Most popular trending quotes in Hindi, Gujarati , English

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New bites

मुद्दतें हो गयीं... उनसे मुलाकात किये हुए ....
क्या पता कितने रह गये हैं... उनके दिल मे हम ........💔

narayanmahajan.307843

कोई अंत नहीं.,
मन के सूनेपन का,
सन्नाटे के पार है.,
एक सन्नाटा और......!!

narayanmahajan.307843

मोहब्बत का कोई प्रमाण नहीं होता,
वह बस विदा होते वक्त आंखों से छलकता है...❤️‍🩹

narayanmahajan.307843

ஏற்கனவே matrubharti யில் வெளிவந்த என்னுடைய தமிழ் நாவல்கள் தற்போது google play store மூலம் விற்பனைக்கு வந்துள்ளது. புதிதாக யாதுமற்ற பெருவெளி நாவல் மற்றும் நிழல் தரும் வசந்தம் நாவல் சேர்க்கப்பட்டுள்ளது. மேலும் என்னுடைய சிறுகதைகள் தொகுப்பு ஒன்றும் வெளியாகி உள்ளது. ஆதரவு அளிக்குமாறு அன்பு டன் கேட்டு கொள்கிறேன்.

kattupayas.101947

book list 2nd part

kattupayas.101947

Good evening friends..hope you all fine. my tamil novels published in matrubharti is for sale in ebook format @ google play store. please share with your friends. now yadhumatra peruveli and nizhal tharum vasantham also added as new books. hope you enjoy the same. my short stories collection also added as a book named snehavum puththagamum.

kattupayas.101947

खामोशी को पन्नों पर उतार अपनी क़िस्मत को लिख रही थी ,में ।
एक नई मंजिल पर कदम रख अपनी कामयाबी की ओर बढ़ रही थी, में।।

authorsahiba

noval naam ✍️👉The Ruthless Pact

जिसे पूरी दुनिया 25 साल तक एक लाचार पागल समझती रही, वो बंद कमरे में अपने ही दुश्मनों के खून से उनकी मौत की तारीख लिख रही थी... असली खूनी खेल तो अब शुरू हुआ है!"

sknovel

मेरी series, The Ruthless Pact,

एक खूनी रात में, अंडरवर्ल्ड का सबसे खूंखार कातिल 'अजराइल' एक माफिया डॉन को मौत के घाट उतार देता है। लेकिन अजराइल कोई और नहीं, बल्कि एक रहस्यमयी लड़की है, जिसे सब पागल समझते हैं और जो अपने दादा के गुप्त बैंक की तलाश में है। दूसरी ओर, शहर का सबसे शक्तिशाली टाइकून रुद्र प्रताप सिंह, अपने भाई की मौत का बदला लेने के लिए अजराइल को ढूंढ रहा है। जब वैशाली सिंह, जो रुद्र के भाई की मौत के पीछे का मास्टरमाइंड है, अपने बिजनेस को बचाने के लिए रुद्र को अपनी बेटी मायरा से शादी का प्रस्ताव देती है, तो रुद्र एक चौंकाने वाला फैसला लेता है। वह मायरा को नहीं, बल्कि वैशाली की उस पागल सौतेली बेटी को अपनी 'मास्कड ब्राइड' बनाने की शर्त रखता है, जिसे वह सालों से एक पुराने आउटहाउस में कैद रखती है। क्या रुद्र जानता है कि वह किसे अपने घर ला रहा है? या वह खुद मौत के फरिश्ते को अपने बेडरूम का दरवाजा खोलकर दे रहा है? इस खूनी खेल में, जीत किसकी होगी?

sknovel

एक खूनी रात में, अंडरवर्ल्ड का सबसे खूंखार कातिल 'अजराइल' एक माफिया डॉन को मौत के घाट उतार देता है। लेकिन अजराइल कोई और नहीं, बल्कि एक रहस्यमयी लड़की है, जिसे सब पागल समझते हैं और जो अपने दादा के गुप्त बैंक की तलाश में है। दूसरी ओर, शहर का सबसे शक्तिशाली टाइकून रुद्र प्रताप सिंह, अपने भाई की मौत का बदला लेने के लिए अजराइल को ढूंढ रहा है। जब वैशाली सिंह, जो रुद्र के भाई की मौत के पीछे का मास्टरमाइंड है, अपने बिजनेस को बचाने के लिए रुद्र को अपनी बेटी मायरा से शादी का प्रस्ताव देती है, तो रुद्र एक चौंकाने वाला फैसला लेता है। वह मायरा को नहीं, बल्कि वैशाली की उस पागल सौतेली बेटी को अपनी 'मास्कड ब्राइड' बनाने की शर्त रखता है, जिसे वह सालों से एक पुराने आउटहाउस में कैद रखती है। क्या रुद्र जानता है कि वह किसे अपने घर ला रहा है? या वह खुद मौत के फरिश्ते को अपने बेडरूम का दरवाजा खोलकर दे रहा है? इस खूनी खेल में, जीत किसकी होगी?

sknovel

Do you know that anger is a result. By changing its causes, anger can be stopped?

To know more, visit here: https://dbf.adalaj.org/FUTMGTMS

#angermanagement #angerissue #selfhelp #selfimprovement #dadabhagwanfoundation

dadabhagwan1150

🟡 कॉर्न 🌽टिक्की

🟡 एक मोठी वाटी कॉर्न
एक उकडलेला बटाटा बारीक किसुन
एक वाटी मक्याचा रवा घेतला जो माझ्याकडे उपलब्ध होता
(साधा रवा वापरू शकता)
दोन मिरच्या बारीक चिरुन
बारीक चिरलेली कोथिंबीर
अर्धा चमचा काळी मिरी पावडर
अर्ध्या लिंबाचा रस
मीठ चवीनुसार

🟡 सर्व प्रथम कॉर्न वाफवून मिक्सर मधून थोडेसे भरड वाटून घेतले.
मक्याचा रवा भाजून घेतला
वाटलेल्या कॉर्न मध्ये बटाटा कीस कोथिंबीर मिरची. काळी मिरी पावडर. मीठ,कोथिंबीर व लिंबू रस घालून मिक्स करून घेतले
थोडा वेळ तो गोळा झाकुन ठेवला

🟡 थोड्या वेळाने त्याचे गोळे करून पोळपाटावर थापून गोल साच्याचा वापर करून टिक्की बनवली.

🟡 ही टिक्की मक्याच्या रव्यात दोन्हीं बाजूंनी घोळून
फ्रिज मधे तासभर सेट केली

🟡 तासाभराने तव्यावर तेल लावून दोन्ही बाजूंनी चांगलीं खरपुस फ्राय केली.

🙂गरमागरम कॉर्न टिक्की सोबत
तळलेली स्माईली..🙂
कांदा रिंग व 🍅.टोमॅटो सॉस .

jayvrishaligmailcom

एक संवाद, एक सबक

(काजल): "किस चाँद का नूर हो तुम, यह बताओ कौन हो तुम?"

(मेरी बहन): "चाँद तो बस एक का होता है, हज़ारों का नहीं। वह तो आसमान में रहता है, धरती पर नहीं। ज़रा बच के रहना दुनिया से, यह बड़ा बेखौफ माहौल है।"

(काजल): "मैं चाँद नहीं, मैं तो तारा हूँ।"

(मेरी बहन - टोंट मारते हुए): "रोशनी तो चाँद से होती है, तारों से नहीं; और मोहब्बत एक से होती है, हज़ारों से नहीं।"

(काजल): "अगर ऐसा है, तो फिर मैं खुला आसमान हूँ और उस आसमान का बादल हूँ।"

(मेरी बहन): "तो फिर उन बादलों के पीछे छुप मत जाना!"

(काजल): "छुपेंगे नहीं, हम तो बारिश बनकर आएंगे।"

(मेरी बहन): "देखना, कहीं नाली में मत बह जाना।"

(काजल): "अगर नाली में बही, तब भी हम समुद्र में मिल जाएंगे। और फिर भाप बनकर, बादल बनकर आसमान में जलकाएंगे।
(मेरी बहन - चेतावनी देते हुए): "आसमान के नीले रंग में खो मत जाना! जिस लाइन में तू है न, उसकी टीचर मैं हूँ, तो ज़रा संभल कर!"

(काजल - मुस्कुराते हुए): "हम खोएंगे नहीं, बस तुम्हें अपना दीदार कराएंगे।"

(मेरी बहन - फिक्र जताते हुए): "ठीक है, पर एक बात याद रखना... मौसम के बदलाव में तुम भी मत बदल जाना।"

(काजल - शांत भाव से): "...और फिर मेरे पास कहने को कुछ न बचा, बस खामोश होकर मैं उनकी बात मान गई।"

vanshsingh118873

फटी ज़ेब को देखकर
मैं परेशान हो गया था
चंद रुपयों की बात न थी
मेरा ईमान खो गया था

गजेंद्र

kudmate.gaju78gmail.com202313

तूने ही अपने कदम पीछे कर लिए,
मुझमें कहाँ थी हिम्मत तुझे गवाने की

तेरे लिए तो मैं हर शख्स को ठुकरा देता,
तू ज़िद तो करती मुझे पाने की...!!!

narayanmahajan.307843

किसी रोज़ तुमसे मिलकर
यूँ बिछड़ जायेंगे
जैसे घाटों को छूकर लहरें गुज़र जाती हैं
कुछ अधूरी-सी बातें
आँखों में रह जायेंगी
जैसे कुछ दास्तानें ख़ामोशियों में उतर जाती हैं
न तुम रोक पाओगे,
न हम ठहर पाएंगे
वक़्त के हाथों दोनों ही बिखर जाएंगे
मगर एक शाम
जब तन्हाई दस्तक देगी।
तुम किनारा बने रहना
हम लहरों की तरह तुम तक उमड़ आयेंगे
मिलना भी मुकद्दर होगा और बिछड़ना भी
तुम्हारे ख्वाबों में इस तरह बिखर जाएंगे
बस एक ख़ामोश सा एहसास दिल में ठहर जाएगा
तुम देखते रह जाओगे किनारे की तरह वहीं
और मेरा नाम लहरों संग
बहता चला जाएगा✍️

narayanmahajan.307843

" Bheed se alag'

arnagvanshi051673

“जलता दीप “
क्या जलता दीप
घोर अँधेरा मिटा सकता है क्या…?
क्या बढ़ते कदम
किसी ग़लत राह से मुड़कर
किसी जाने-पहचाने पथ पर
चल सकते हैं क्या…?
क्या जलता दीप
घोर अँधेरा मिटा सकता है क्या…?
जो रोशनी की किरणें
चमकने से पहले ही
अँधेरे की पीड़ा में दब गई हों,
क्या उन्हें फिर से
सूरज से मिलाया जा सकता है क्या…?
क्या जलता दीप
घोर अँधेरा मिटा सकता है क्या…?
जो हाथ थक गए हों
जीवन का बोझ उठाते-उठाते,
क्या उन हाथों को
कभी सुकून का स्पर्श
मिल सकता है क्या…?
या फिर कुछ अँधेरे
बस साथ चलने के लिए होते हैं…
और दी
सिर्फ़ इतना करता है,
कि हम गिरें नहीं।
प्राची गुर्जर ……

prachitanwar111

प्रीये....
तुम मेरे जीवन में सर्वदा के लिए रहोगी
चाहे प्रेम बनकर
या फिर ना समाप्त होने वाली पीड़ा बनकर...
श्री राधे कृष्ण 🙏🌹🌹

narayanmahajan.307843

कविता
तू रहता कौन से शहर में है




क्या तेरे पास जाने की कोई और रास्ता है
है तो बताना
मुझे सचमुच में तेरे पास जाना है

तू रहता कौन से शहर में
और तुम्हारा घर का पता क्या है

मुझे नहीं मालूम बताना
मुझे तुझे ढूंढते हुए तुम्हारे शहर तक जाना है
तुम्हें गले लगाने के लिए तुम्हारे घर तक आना है




तू है इस दुनिया की या तेरा दुनिया कही और है
सच-सच बताना तू किस दुनिया से है


मुझे सचमुच में तुमसे मिलना है
तेरी एहसासों में जीती रही आज तक मैं
तुम्हें सपनों में देखती रही आज तक में


पर अब ऊब गई हूं मैं
इस नियंत्रर एक जैसे चलते हुए जिंदगी से



अब मुझे तुम्हारे पास आकर
तुम्हें महसूस करना है


क्या-क्या बताऊं तुम्हें
तुम्हें गले लगाना है तुम्हें चूमना है
तुम्हारे साथ पूरी दुनिया घूमना है



मेरी ख्वाहिश तुझसे शुरू होती है
और तुम्हें तक जाती है

पर मैं निराश हूं
इन ख्वाहिशों से
जो हकीकत होते हुए मुझे कभी ना देखा


तू है कहीं पर इन आंखों के सामने तू कभी ना दिखा
क्या यही मुकद्दर है हमारी



या बस यह मेरी किस्मत है
तुम्हें सोचते रहना
और सोचते रहना पागलों की तरह
सोचते रहना
और सोच सोच कर तुम्हें पाने की झूठी ख्वाब बुनना


उफ
कितनी पागलपन से भरी हुई मेरी ऐ दिमाग है
जिससे तुम कभी जाते ही नहीं



पर क्या करूं अगर तुम्हें भुलाना आसान होता तो
भुला दिया होता
और दिल मै किसी और से कब की लगा लिया होता


सच कहूं तो तुम्हें भुलाने सच में बहुत ही मुश्किल है
मेरे लिए





पर अब सोचती हूं तुम्हें ढूंढती रहूं
या तुम्हें ढूंढना छोड़ कर
थोड़ी ध्यान खुद पर दे दु


ऊफ तुम्हारा नाम लेकर
मेरे लिए यह डिसाइड करना भी मुश्किल है

क्या करूं तुम्हारा नाम लेना छोड़ दूं
पर तुम्हारा नाम से ही तो यह धड़कन धड़कती है
यह थम जाएगी तो मैं मर ही जाऊंगा

आ कितना मुश्किल है
मेरे लिए ऐ जहां मे
तुम्हें ढूंढना और खुद को संभालना

abhinisha

ऋषभ परिचय

जाहि कृपा पिपीलिका पार जाई ।
महान समुन्द्र का थाह लगाई ॥
जाहि कृपा नापा धरती आकाशा ।
होवे पूरा सब मन अभिलाषा ॥१॥

जाहि कृपा जन्म जन्म तक ज्ञान ।
देई दर्शन सदैव भगवान ॥
मुरझाया सुमन खिल जाता है ।
गरल महाअमृत हो जाता है ॥२॥

जाहि कृपा भक्त सब ब्रह्माण्ड की ।
थाह लगा पातें धाम ईश्वर की ॥
दुःख कष्ट पीड़ा पाप दूर जाई ।
तीनऊँ ताप कबहूँ न सताई ॥३॥

जाहि कृपा मोह माया दूर जाई ।
भक्तन्ह पर बनी राम कृपाई ॥
ऐश्वर्य समृद्धि सुख शान्ति पाई ।
मुक्ति पाई रघुपति धाम जाई ॥४॥

जाहि कृपा दुष्ट सन्त मुक्ति पाई ।
कर्म रूपी जीवन से तर जाई ॥
जाहि सेवक करत सेवकाई ।
उत्तम पुण्य उत्तम फल पाई ॥५॥

धर्म कर्म काम मोक्ष राम दास ।
मैं ऋषभ विश्वकर्मा ताहि दास ॥
राम भजन कीर्तन गुण गान ।
कीन्ह मोहि जग नामी भगवान ॥६॥

राम की सेवा कर दास कहाई ।
सेवा से ऋषभदास नाम पाई ॥
उत्तम दीक्षा शिक्षा पिता नें दिया ।
भा गुरु मोर सर्व सम्पन्न किया ॥७॥

माता पिता प्रथम भगवान हैं ।
वही मोरे हेतु उत्तम गुरु हैं ॥
जनक का नाम राधेश्याम मोरे ।
जननी का नाम बाला देवी मोरे ॥८॥

कुल विश्वकर्मा ब्राह्मण वर्ण है ।
शाण्डिल्य गोत्र लौहकार कर्म है ॥
आराध्य देव प्रभु विश्वकर्मा हैं ।
विश्वकर्मा पुत्र मनु से जन्मे हैं ॥९॥

भक्ति रस का मैं कवि कहलाता ।
परमेश्वर की महिमा को गाता ॥
शारदा कृपा से रचना करता ।
महिमा गाकर पाप उतारता ॥१०॥

ब्रह्माण्ड वसुधालोक जम्बूद्वीपं ।
भरतखण्ड आर्यावर्त भारतं ॥
प्रसिद्ध आर्यमगढ़ नगरी है ।
अद्भुत सुन्दर ग्राम लहुआँ है ॥११॥

शङ्करपुर का गृहसमूह है ।
लौहकार वंश का लोहरान है ॥
जयराम नामक एक गृह है ।
राम कृपा से वही मेरा धाम है ॥१२॥

लहुआँ माटी से तिलक लगाता ।
लहुआँ की माटी का पुत्र कहाता ॥
लहुआँ की माटी में जन्म लिया हूँ ।
ता में राम गुण गाता मैं पला हूँ ॥१३॥

कवि - ऋषभ विश्वकर्मा (ऋषभदास)

rishabhvishwakarma