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Get Off the Wrong Train Before It Breaks You



When you realize the train is taking you the wrong way,

don’t wait for the last station — step off at the next.

The longer you stay, the farther you drift from where you’re meant to be.



Never pour your heart into the wrong place or the wrong person.

Because when the right one finally arrives,

you may be too tired, too broken, or too empty to welcome them."**



Example: You’re heading from Mumbai to Delhi, but you find yourself on the train to Chennai. The seat might feel warm, the people might be kind, but every moment takes you farther from your true destination. Life works the same — the wrong job, the wrong friendship, the wrong love… they all cost you time, strength, and hope. Leave before you lose yourself.

nensivithalani.210365

साइको राधिका के सफलता के बाद
NBV Novel Book Univer पेश करता है
कालरात्रि universh ka 2 part
जल्द ही
Anuj Shrivastava की कलम से........

kumar00

क्यों कभी कभी ऐसा लगता है जैसे मैं खुद खो रही हूं..
मानो अभी तो थी मैं खुद के साथ जाने क्यों कुछ पीछे छोड़ रही हूं...
यादों का एहसास कर रोना गलत तो नहीं था मेरा
पर कुछ सवालों का जवाब सही मिला भी तो नहीं यहां .....!!!!


_Manshi K

manshik094934

https://www.instagram.com/the.shayarrr_doctor?igsh=ZDF2NnIwdDhlYTJ4

please follow my page for more poems, quotes and videos

sakshir2211gmail.com054238

कहानियों का जादुई बक्सा

लेखक परिचय

राजु कुमार चौधरी – (लेखक)

राजु कुमार चौधरी एक उत्साही और प्रेरक लेखक हैं, जो बच्चों के लिए ज्ञानवर्धक और रोचक कहानियाँ लिखते हैं। उनका उद्देश्य बच्चों के जीवन में सकारात्मक सोच, नैतिक मूल्य और आत्मविश्वास को बढ़ावा देना है।

वे मानते हैं कि पढ़ाई सिर्फ किताबों तक सीमित नहीं होती, बल्कि जीवन में सीखने और सोचने की क्षमता भी जरूरी है। उनकी कहानियाँ बच्चों को मनोरंजन के साथ सीखने और सोचने की प्रेरणा देती हैं।

राजु कुमार चौधरी चाहते हैं कि हर बच्चा अपने सपनों का पीछा करे और मेहनत, ईमानदारी और मित्रता जैसे मूल्यों को अपनाए।


---

भाग 1 – नैतिक कहानियाँ

1. सच्चाई का इनाम

कहानी: रवि बटुआ सड़क पर पाता है और मालिक को लौटाता है।

चित्र सुझाव: रवि बटुआ उठाते हुए, सरपंच के घर लौटाते हुए, रामलाल जी आशीर्वाद देते हुए।

अभ्यास प्रश्न:

1. बटुआ किसका था?


2. रवि ने क्या किया?


3. इस कहानी से क्या सीख मिलती है?




2. मेहनत का फल

कहानी: मोहन मेहनत करता है, सोहन आलसी रहता है।

चित्र: मोहन खेत में काम करता, आलसी सोहन पेड़ के नीचे।

अभ्यास प्रश्न:

1. मेहनत का फल क्या मिला?


2. आलस्य का परिणाम क्या हुआ?




3. मित्रता की ताकत

कहानी: खरगोश और कछुआ मिलकर भेड़िए को पकड़ते हैं।

चित्र: योजना बनाते दोस्त, भेड़िया गड्ढे में गिरता।

अभ्यास प्रश्न:

1. मित्रता का महत्व क्या है?


2. दोस्ती में सबसे जरूरी गुण क्या है?




4. ज्ञान ही शक्ति है

कहानी: आरव प्रतियोगिता में हारता है और सीखता है कि ज्ञान सबसे बड़ी ताकत है।

चित्र: प्रतियोगिता का दृश्य, विजेता लड़का।

अभ्यास प्रश्न:

1. ज्ञान क्यों महत्वपूर्ण है?


2. आप सीखने के लिए क्या कर सकते हैं?





---

भाग 2 – प्रेरणादायक कहानियाँ

5. सपनों का पंख

कहानी: नेहा पायलट बनने का सपना पूरा करती है।

चित्र: हवाई जहाज़ का मॉडल, छात्रवृत्ति।

अभ्यास प्रश्न:

1. नेहा का सपना क्या था?


2. मेहनत का महत्व क्या है?




6. छोटी सी मदद

कहानी: अंकित बुजुर्ग महिला की मदद करता है।

चित्र: सड़क पर टोकरी गिरना, अंकित मदद करता।

अभ्यास प्रश्न:

1. दयालुता क्यों जरूरी है?


2. आप किस तरह दूसरों की मदद कर सकते हैं?




7. हार मत मानो

कहानी: रोहित क्रिकेट में असफल होता है, मेहनत करता है और जीतता है।

चित्र: क्रिकेट अभ्यास, चयन का दिन।

अभ्यास प्रश्न:

1. असफलता से क्या सीखा?


2. मेहनत का महत्व क्या है?




8. मैं भी कर सकता हूँ

कहानी: सारा नाटक में हिस्सा लेकर आत्मविश्वास सीखती है।

चित्र: नाटक मंच पर, टीचर प्रोत्साहित करते।

अभ्यास प्रश्न:

1. खुद पर भरोसा क्यों जरूरी है?


2. आत्मविश्वास कैसे बढ़ाएं?





---

भाग 3 – पौराणिक और लोककथाएँ

9. अकबर-बीरबल की बुद्धि

कहानी: बीरबल दूसरों की मदद और सीखने की अहमियत बताते हैं।

चित्र: दरबार में बीरबल और अकबर।

अभ्यास प्रश्न:

1. सच्ची बुद्धिमानी क्या है?


2. आप दूसरों की मदद कैसे कर सकते हैं?




10. तेनालीराम की चालाकी

कहानी: तेनालीराम चोरी का पता लगाते हैं।

चित्र: तेनालीराम और चोर, चतुर योजना।

अभ्यास प्रश्न:

1. चालाकी का सही इस्तेमाल कैसे करें?


2. आप समस्या हल करने के लिए क्या कर सकते हैं?




11. पंचतंत्र की कहानियाँ

कहानी: बंदर और मगरमच्छ, लोमड़ी और अंगूर।

चित्र: जानवरों का संवाद।

अभ्यास प्रश्न:

1. जानवरों की कहानियों से क्या सीखते हैं?


2. किस कहानी से आपका पसंदीदा सबक क्या है?




12. महाभारत से सीख

कहानी: अर्जुन की एकाग्रता, दुर्योधन की लालच।

चित्र: युद्धभूमि, धनुष-बाण।

अभ्यास प्रश्न:

1. ध्यान और संयम क्यों जरूरी हैं?


2. आप ध्यान केंद्रित करने के लिए क्या कर सकते हैं?





---

भाग 4 – विज्ञान और जिज्ञासा

13. एक बूंद पानी का सफर

कहानी: पानी का चक्र, वर्षा और नदी।

चित्र: सूरज, बादल, नदी।

अभ्यास प्रश्न:

1. पानी का चक्र कैसे काम करता है?


2. हमें पानी क्यों बचाना चाहिए?




14. सूरज की यात्रा

कहानी: दिन और रात कैसे होते हैं।

चित्र: सूरज और पृथ्वी का घूमना।

अभ्यास प्रश्न:

1. पृथ्वी की गति क्यों महत्वपूर्ण है?


2. दिन और रात कैसे होते हैं?




15. पृथ्वी की गोद

कहानी: पेड़ों का महत्व, प्रदूषण।

चित्र: जंगल और शहर, पेड़ लगाते बच्चे।

अभ्यास प्रश्न:

1. पेड़ क्यों जरूरी हैं?


2. आप पर्यावरण कैसे बचा सकते हैं?




16. आविष्कार की कहानी

कहानी: बल्ब, टेलीफोन, इंटरनेट की खोज।

चित्र: आविष्कारक काम करते हुए, उपकरण।

अभ्यास प्रश्न:

1. आविष्कार क्यों महत्वपूर्ण हैं?


2. आप कौन सा नया आविष्कार करना चाहेंगे?

rajukumarchaudhary502010

कहानियों का जादुई बक्सा

लेखक परिचय

राजु कुमार चौधरी – (लेखक)

राजु कुमार चौधरी एक उत्साही और प्रेरक लेखक हैं, जो बच्चों के लिए ज्ञानवर्धक और रोचक कहानियाँ लिखते हैं। उनका उद्देश्य बच्चों के जीवन में सकारात्मक सोच, नैतिक मूल्य और आत्मविश्वास को बढ़ावा देना है।

वे मानते हैं कि पढ़ाई सिर्फ किताबों तक सीमित नहीं होती, बल्कि जीवन में सीखने और सोचने की क्षमता भी जरूरी है। उनकी कहानियाँ बच्चों को मनोरंजन के साथ सीखने और सोचने की प्रेरणा देती हैं।

राजु कुमार चौधरी चाहते हैं कि हर बच्चा अपने सपनों का पीछा करे और मेहनत, ईमानदारी और मित्रता जैसे मूल्यों को अपनाए।


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भाग 1 – नैतिक कहानियाँ

1. सच्चाई का इनाम

कहानी: रवि बटुआ सड़क पर पाता है और मालिक को लौटाता है।

चित्र सुझाव: रवि बटुआ उठाते हुए, सरपंच के घर लौटाते हुए, रामलाल जी आशीर्वाद देते हुए।

अभ्यास प्रश्न:

1. बटुआ किसका था?


2. रवि ने क्या किया?


3. इस कहानी से क्या सीख मिलती है?




2. मेहनत का फल

कहानी: मोहन मेहनत करता है, सोहन आलसी रहता है।

चित्र: मोहन खेत में काम करता, आलसी सोहन पेड़ के नीचे।

अभ्यास प्रश्न:

1. मेहनत का फल क्या मिला?


2. आलस्य का परिणाम क्या हुआ?




3. मित्रता की ताकत

कहानी: खरगोश और कछुआ मिलकर भेड़िए को पकड़ते हैं।

चित्र: योजना बनाते दोस्त, भेड़िया गड्ढे में गिरता।

अभ्यास प्रश्न:

1. मित्रता का महत्व क्या है?


2. दोस्ती में सबसे जरूरी गुण क्या है?




4. ज्ञान ही शक्ति है

कहानी: आरव प्रतियोगिता में हारता है और सीखता है कि ज्ञान सबसे बड़ी ताकत है।

चित्र: प्रतियोगिता का दृश्य, विजेता लड़का।

अभ्यास प्रश्न:

1. ज्ञान क्यों महत्वपूर्ण है?


2. आप सीखने के लिए क्या कर सकते हैं?





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भाग 2 – प्रेरणादायक कहानियाँ

5. सपनों का पंख

कहानी: नेहा पायलट बनने का सपना पूरा करती है।

चित्र: हवाई जहाज़ का मॉडल, छात्रवृत्ति।

अभ्यास प्रश्न:

1. नेहा का सपना क्या था?


2. मेहनत का महत्व क्या है?




6. छोटी सी मदद

कहानी: अंकित बुजुर्ग महिला की मदद करता है।

चित्र: सड़क पर टोकरी गिरना, अंकित मदद करता।

अभ्यास प्रश्न:

1. दयालुता क्यों जरूरी है?


2. आप किस तरह दूसरों की मदद कर सकते हैं?




7. हार मत मानो

कहानी: रोहित क्रिकेट में असफल होता है, मेहनत करता है और जीतता है।

चित्र: क्रिकेट अभ्यास, चयन का दिन।

अभ्यास प्रश्न:

1. असफलता से क्या सीखा?


2. मेहनत का महत्व क्या है?




8. मैं भी कर सकता हूँ

कहानी: सारा नाटक में हिस्सा लेकर आत्मविश्वास सीखती है।

चित्र: नाटक मंच पर, टीचर प्रोत्साहित करते।

अभ्यास प्रश्न:

1. खुद पर भरोसा क्यों जरूरी है?


2. आत्मविश्वास कैसे बढ़ाएं?





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भाग 3 – पौराणिक और लोककथाएँ

9. अकबर-बीरबल की बुद्धि

कहानी: बीरबल दूसरों की मदद और सीखने की अहमियत बताते हैं।

चित्र: दरबार में बीरबल और अकबर।

अभ्यास प्रश्न:

1. सच्ची बुद्धिमानी क्या है?


2. आप दूसरों की मदद कैसे कर सकते हैं?




10. तेनालीराम की चालाकी

कहानी: तेनालीराम चोरी का पता लगाते हैं।

चित्र: तेनालीराम और चोर, चतुर योजना।

अभ्यास प्रश्न:

1. चालाकी का सही इस्तेमाल कैसे करें?


2. आप समस्या हल करने के लिए क्या कर सकते हैं?




11. पंचतंत्र की कहानियाँ

कहानी: बंदर और मगरमच्छ, लोमड़ी और अंगूर।

चित्र: जानवरों का संवाद।

अभ्यास प्रश्न:

1. जानवरों की कहानियों से क्या सीखते हैं?


2. किस कहानी से आपका पसंदीदा सबक क्या है?




12. महाभारत से सीख

कहानी: अर्जुन की एकाग्रता, दुर्योधन की लालच।

चित्र: युद्धभूमि, धनुष-बाण।

अभ्यास प्रश्न:

1. ध्यान और संयम क्यों जरूरी हैं?


2. आप ध्यान केंद्रित करने के लिए क्या कर सकते हैं?





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भाग 4 – विज्ञान और जिज्ञासा

13. एक बूंद पानी का सफर

कहानी: पानी का चक्र, वर्षा और नदी।

चित्र: सूरज, बादल, नदी।

अभ्यास प्रश्न:

1. पानी का चक्र कैसे काम करता है?


2. हमें पानी क्यों बचाना चाहिए?




14. सूरज की यात्रा

कहानी: दिन और रात कैसे होते हैं।

चित्र: सूरज और पृथ्वी का घूमना।

अभ्यास प्रश्न:

1. पृथ्वी की गति क्यों महत्वपूर्ण है?


2. दिन और रात कैसे होते हैं?




15. पृथ्वी की गोद

कहानी: पेड़ों का महत्व, प्रदूषण।

चित्र: जंगल और शहर, पेड़ लगाते बच्चे।

अभ्यास प्रश्न:

1. पेड़ क्यों जरूरी हैं?


2. आप पर्यावरण कैसे बचा सकते हैं?




16. आविष्कार की कहानी

कहानी: बल्ब, टेलीफोन, इंटरनेट की खोज।

चित्र: आविष्कारक काम करते हुए, उपकरण।

अभ्यास प्रश्न:

1. आविष्कार क्यों महत्वपूर्ण हैं?


2. आप कौन सा नया आविष्कार करना चाहेंगे?

rajukumarchaudhary502010

નવી સ્કીલ અને નવી ટેક્નોલોજી – આજના સમયમાં જીવનની અનિવાર્ય ચાવી

આજનો યુગ ઝડપથી બદલાઈ રહ્યો છે. થોડા વર્ષો પહેલા જે ટેક્નોલોજી નવી હતી, આજે તે જૂની થઈ ગઈ છે. કામ કરવાની રીત, બિઝનેસ ચલાવવાની રીત, લોકો સાથે વાત કરવાની રીત – બધું બદલાઈ ગયું છે. આ બદલાવમાં પોતાને અપડેટ રાખવું, નવી સ્કીલ શીખવી અને નવી ટેક્નોલોજી અપનાવવી – આ હવે ઑપ્શન નથી, પણ જરૂરીયાત બની ગઈ છે.

શીખીશું તો ફાયદા
કરિયર ગ્રોથ અને તકો – નવી સ્કીલ્સ તમને માર્કેટમાં સ્પર્ધાત્મક બનાવે છે. તમે તમારી હાલની નોકરીમાં પ્રમોશન મેળવી શકો છો અથવા વધુ સારી નોકરી મેળવી શકો છો.
આર્થિક લાભ – નવી ટેક્નોલોજીનો ઉપયોગ કરીને કામ ઝડપથી અને અસરકારક રીતે કરી શકો છો, જે તમને વધુ કમાણીના રસ્તા ખોલી આપે છે.
આત્મવિશ્વાસ – જ્યારે તમે નવી વસ્તુ શીખો છો, ત્યારે તમારો આત્મવિશ્વાસ વધે છે અને તમે નવી ચેલેન્જ માટે તૈયાર રહો છો.
સમય સાથે ચાલવું – ટેક્નોલોજી અપનાવવાથી તમે પાછળ પડતા નથી, તમે સમય સાથે આગળ વધો છો.
નહીં શીખીએ તો નુકસાન
પાછળ રહી જવું – દુનિયા આગળ વધી રહી છે, અને જો તમે અપડેટ નહીં રહો તો માર્કેટમાંથી બહાર થવાનો ખતરો છે.
તકો ગુમાવવી – નવી સ્કીલ વગર, ઘણી સારી તકો તમારા હાથમાંથી સરકી જશે.
નિર્ભરતા વધવી – તમે બીજા પર વધુ આધાર રાખવા લાગશો, જે તમારી પ્રગતિમાં અવરોધ લાવે છે.
આત્મવિશ્વાસ ઘટવો – જૂની રીતો પર અટવાઈ જવાથી તમે નવો પડકાર સ્વીકારવામાં ડરી જશો.
યાદ રાખો
નવી સ્કીલ અને ટેક્નોલોજી શીખવી એ માત્ર નોકરી કે બિઝનેસ માટે નથી – એ તમારી જીવનશૈલી, વિચારશૈલી અને ભવિષ્ય માટે છે.
શીખવું એ રોકાણ છે, જેનું વ્યાજ આખી જિંદગી મળે છે.

તેથી, આજથી જ નક્કી કરો – દર વર્ષે એક નવી સ્કીલ શીખવાની અને નવી ટેક્નોલોજી સમજવાની આદત બનાવો. કારણ કે જે શીખે છે, તે જ આગળ વધે છે!



વાર્તા – બે કામદારોની કહાની



એક શહેરમાં બે મિત્ર કામ કરતા હતા – મનોજ અને રાજેશ. બંને એક જ ફેક્ટરીમાં મજૂરી કરતા.

ફેક્ટરીમાં નવા મશીનો આવવાના હતા, જેનું ઓપરેટિંગ શીખવું જરૂરી હતું. મેનેજમેન્ટે બધા કામદારોને કહ્યું કે, “જે આ નવુ મશીન ચલાવતા શીખશે, તેને સારી સેલેરી અને પ્રમોશન મળશે.”



મનોજે વિચાર્યું – “હવે ઉંમર થઈ ગઈ છે, નવું શીખવાની તાકાત ક્યાં? જૂનું કામ તો આવડે છે, એ જ કરું.”

રાજેશે વિચાર્યું – “શીખવું મુશ્કેલ હશે, પણ પ્રયત્ન કરવો જોઈએ. નવું શીખવાથી ભવિષ્ય સુરક્ષિત રહેશે.”



રાજેશે તાલીમ લીધી, થોડી મુશ્કેલીઓ આવી, પણ તે હાર્યો નહીં. થોડા મહિનામાં તે નવા મશીનનો નિષ્ણાત બની ગયો.

જ્યારે ફેક્ટરીએ નવા મશીનો શરૂ કર્યા, ત્યારે મનોજને કામ કરવું મુશ્કેલ પડી ગયું અને તે જૂના કામમાં મર્યાદિત રહી ગયો.

રાજેશને માત્ર પ્રમોશન જ નહીં, પણ તેના આત્મવિશ્વાસમાં પણ વધારો થયો.



શીખવાનો નિર્ણય રાજેશને આગળ લઈ ગયો, જ્યારે શીખવાની ના પાડવાનો નિર્ણય મનોજને પાછળ રાખી ગયો.

“સમય બદલાય છે, અને સમય સાથે બદલાવ અપનાવનાર જ સાચા વિજેતા બને છે.”



KARTIKKUMAR VAISHNAV

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📖 कहानी की शुरुआत

यह कहानी है एक लड़के रॉबर्ट की, जो हवाई (Hawaii) में पला-बढ़ा। उसके दो पिता थे — एक उसके असली पिता (Poor Dad) और दूसरा उसके सबसे अच्छे दोस्त माइक का पिता (Rich Dad)।

Poor Dad – पढ़ाई में बहुत तेज, अच्छी सरकारी नौकरी, ऊँची डिग्री, लेकिन महीने की सैलरी खत्म होते ही जेब खाली। सोच: “पढ़ाई करो, नौकरी लो, सुरक्षित जिंदगी जियो।”

Rich Dad – औपचारिक शिक्षा कम, लेकिन बिजनेस और पैसे का गहरा ज्ञान। सोच: “पैसे को अपने लिए काम करवाओ, Assets बनाओ।”


रॉबर्ट दोनों के बीच का फर्क देखकर हैरान था। एक पढ़ा-लिखा और सम्मानित, फिर भी पैसों के मामले में संघर्षरत। दूसरा कम पढ़ा-लिखा, फिर भी अमीर और सफल।


---

पहला सबक – पैसे के लिए मत काम करो

एक दिन रॉबर्ट और माइक ने Rich Dad से कहा:

> “हम अमीर बनना चाहते हैं, हमें सिखाइए।”



Rich Dad ने मुस्कुराते हुए कहा:

> “ठीक है, मेरी दुकान में काम करो — लेकिन बहुत कम वेतन पर।”



दोनों लड़के काम करने लगे, लेकिन जल्दी ही शिकायत करने लगे:

> “ये तो शोषण है! हमें ज्यादा पैसे चाहिए।”



Rich Dad ने समझाया:

> “यही तो फर्क है गरीब और अमीर सोच में। गरीब और मध्यम वर्ग के लोग पैसे के लिए काम करते हैं, लेकिन अमीर लोग ऐसे अवसर ढूँढते हैं जिससे पैसा उनके लिए काम करे। सैलरी के जाल में मत फँसो।”



यह बात रॉबर्ट के दिल में उतर गई — "पैसे के लिए काम मत करो, पैसे को अपने लिए काम करवाओ।"


---

दूसरा सबक – वित्तीय शिक्षा लो

Rich Dad ने रॉबर्ट को एक कागज़ पर दो कॉलम बनाने को कहा:

Assets (संपत्ति) – जो जेब में पैसा डालें

Liabilities (दायित्व) – जो जेब से पैसा निकालें


फिर कहा:

> “अमीर लोग Assets खरीदते हैं, गरीब लोग Liabilities को Assets समझकर खरीद लेते हैं।”



उदाहरण:

किराये का घर – Asset (क्योंकि किराया आता है)

EMI पर लिया घर – Liability (क्योंकि किस्त जाती है)


Poor Dad की सोच थी – “अपना घर सबसे अच्छा निवेश है।”
Rich Dad की सोच थी – “अपना घर तब तक Asset नहीं जब तक वह आपके जेब में पैसा न डाल दे।”


---

तीसरा सबक – बिजनेस बनाओ, नौकरी के भरोसे मत रहो

Poor Dad कहते थे – “अच्छी नौकरी लो।”
Rich Dad कहते थे – “अपना खुद का बिजनेस बनाओ, और साइड में Assets बढ़ाओ।”

रॉबर्ट ने समझा:

नौकरी से Active Income आती है (जब तक काम कर रहे हो)

बिजनेस और निवेश से Passive Income आती है (बिना काम के भी)



---

चौथा सबक – टैक्स और कंपनियों का खेल

Rich Dad ने टैक्स के बारे में सिखाया:

सैलरी पाने वाला पहले टैक्स देता है, फिर बची रकम खर्च करता है।

बिजनेस मालिक पहले खर्च करता है, फिर जो बचा उस पर टैक्स देता है।


कंपनी बनाकर:

टैक्स कम हो सकता है

संपत्ति सुरक्षित रखी जा सकती है

कानूनी सुरक्षा मिलती है



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पाँचवाँ सबक – अवसर पहचानो

Poor Dad अक्सर कहते थे – “मैं यह नहीं कर सकता।”
Rich Dad कहते थे – “मैं इसे कैसे कर सकता हूँ?”

अमीर लोग समस्याओं को अवसर में बदलते हैं।
रॉबर्ट ने सीखा कि डर और लालच दोनों को कंट्रोल करना जरूरी है:

डर: पैसे की कमी का डर लोगों को नौकरी में बाँध देता है

लालच: ज्यादा चाहत उन्हें खर्चीला बना देती है



---

छठा सबक – सीखने के लिए काम करो

Rich Dad ने कहा:

> “अगर अमीर बनना चाहते हो, तो सिर्फ पैसे के लिए काम मत करो, बल्कि कौशल (Skills) सीखो।”



रॉबर्ट ने सेल्स, मार्केटिंग, पब्लिक स्पीकिंग, अकाउंटिंग, और निवेश की ट्रेनिंग ली।
Poor Dad कहते – “ये सब काम मेरे स्तर के नीचे हैं।”
Rich Dad कहते – “हर अनुभव तुम्हें और अमीर बनाएगा।”


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सातवाँ सबक – Action लो

रॉबर्ट ने महसूस किया कि:

ज्यादातर लोग सोचते हैं, लेकिन करते नहीं।

अमीर बनने के लिए सीखना, प्रयोग करना और असफलताओं से न डरना जरूरी है।


Rich Dad का मंत्र:

> “बड़ा सोचो, छोटे से शुरू करो, लेकिन शुरू ज़रूर करो।”




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अमीर बनने के 10 कदम – Rich Dad की गाइड

1. अपने सपने को तय करो।


2. बड़ा लक्ष्य रखो।


3. वित्तीय ज्ञान बढ़ाओ।


4. खर्चों पर नियंत्रण रखो।


5. Assets में निवेश करो।


6. सही लोगों के साथ रहो।


7. छोटे से शुरू करो, धीरे-धीरे बढ़ाओ।


8. बाजार और अर्थव्यवस्था को समझो।


9. टेक्नोलॉजी और नए अवसर अपनाओ।


10. सीखना कभी बंद मत करो।




---

कहानी का निष्कर्ष

रॉबर्ट के जीवन में दोनों पिताओं का गहरा प्रभाव रहा:

Poor Dad ने उसे शिक्षा, मेहनत, और ईमानदारी सिखाई।

Rich Dad ने उसे वित्तीय शिक्षा, निवेश, और अमीर बनने की सोच दी।


आखिर में रॉबर्ट ने समझा:

> “पैसा सिर्फ मेहनत से नहीं, बल्कि सही सोच, वित्तीय शिक्षा और समझदारी से बनता है।”

rajukumarchaudhary502010

📖 पुस्तक का परिचय

लेखक: रॉबर्ट कियोसाकी (Robert T. Kiyosaki)

प्रकाशन वर्ष: 1997

शैली: Personal Finance / Self-help

मुख्य विषय: पैसे का सही उपयोग, अमीर बनने की सोच, वित्तीय स्वतंत्रता, निवेश


यह किताब रॉबर्ट कियोसाकी के जीवन के दो “पिताओं” की कहानी पर आधारित है:

1. Poor Dad (गरीब पिता) – उनके असली पिता, एक highly educated लेकिन financial ज्ञान में कमजोर व्यक्ति। सरकारी नौकरी करते थे और पारंपरिक सोच रखते थे – "पढ़ाई करो, नौकरी पाओ, और सुरक्षित जिंदगी जियो।"


2. Rich Dad (अमीर पिता) – उनके दोस्त माइक के पिता, जिनकी औपचारिक शिक्षा कम थी लेकिन पैसे को समझने और उसे बढ़ाने की कला थी। उन्होंने रॉबर्ट को व्यवसाय और निवेश के बारे में सिखाया।



रॉबर्ट ने दोनों पिताओं से अलग-अलग सोच और आदतें सीखी, और उनकी तुलना से यह किताब तैयार हुई।


---

1. अमीर और गरीब सोच का अंतर

लेखक बताते हैं कि अमीर और गरीब के बीच सबसे बड़ा फर्क सोच और पैसे को देखने का नजरिया है।

गरीब पिता कहते थे:

“अच्छी पढ़ाई करो, अच्छी नौकरी लो।”

पैसे के लिए काम करो।

कर्ज से दूर रहो।

जोखिम से बचो।


अमीर पिता कहते थे:

“पैसे को अपने लिए काम कराओ।”

व्यवसाय और निवेश सीखो।

संपत्ति (Assets) बढ़ाओ, देनदारियाँ (Liabilities) कम करो।

वित्तीय शिक्षा लो, सिर्फ डिग्री नहीं।




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2. पैसे के लिए काम मत करो – पैसे को आपके लिए काम करने दो

जब रॉबर्ट और माइक ने Rich Dad से पैसे कमाने का तरीका सीखने की इच्छा जताई, तो उन्होंने उन्हें एक दुकान में कम वेतन पर काम कराया।

शुरुआत में वे शिकायत करने लगे, लेकिन Rich Dad ने समझाया कि असली शिक्षा पैसे के लिए काम करने में नहीं, बल्कि पैसा कमाने के नए तरीके ढूँढने में है।

ज्यादातर लोग "सैलरी" के जाल में फँस जाते हैं और कभी आर्थिक रूप से स्वतंत्र नहीं हो पाते।



---

3. वित्तीय शिक्षा का महत्व

स्कूल हमें पैसे कमाने के तरीकों की बजाय नौकरी के लिए पढ़ाते हैं। लेकिन:

वित्तीय साक्षरता (Financial Literacy) जरूरी है, जिसमें शामिल है:

Income Statement (आय विवरण)

Balance Sheet (बैलेंस शीट)

Assets और Liabilities का फर्क समझना



Asset vs Liability

Asset (संपत्ति): जो आपकी जेब में पैसा डालता है (जैसे – निवेश, किराये की संपत्ति, स्टॉक्स, बिजनेस)

Liability (दायित्व): जो आपकी जेब से पैसा निकालता है (जैसे – महंगी कार, घर का EMI, क्रेडिट कार्ड का कर्ज)


सीख: अमीर लोग पहले Assets खरीदते हैं, गरीब लोग Liabilities को Assets समझकर खरीदते हैं।


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4. अपना खुद का व्यवसाय बनाओ

Rich Dad सिखाते हैं कि:

नौकरी करते समय भी अपना Asset बनाते रहो।

सिर्फ "Income" पर निर्भर मत रहो, बल्कि "Passive Income" (बिना मेहनत का पैसा) के स्रोत तैयार करो।

बिजनेस और निवेश के बारे में सीखो, भले ही शुरुआत में असफल हो जाओ।



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5. टैक्स और कंपनियों का खेल समझो

अमीर लोग कंपनियों का उपयोग करके:

टैक्स कम करते हैं (क्योंकि कंपनी के खर्च पहले घटाए जाते हैं, फिर टैक्स लगता है)

संपत्ति सुरक्षित रखते हैं

कानूनी लाभ उठाते हैं


उदाहरण:

सैलरी पाने वाला पहले टैक्स देता है, फिर जो बचा उसमें खर्च करता है।

बिजनेस मालिक पहले खर्च करता है, फिर बची रकम पर टैक्स देता है।



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6. अमीर लोग अवसर बनाते हैं

गरीब लोग अक्सर "मैं नहीं कर सकता" सोचते हैं।

अमीर लोग सोचते हैं, "मैं इसे कैसे कर सकता हूँ?"

पैसा बनाने के लिए रचनात्मक सोच और साहस चाहिए।

असफलता से डरने के बजाय, उससे सीखना जरूरी है।



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7. सीखने के लिए काम करो, पैसे के लिए नहीं

Rich Dad ने रॉबर्ट को अलग-अलग काम सीखने के लिए प्रेरित किया:

मार्केटिंग, सेल्स, कम्युनिकेशन, अकाउंटिंग, निवेश आदि।

नौकरी को सीखने का अवसर मानो, न कि सिर्फ कमाई का जरिया।



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8. डर और लालच का चक्र

डर (Fear): पैसे की कमी का डर लोगों को सिर्फ सैलरी वाली नौकरी तक सीमित रखता है।

लालच (Greed): ज्यादा चाहत उन्हें खर्चीला बना देती है।

अमीर लोग इस चक्र से बाहर निकलने के लिए वित्तीय ज्ञान का उपयोग करते हैं।



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9. एक्शन लो – सिर्फ सोचो मत

ज्यादातर लोग "Knowledge" तो रखते हैं लेकिन "Action" नहीं लेते।

अमीर बनने के लिए अभ्यास, असफलता, और लगातार सीखना जरूरी है।



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10. अमीर बनने के 10 कदम (Rich Dad के अनुसार)

1. आर्थिक स्वतंत्रता का सपना तय करो।


2. बड़ा लक्ष्य रखो।


3. वित्तीय शिक्षा लो।


4. खर्चों पर नियंत्रण रखो।


5. Assets में निवेश करो।


6. खुद को अच्छे लोगों से घेरो।


7. छोटे से शुरू करो, धीरे-धीरे बढ़ाओ।


8. बाजार और अर्थव्यवस्था को समझो।


9. टेक्नोलॉजी और नए अवसर अपनाओ।


10. कभी सीखना बंद मत करो।




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पुस्तक से मुख्य सीख

पैसों के लिए काम मत करो, पैसे को आपके लिए काम करने दो।

Asset और Liability का फर्क समझो और Asset बढ़ाओ।

वित्तीय शिक्षा सबसे जरूरी है।

जोखिम लेने और असफलता से डरने के बजाय, उससे सीखो।

Passive Income के स्रोत बनाओ।

टैक्स और कानूनी नियमों को अपने लाभ के लिए इस्तेमाल करो।



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निष्कर्ष

"Rich Dad Poor Dad" सिर्फ अमीर बनने की गाइड नहीं, बल्कि सोच बदलने की किताब है।
यह हमें बताती है कि पैसा सिर्फ मेहनत से नहीं, बल्कि सही वित्तीय ज्ञान और समझदारी भरे फैसलों से बनता है।

अगर आप आर्थिक रूप से स्वतंत्र होना चाहते हैं, तो:

अपनी वित्तीय शिक्षा में निवेश करें

Assets बढ़ाएँ, Liabilities घटाएँ

और सबसे जरूरी – Action लें

rajukumarchaudhary502010

📖 कहानी की शुरुआत

यह कहानी है एक लड़के रॉबर्ट की, जो हवाई (Hawaii) में पला-बढ़ा। उसके दो पिता थे — एक उसके असली पिता (Poor Dad) और दूसरा उसके सबसे अच्छे दोस्त माइक का पिता (Rich Dad)।

Poor Dad – पढ़ाई में बहुत तेज, अच्छी सरकारी नौकरी, ऊँची डिग्री, लेकिन महीने की सैलरी खत्म होते ही जेब खाली। सोच: “पढ़ाई करो, नौकरी लो, सुरक्षित जिंदगी जियो।”

Rich Dad – औपचारिक शिक्षा कम, लेकिन बिजनेस और पैसे का गहरा ज्ञान। सोच: “पैसे को अपने लिए काम करवाओ, Assets बनाओ।”


रॉबर्ट दोनों के बीच का फर्क देखकर हैरान था। एक पढ़ा-लिखा और सम्मानित, फिर भी पैसों के मामले में संघर्षरत। दूसरा कम पढ़ा-लिखा, फिर भी अमीर और सफल।


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पहला सबक – पैसे के लिए मत काम करो

एक दिन रॉबर्ट और माइक ने Rich Dad से कहा:

> “हम अमीर बनना चाहते हैं, हमें सिखाइए।”



Rich Dad ने मुस्कुराते हुए कहा:

> “ठीक है, मेरी दुकान में काम करो — लेकिन बहुत कम वेतन पर।”



दोनों लड़के काम करने लगे, लेकिन जल्दी ही शिकायत करने लगे:

> “ये तो शोषण है! हमें ज्यादा पैसे चाहिए।”



Rich Dad ने समझाया:

> “यही तो फर्क है गरीब और अमीर सोच में। गरीब और मध्यम वर्ग के लोग पैसे के लिए काम करते हैं, लेकिन अमीर लोग ऐसे अवसर ढूँढते हैं जिससे पैसा उनके लिए काम करे। सैलरी के जाल में मत फँसो।”



यह बात रॉबर्ट के दिल में उतर गई — "पैसे के लिए काम मत करो, पैसे को अपने लिए काम करवाओ।"


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दूसरा सबक – वित्तीय शिक्षा लो

Rich Dad ने रॉबर्ट को एक कागज़ पर दो कॉलम बनाने को कहा:

Assets (संपत्ति) – जो जेब में पैसा डालें

Liabilities (दायित्व) – जो जेब से पैसा निकालें


फिर कहा:

> “अमीर लोग Assets खरीदते हैं, गरीब लोग Liabilities को Assets समझकर खरीद लेते हैं।”



उदाहरण:

किराये का घर – Asset (क्योंकि किराया आता है)

EMI पर लिया घर – Liability (क्योंकि किस्त जाती है)


Poor Dad की सोच थी – “अपना घर सबसे अच्छा निवेश है।”
Rich Dad की सोच थी – “अपना घर तब तक Asset नहीं जब तक वह आपके जेब में पैसा न डाल दे।”


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तीसरा सबक – बिजनेस बनाओ, नौकरी के भरोसे मत रहो

Poor Dad कहते थे – “अच्छी नौकरी लो।”
Rich Dad कहते थे – “अपना खुद का बिजनेस बनाओ, और साइड में Assets बढ़ाओ।”

रॉबर्ट ने समझा:

नौकरी से Active Income आती है (जब तक काम कर रहे हो)

बिजनेस और निवेश से Passive Income आती है (बिना काम के भी)



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चौथा सबक – टैक्स और कंपनियों का खेल

Rich Dad ने टैक्स के बारे में सिखाया:

सैलरी पाने वाला पहले टैक्स देता है, फिर बची रकम खर्च करता है।

बिजनेस मालिक पहले खर्च करता है, फिर जो बचा उस पर टैक्स देता है।


कंपनी बनाकर:

टैक्स कम हो सकता है

संपत्ति सुरक्षित रखी जा सकती है

कानूनी सुरक्षा मिलती है



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पाँचवाँ सबक – अवसर पहचानो

Poor Dad अक्सर कहते थे – “मैं यह नहीं कर सकता।”
Rich Dad कहते थे – “मैं इसे कैसे कर सकता हूँ?”

अमीर लोग समस्याओं को अवसर में बदलते हैं।
रॉबर्ट ने सीखा कि डर और लालच दोनों को कंट्रोल करना जरूरी है:

डर: पैसे की कमी का डर लोगों को नौकरी में बाँध देता है

लालच: ज्यादा चाहत उन्हें खर्चीला बना देती है



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छठा सबक – सीखने के लिए काम करो

Rich Dad ने कहा:

> “अगर अमीर बनना चाहते हो, तो सिर्फ पैसे के लिए काम मत करो, बल्कि कौशल (Skills) सीखो।”



रॉबर्ट ने सेल्स, मार्केटिंग, पब्लिक स्पीकिंग, अकाउंटिंग, और निवेश की ट्रेनिंग ली।
Poor Dad कहते – “ये सब काम मेरे स्तर के नीचे हैं।”
Rich Dad कहते – “हर अनुभव तुम्हें और अमीर बनाएगा।”


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सातवाँ सबक – Action लो

रॉबर्ट ने महसूस किया कि:

ज्यादातर लोग सोचते हैं, लेकिन करते नहीं।

अमीर बनने के लिए सीखना, प्रयोग करना और असफलताओं से न डरना जरूरी है।


Rich Dad का मंत्र:

> “बड़ा सोचो, छोटे से शुरू करो, लेकिन शुरू ज़रूर करो।”




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अमीर बनने के 10 कदम – Rich Dad की गाइड

1. अपने सपने को तय करो।


2. बड़ा लक्ष्य रखो।


3. वित्तीय ज्ञान बढ़ाओ।


4. खर्चों पर नियंत्रण रखो।


5. Assets में निवेश करो।


6. सही लोगों के साथ रहो।


7. छोटे से शुरू करो, धीरे-धीरे बढ़ाओ।


8. बाजार और अर्थव्यवस्था को समझो।


9. टेक्नोलॉजी और नए अवसर अपनाओ।


10. सीखना कभी बंद मत करो।




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कहानी का निष्कर्ष

रॉबर्ट के जीवन में दोनों पिताओं का गहरा प्रभाव रहा:

Poor Dad ने उसे शिक्षा, मेहनत, और ईमानदारी सिखाई।

Rich Dad ने उसे वित्तीय शिक्षा, निवेश, और अमीर बनने की सोच दी।


आखिर में रॉबर्ट ने समझा:

> “पैसा सिर्फ मेहनत से नहीं, बल्कि सही सोच, वित्तीय शिक्षा और समझदारी से बनता है।”

rajukumarchaudhary502010

આજે ડાબોડીઓનો દિવસ😊

s13jyahoo.co.uk3258

I’m truly grateful to see my story featured in Best in Social Stories! 🌟

A heartfelt thank you to all my readers and supporters. 💖



If you haven’t read it yet, now’s the perfect time:

📖 Music: The Language of the Soul

🔗 Read here

nensivithalani.210365

If you want to know a person,

don’t just see them in comfort —

see them in winter’s cold,

in summer’s heat,

and in monsoon’s chaos.



Anyone can be nice for a few months.

Real character shows in anger,

in hardship,

and when life is not easy.

nensivithalani.210365

इंसान की फितरत है कि जो चीज उसके पास नहीं होती वह उसे मोह माया बोलकर खुश हो जाता है।
इसलिए जो कुछ भी तुम्हारे पास है, उसी में खुश रहना सीखो।
तभी जिंदगी में असल मजा आता है।

mayurpokale921810

નંદ ઘેર આનંદ ભયો, જય કનૈયાલાલ કી..

આ જન્માષ્ટમીએ, શ્રીકૃષ્ણ ભગવાનનાં સાચા સ્વરૂપને ઓળખીને એમની ભજના કરીએ: https://dbf.adalaj.org/emS2halD

#HappyJanmashtami #Jaishrikrishna #JanmashtamiSpecial #KrishnaBhagavaan #dadabhagwanfoundation

dadabhagwan1150

સાચી સફળતા – બહાર નહીં, અંદર છે!

આજના સમયમાં આપણે સફળતાને માપવા માટે પૈસા, પદ અને પ્રતિષ્ઠાના માપદંડો રાખી દીધા છે. જો કોઈ વ્યક્તિ પાસે મહેલ જેવું ઘર હોય, મોંઘી કાર હોય, નામી કંપનીમાં ઉચ્ચ પદ હોય – તો આપણે તરત કહી દઈએ, “વાહ! ખૂબ સફળ છે!”
પણ શું આ જ સફળતાની સાચી વ્યાખ્યા છે?

સાચી સફળતા એ છે જ્યારે તમે અંદરથી ખુશ હો.
કારણ કે દુનિયામાં લાખો એવા લોકો છે જેમણે બધું મેળવી લીધું – પૈસા, પદ, પ્રસિદ્ધિ – પરંતુ તેમ છતાં રાત્રે શાંતિથી ઊંઘી શકતા નથી. તેમના મનમાં ચિંતા, તણાવ અને અશાંતિનો ભાર છે.
એવી સફળતા એ માત્ર દેખાવ છે, હકીકત નહીં.

ખરેખર જોઈએ તો સફળતા એ છે –

જ્યારે તમારી અંદર સંતોષ હોય

જ્યારે તમને તમારી જાત પર ગર્વ હોય

જ્યારે તમે તમારા પ્રિયજનો સાથે હસતાં-રમતાં જીવન જીવી શકો

જ્યારે તમે તમારી ભૂલોને સ્વીકારી, આગળ વધવાની શક્તિ ધરાવો


જો તમે મજૂરી કરો છો અને દિવસના અંતે ઘરે આવીને બાળકો સાથે મીઠી વાતો કરો છો, પતંગિયા જેવું હસતાં-ખેલતાં ભોજન કરો છો – તો તમે સાચા અર્થમાં સફળ છો.
અને જો તમે મોટા IAS Officer છો, પરંતુ આખો દિવસ તણાવમાં છો, પરિવાર સાથે સમય વિતાવી શકતા નથી, અંદરથી ખાલીપો અનુભવો છો – તો એ સફળતા નથી, એ એક બંધ પિંજર છે.

જીવનનો અર્થ માત્ર “કેટલું મેળવ્યું” એ નથી, પરંતુ “કેટલું માણ્યું” એ છે.
પૈસા જરૂરી છે, પદ પણ સારું છે – પણ એ બધું માત્ર સાધન છે, અંતિમ લક્ષ્ય નથી. લક્ષ્ય એ છે – ખુશ રહેવું અને ખુશ રાખવું.

યાદ રાખો –
સાચી સફળતા એ છે, જ્યારે તમે તમારાં દિલ સાથે શાંતિથી વાત કરી શકો અને એ દિલ તમારો આભાર માને.

Kartikkumar Vaishnav
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Can Too Much Screen Time Harm Your Eyes? 👀📱
In today’s digital age, we spend hours glued to our phones, laptops, and TVs. While screens make life convenient, excessive use can lead to Digital Eye Strain — a condition that causes dryness, redness, blurred vision, and headaches.

💡 Why it happens:
When you stare at screens for long periods, your blinking rate drops, reducing eye moisture and straining eye muscles.

✅ Simple tips to protect your eyes:

Follow the 20-20-20 rule: Every 20 minutes, look 20 feet away for 20 seconds.

Blink consciously to keep your eyes moist.

Adjust screen brightness to match your surroundings.

Take regular breaks from gadgets.

Your eyes are precious — protect them today for a clearer tomorrow. 🌿✨
📍 Netram Eye Foundation — Caring for Your Eyes, Always
📞 011-41046655 | 9319909455
📍 E-98, GK-2, New Delhi - 48

netrameyecentre

पावसाच्या सरी, आणि ती शांत हवा

By....Fazal Abubakkar Esaf

पावसाच्या सरी या हळूच उतरतात,
जणू आठवणींच्या गल्ल्यांत भटकतात।
हवेत मिसळलेला तो सुगंध मातीचा,
जणू मनाच्या खोल गुहेत श्वास घेत जातो।

गालावरून जाते ती हलकीशा स्पर्शाने,
पण हृदयात खोल खोल घुमते,
जणू विसरलेली कुठलीतरी प्रार्थना
परत एकदा ओठांवर येते।

झाडं डोलतात जणू जुनं सूर लिहितात,
आणि वारा – तो काही न सांगता
सगळं काही सांगून जातो।
डोळे मिटले की, जग विसरायला होतं,
पण या क्षणांत स्वतःला शोधायला ही होतं।

ढगांचं ते धुंद कव्हातं —
नव्हतं काही पण तरी सर्व काही वाटतं।
ही निसर्गाची नसते फक्त कविता,
तर माणसाच्या आतलीही शायरी असते।

fazalesaf2973

"વિઝડમ 4.0: ભારતીય નીતિઓથી આધુનિક સફળતા"

આ શીર્ષક આધુનિક વાંચકો માટે પણ આકર્ષક છે અને તેમાં “સામ, દામ, દંડ, ભેદ” જેવી ઐતિહાસિક નીતિઓને આજની દુનિયામાં કેવી રીતે લાગુ કરી શકાય તેનો શક્તિશાળી સંદેશ છે.

દરેક માનવી પોતાના જીવનમાં સફળતા, શાંતિ અને સામર્થ્યની શોધમાં હોય છે. આજના ઝડપી યુગમાં ટેક્નોલોજી અને સ્પર્ધા આપણને આગળ ધપાવે છે, પણ સાથે સાથે માણસ અંદરથી તૂટી જાય છે.
આ પુસ્તક એવી ચાર નીતિઓ – સામ, દામ, દંડ અને ભેદ – પર આધારિત છે, જેનો ઉદ્ભવ સહસ્ત્રો વર્ષ પૂર્વે થયો હતો, પણ તેનું જ્ઞાન આજે પણ એટલું જ પ્રયોગશીલ છે.
વિઝડમ 4.0 એ “સાચી સમજણ”નું સંસ્કરણ છે – જ્યાં ચાણક્ય જેવા ઐતિહાસિક પાત્રોની બુદ્ધિને આજના જીવનના વ્યવહારિક ઉપયોગમાં લઇ શકાય છે.
તમે વિદ્યાર્થી હોવ કે ઉદ્યોગપતિ, ઘર ચલાવતા હોવ કે નેતૃત્વ આપતા, આ ચાર નીતિઓ તમારી જાતને વિકસાવવાનો નકશો છે.

Kartikkumar Vaishnav

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