउँछ,
त्यसलाई मौनमै उत्तर दिन्छन्।

७. हर समय सिक्न तयार हुन्छन्।
कहिले बालकबाट त कहिले वृद्धबाट —
जीवनलाई विद्यालय ठान्छन्।

८. माफ गर्न जान्दछन्, तर बिर्सँदैनन्।
अघिल्लो चोटले फेरि घाउ नदियोस् भनेर
अनुभवलाई पाठ बनाउँछन्।

९. बोल्दैनन् कि उनीहरू कति सक्षम छन् —
तर उनका कर्महरू आफैँ बोल्छन्।
उनीहरूलाई प्रमाण दिनुपर्दैन, समयले दिन्छ।

१०. आफ्नो खुसी अरूमा खोज्दैनन्।
शान्त मन, सरल हृदय र सेवाको भावना —
यही नै तिनीहरूको साँचो परिचय हो।

बुद्धिमानी पढाइले होइन, बुझाइले आउँछ।
किताबले होइन, व्यवहारले देखिन्छ।
त्यसैले बुद्धिमान बन्न सिकौं —
बोल्नुभन्दा अघि सोचौं,
ब्युझाउनुभन्दा अघि सुतेका मन बुझौं।

rajukumarchaudhary502010