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New bites

आखिरी चिठ्ठी जो कभी भेजी हीं नहीं गई..?
एक लड़का आरव हर रात किसी अजनबी लड़की को चिट्ठियाँ लिखता है…
लेकिन वो चिट्ठियाँ कभी भेजता नहीं।
शहर में एक लड़की आयरा है जिसे हर महीने एक रहस्यमयी चिट्ठी मिलती है…
जिसमें उसकी ज़िंदगी की वो बातें लिखी होती हैं जो उसने किसी को नहीं बताई।
दोनों कभी मिले नहीं…
लेकिन दोनों की ज़िंदगी एक-दूसरे से जुड़ी है।
और असली रहस्य यह है —
जिस लड़के की चिट्ठियाँ हैं… वो 3 साल पहले मर चुका है।
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thank you...

jassuofficial

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lordkokishinuchiha1437

સ્ત્રી...
અઢી અક્ષરનો આ શબ્દ દુનિયાનું સર્જન અને સંરક્ષણ બંને કરવાની ગજબની શક્તિ ધરાવે છે...
બેડીમાં બંધાયેલી સ્ત્રીથી શરૂ કરીને માથા ઉપર તાજ પહેરતી સ્ત્રી સુધીની સફરનો સાક્ષી આપણો આ સમાજ  રહ્યો છે.
અત્યારના સમયમાં આ તાજ માત્ર સ્ત્રીઓના માથામાં જ નહીં પરંતુ...
તેની નિર્ણય શક્તિમાં,
તેની વિચાર શક્તિમાં,
તેના અવાજમાં,
તેના આત્મવિશ્વાસમાં નિખરતો જોવા મળે છે.
એક શિક્ષિત અને સશક્ત મહિલા માત્ર તેના પરિવારને જ નહીં પરંતુ સમાજને પણ આગળ વધારવામાં મહત્વની ભૂમિકા ભજવે છે.
સમય બદલાયો છે,, પાંજરામાં પુરાયેલી સ્ત્રી હવે આકાશમાં ઉડીને પોતાની પ્રતિભા સાબિત કરી રહી છે.
તો આવો સ્ત્રીમાં રહેલી આવી પ્રતિભાઓ ને સલામ કરીએ...
8 માર્ચ એટલે કે વિશ્વ મહિલા દિવસના દિવસે સમાજમાં રહેલી તમામ સ્ત્રીઓને અને તેના દરેક સ્વરૂપને વંદન કરીએ..
અને સાથે તેમને આદર, સન્માન અને સમાનતાનો હક  આપીએ...
સ્ત્રી હોવાનો ગર્વ રાખો કારણ કે..
તમે દુનિયાથી નથી,, દુનિયા તમારાથી છે..!!
Happy Women's Day..
                                           --Nandani

nandiv

Goodnight friends sweet dreams

kattupayas.101947

it's a bitter experience

kattupayas.101947

it's quite different

kattupayas.101947

believe in love.. This quote deals the reality

kattupayas.101947

fear of losing you...

kattupayas.101947

iam too possesive

kattupayas.101947

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સુંદર વાર્તા માણો મારા ફેસબુક પેજ પર.

ronakjoshi2191

स्याही से नहीं, दिल की धड़कनों से लिखता हूँ,
हर कहानी में अपना एक हिस्सा रखता हूँ।
कभी इश्क़, कभी संघर्ष, कभी सपनों की उड़ान,
हर भाषा में बस जज़्बातों का ही बयान।
अगर शब्दों में सुकून और तूफ़ान दोनों चाहते हो,
तो Follow करिए…
यहाँ हर रचना में आपका ही अरमान छुपा है। ✨

rajukumarchaudhary502010

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સુંદર મજાની બોધ વાર્તા માણો મારા ફેસબુક પેજ પર.

ronakjoshi2191

Good evening friends.. have a great evening

kattupayas.101947

20 साल की एक युवती को 40 से अधिक उम्र के एक पुरुष से प्रेम हो गया — लेकिन जब वह उसे अपनी माँ से मिलवाने ले गई, तो माँ उसे गले लगाकर रोने लगी… क्योंकि वह उसके लिए कोई बहुत ही ख़ास व्यक्ति था…

मेरा नाम सिया है। मैं 20 साल की हूँ और दिल्ली की एक यूनिवर्सिटी में डिज़ाइन की पढ़ाई के अंतिम वर्ष में हूँ।
लोग अक्सर कहते हैं कि मैं अपनी उम्र से बड़ी लगती हूँ — शायद इसलिए क्योंकि मेरा पालन-पोषण सिर्फ मेरी माँ श्रीमती राधा मेहता ने किया।

मेरे पिता का देहांत तब हो गया था जब मैं बहुत छोटी थी।
उसके बाद माँ ने कभी दोबारा शादी नहीं की।

उन्होंने अकेले ही मुझे बड़ा किया — बिना थके, बिना शिकायत किए।
वह एक मज़बूत, मेहनती महिला हैं और हमेशा मेरी सबसे बड़ी प्रेरणा रही हैं।

मेरी ज़िंदगी उस दिन बदल गई, जब मैं एक स्वयंसेवी प्रोजेक्ट में शामिल हुई।

वहीं मेरी मुलाक़ात अमित मल्होत्रा से हुई — जो तकनीकी टीम के समन्वयक थे।
उनकी उम्र 40 से कुछ ज़्यादा थी।

वह शांत स्वभाव के थे, सभ्य थे, और उनकी बात करने के अंदाज़ में एक हल्की-सी उदासी थी —
जो मेरे भीतर जिज्ञासा और सहानुभूति जगा गई।

शुरुआत में मैं बस उनका सम्मान करती थी।
लेकिन धीरे-धीरे मुझे एहसास होने लगा कि जब भी वह पास होते हैं, मेरा दिल तेज़ धड़कने लगता है।

अमित की नौकरी अच्छी थी।
वह अकेले रहते थे और कई साल पहले उनका तलाक़ हो चुका था — कोई संतान नहीं थी।

वह अपने अतीत के बारे में ज़्यादा बात नहीं करते थे।
बस एक बार उन्होंने कहा था:

“मैं अपनी ज़िंदगी में कुछ बहुत कीमती खो चुका हूँ…
अब बस शांति से जीना चाहता हूँ।”

हमारे बीच सब कुछ स्वाभाविक रूप से आगे बढ़ा —
ना कोई जल्दबाज़ी, ना बड़े वादे —
बस सम्मान और सच्चा अपनापन।

लोग बातें करते थे:

“वह इतनी छोटी है…
उसे इस उम्र के आदमी में क्या दिखता है?”

लेकिन मुझे कोई फ़र्क़ नहीं पड़ता था।

उनके साथ मुझे सुकून मिलता था —
ऐसा सुकून जो मैंने पहले कभी महसूस नहीं किया था।

एक दिन अमित ने मुझसे कहा:

“सिया, मैं तुम्हारी माँ से मिलना चाहता हूँ।
अब मैं हमारे रिश्ते को छुपाना नहीं चाहता।”

मैं घबरा गई।

मेरी माँ हमेशा से सतर्क और बहुत ज़्यादा संरक्षण करने वाली रही हैं।
लेकिन अगर हमारा रिश्ता सच्चा था, तो डरने की कोई वजह नहीं थी।

अगले रविवार, अमित हमारे घर आए —
हाथ में गुलदाउदी के फूलों का गुलदस्ता था,
जो मेरी माँ के पसंदीदा फूल थे —
मैंने कभी यूँ ही ज़िक्र किया था, और उन्हें याद रह गया।

हम हाथों में हाथ डाले घर के अंदर गए।
अमित शांत दिख रहे थे…
लेकिन जैसे ही घर का दरवाज़ा खुला, सब कुछ बदल गया।

माँ आँगन में पौधों को पानी दे रही थीं।

जैसे ही उन्होंने मुड़कर हमें देखा —
वह एकदम से ठिठक गईं।

उनके हाथ से पानी का कैन गिर गया।
उन्होंने मुँह पर हाथ रखा…
और फिर अचानक अमित की ओर दौड़ीं।

उन्होंने उन्हें ज़ोर से गले लगा लिया —
और ऐसे रोने लगीं जैसे उन्होंने कोई भूत देख लिया हो।

“हे भगवान… अमित?!
क्या तुम सच में हो?!”

मैं सन्न रह गई।

अमित भी हिल नहीं पाए।
उनकी आवाज़ काँप रही थी:

“राधा?…
यह कैसे हो सकता है…”

मैं दोनों को देखती रह गई —
कुछ भी समझ नहीं पा रही थी।

मेरी माँ सिसकते हुए बोलीं,
उनके हाथ काँप रहे थे:

“बीस साल, अमित…
पूरे बीस साल मैंने यही समझा कि तुम मर चुके हो…”

मेरा दिल ज़ोर-ज़ोर से धड़कने लगा।

उनके आँसू…
उनके चेहरे का दर्द…
और वह भारी, बोझिल ख़ामोशी…

और उसी पल मुझे समझ आ गया—

जिस आदमी से मैं प्रेम करती थी,
वह मेरी माँ के अतीत का ऐसा हिस्सा था
जिसकी गहराई की मैं कभी कल्पना भी नहीं कर सकती थी।

👉 पूरी कहानी पढ़ने के लिए नीचे कमेंट में दिए गए लिंक पर क्लिक करें! 👇�

rajukumarchaudhary502010

तुम मेरा सबसे महंगा शौक हो
तुम पर वक्त नहीं
एहसास खर्च होते हैं।।
❤️

nandiv

રહેમત છે ખુદાની.....🦋🌻🌸🏵️🍁🌹🌼

monaghelani79gmailco

or badhiya sab

sonambrijwasi549078

यही तो एक नारी की पहचान है
मां दुर्गा उनका दुसरा नाम है ।।
✔️💯🙏

narendraparmar2303

https://chat.whatsapp.com/FOiOFZ11VTS7B1PIAe66kzस्याही से नहीं, दिल की धड़कनों से लिखता हूँ,
हर कहानी में अपना एक हिस्सा रखता हूँ।
कभी इश्क़, कभी संघर्ष, कभी सपनों की उड़ान,
हर भाषा में बस जज़्बातों का ही बयान।
अगर शब्दों में सुकून और तूफ़ान दोनों चाहते हो,
तो Follow करिए…
यहाँ हर रचना में आपका ही अरमान छुपा है। ✨

rajukumarchaudhary502010

बेटा-बहु अपने बैडरूम में बातें कर रहे थे, द्वार खुला होने के कारण उनकी आवाजें बाहर कमरे में बैठी माँ को भी सुनाई दे रहीं थीं।

बेटा---" अपने job के कारण हम माँ का ध्यान नहीं रख पाएँगे, उनकी देखभाल कौन करेगा ?

क्यूँ ना, उन्हें वृद्धाश्रम में दाखिल करा दें, वहाँ उनकी देखभाल भी होगी और हम भी कभी कभी उनसे मिलते रहेंगे। "

बेटे की बात पर बहु ने जो कहा, उसे सुनकर माँ की आँखों में आँसू आ गए।

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बहु---" पैसे कमाने के लिए तो पूरी जिंदगी पड़ी है जी, लेकिन माँ का आशीष जितना भी मिले, वो कम है। उनके लिए पैसों से ज्यादा हमारा संग-साथ जरूरी है।

मैं अगर job ना करूँ तो कोई बहुत अधिक नुकसान नहीं होगा। मैं माँ के साथ रहूँगी।

घर पर tution पढ़ाऊँगी, इससे माँ की देखभाल भी कर

पाऊँगी। याद करो, तुम्हारे बचपन में ही तुम्हारे पिता

नहीं रहे और घरेलू काम धाम करके तुम्हारी माँ ने तुम्हारा पालन पोषण किया, तुम्हें पढ़ाया लिखाया, काबिल बनाया।

तब उन्होंने कभी भी पड़ोसन के पास तक नहीं छोड़ा, कारण तुम्हारी देखभाल कोई दूसरा अच्छी तरह नहीं करेगा,

और तुम आज ऐंसा बोल रहे हो।

तुम कुछ भी कहो, लेकिन माँ हमारे ही पास रहेंगी,

हमेशा, अंत तक। "

बहु की उपरोक्त बातें सुन, माँ रोने लगती है और रोती हुई ही, पूजा घर में पहुँचती है।

ईश्वर के सामने खड़े होकर माँ उनका आभार मानती है

और उनसे कहती है---" भगवान, तुमने मुझे

बेटी नहीं दी, इस वजह से कितनी ही बार मैं तुम्हे भला बुरा कहती रहती थी, लेकिन ऐंसी भाग्यलक्ष्मी देने के लिए तुम्हारा आभार मैं किस तरह मानूँ...?

rajukumarchaudhary502010

एलिसा बिलियनेयरउसने अपनी "बेचारी" पूर्व पत्नी को शानदार शादी में बुलाया ताकि अपनी दौलत दिखा सके — लेकिन जब वो लग्जरी कार में कंबल बच्चों के साथ आई और एक ही वाक्य बोला, तो सबका दिल बैठ गया!
ग्रैंड गार्डन ऑफ एक 5-स्टार होटल में हजारों सफेद गुलाब बिछे थे, जो खास तौर पर इक्वाडोर से मंगवाए गए थे। लाइव ऑर्केस्ट्रा बज रहा था। समाज के सबसे अमीर और प्रभावशाली लोग मौजूद थे। ये था मार्को और कैसैंड्रा की शादी का दिन।
मार्को एक ऐसा आदमी था जो गरीबी में पला-बढ़ा लेकिन महत्वाकांक्षा से भरा हुआ। पांच साल पहले उसने अपनी पहली पत्नी एलिसा को तलाक दे दिया। एलिसा एक छोटी सी ऑफिस में साधारण क्लर्क थी। मार्को को लगा कि उसके साथ रहकर वो कभी आगे नहीं बढ़ पाएगा।
“तुम बस बोझ हो, एलिसा,” ये उसके आखिरी शब्द थे जब उसने तलाक के कागज थमाए। “तुम हमेशा गरीब रहोगी। मेरे सपनों की जिंदगी तुम कभी नहीं दे सकतीं।”
मार्को ने एलिसा को रोते हुए छोटे से किराए के कमरे में छोड़ दिया। उसे नहीं पता था कि उसी दिन एलिसा उसे बताने वाली थी कि वो प्रेग्नेंट है।
अब मार्को ने अपना सपना पा लिया था। वो कैसैंड्रा से शादी करने जा रहा था — इम्पीरियल रियल एस्टेट की इकलौती बेटी और वारिस, एक बिलियन डॉलर की कंपनी।
अपनी कामयाबी को और ज्यादा चमकाने के लिए मार्को ने जानबूझकर एलिसा को पुराने पते पर VIP इनविटेशन भेजा।
“बेब, अपनी उस भूखी-मरी पूर्व पत्नी को क्यों बुलाया?” कैसैंड्रा हंसते हुए शैंपेन पीते हुए बोली, सेरेमनी शुरू होने से पहले।
मार्को ने मुस्कुराकर कहा, “बस उसे दिखाना चाहता हूं कि मैं कहां पहुंच गया हूं और वो कहां है। वो शायद यहां पुरानी जीप में और फटे कपड़ों में आएगी। मैं उसे पांच हजार रुपये दे दूंगा टैक्सी के लिए वापस जाने के।”
दोनों हंस पड़े। कुछ मेहमानों ने भी सुना और हंसे। सब इंतजार कर रहे थे कि “बेचारी” एलिसा आए और वो उसे मजाक बनाएं।
सेरेमनी शुरू हुई। कैसैंड्रा आइल में चल रही थी तभी अचानक एक तेज, गड़गड़ाती आवाज आई।
ऑर्केस्ट्रा रुक गया। सबने एंट्रेंस की तरफ देखा।
एक चमचमाती लिमिटेड एडिशन Rolls-Royce Phantom — जिसकी कीमत लगभग सौ करोड़ से ज्यादा थी — धीरे-धीरे रेड कार्पेट पर रुकी। ऐसी कार सिर्फ दुनिया के सबसे बड़े बिलियनेयर्स के पास होती है।
यूनिफॉर्म में चालक उतरा और पीछे का दरवाजा खोला।
सबकी सांसें थम गईं। सब सोच रहे थे कोई बड़ा सेलिब्रिटी या विदेशी VIP उतरेगा।
लेकिन बाहर निकली एक महिला — कस्टम-मेड हॉट क्यूचर रेड गाउन में, गर्दन पर प्योर डायमंड की नेकलेस, बाल परफेक्ट बन में, और रवैया ऐसा जैसे पूरी दुनिया उसकी हो।
मार्को का मुंह खुला रह गया। हाथ से अंगूठी छूट गई।
“ए-एलिसा?!” उसने फुसफुसाया।
वो एलिसा थी — जिसे उसने रोते हुए छोटे कमरे में छोड़ा था, आज वो यहीं खड़ी थी, दौलत और पावर से लबरेज।
लेकिन असली झटका अभी बाकी था।
कार के पीछे से दो छोटी-छोटी लड़कियां उतरीं — चार साल की जुड़वां बहनें, मोगर्ब सफेद ड्रेस में। दोनों ने एलिसा के दोनों हाथ पकड़ रखे थे।
जैसे ही बच्चों ने मुंह उठाया, मेहमानों में हलचल मच गई। सब फुसफुसाने लगे।
उनकी आंखें, नाक, चेहरे का शेप… बिल्कुल मार्को जैसा। कोई शक नहीं — ये उसकी ही संतान थीं।
मार्को का चेहरा सफेद पड़ गया। घुटने कांप रहे थे। वो रेड कार्पेट पर एलिसा की तरफ बढ़ा। कैसैंड्रा पीछे-पीछे आई, गुस्से से लाल।
“एलिसा… ये कैसे?” मार्को हकलाया, बच्चों और एलिसा की तरफ देखते हुए। “ये… मेरे बच्चे हैं?”
एलिसा ने ठंडी, आत्मविश्वास भरी मुस्कान दी।
तभी एक बच्ची ने मासूमियत से पूछा,
“मम्मी, क्या ये वही अंकल हैं जिनकी पुरानी फोटो हमने गैरेज में झाड़ू बनाने के लिए इस्तेमाल की थी?”
मार्को का सिर झुक गया। शर्म से। सबने सुन लिया।
“तुम कौन हो?!” कैसैंड्रा चिल्लाई, एलिसा की तरफ उंगली करके। “सिक्योरिटी! इस औरत को क्यों आने दिया? मार्को, तूने तो इसे निकाल दिया था ना? अब बच्चों को लेकर आई है, शायद मेंटेनेंस मांगने!”
एलिसा ने कैसैंड्रा को सिर से पांव तक देखा, जैसे कोई कचरा हो।
फिर उसने अपने महंगे Hermès बैग से एक काला लिफाफा निकाला और मार्को को थमाया।
“इनविटेशन के लिए शुक्रिया, मार्को,” एलिसा ने शांत लेकिन गूंजती आवाज में कहा। “तूने पुराने घर पर भेजा था। पता नहीं था कि मैंने वो पूरी कॉलोनी खरीद ली है और नया मॉल बनाने वाली हूं?”
मार्को की आंखें फैल गईं। एलिसा बिलियनेयर? कैसे?
उसके बाद एलिसा ने जो एक वाक्य कहा, वो मार्को और कैसैंड्रा की दुनिया हिला देने वाला था…
(क्या था वो लिफाफे में? एलिसा ने इतनी दौलत कैसे कमाई? और उस एक वाक्य ने शादी को कैसे उलट-पुलट कर दिया?)
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rajukumarchaudhary502010

it's breakfast time..

kattupayas.101947