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New bites

*कैलेंडर हमेशा तारीख को बदलता*
*है, पर एक दिन ऐसी तारीख भी*
*"आती है जो कैलेंडर को ही बदल*
*देती है, इसलिए सब्र रखे, वक़्त*
*हर किसी का आता है बस मेहनत*
*करते रहिये...*

🚩 *जय श्री कृष्ण* 🚩

rajnijoshi8512gmailc

नशा और मोहब्बत

नशा हो जाए तो लड़का उल्टी करता है। मोहब्बत हो जाए तो लड़की करती है

rohittalukdar7180

જય શ્રી કૃષ્ણ,શુભ સવાર

thakorpushpabensorabji9973

🤎🤎imran 🤎🤎

imaranagariya1797

‎🌹 Part 5
‎“मोहब्बत में शर्तें नहीं होती,
‎बस एक नाम होता है
‎जो दिल हर धड़कन में लेता है…” 💖

vikramkori

🙏🙏सुप्रभात 🙏🙏
🌹 आपका दिन मंगलमय हो 🌹

sonishakya18273gmail.com308865

ताइवान क्यों तरक्की कर रहा है और भारत क्यों पीछे है?
कारण देश नहीं, नागरिक अधिकार हैं
आज जब हम ताइवान जैसे छोटे से देश को देखते हैं, तो सवाल उठता है कि ना उसके पास अधिक तेल है, ना अधिक लोहे की खान है, ना बड़ी जमीन है, ना विशाल सेना है —
फिर भी वह तकनीक, उद्योग, शिक्षा और लोकतंत्र में आगे कैसे है?
.
इसका जवाब बहुत सीधा है:
क्योंकि ताइवान के नागरिकों के हाथ में असली कानूनी ताकत है। नीचे ताइवान और भारत के नागरिक अधिकारों की तुलना समझिए।

1. राइट टू रिकॉल (नेता को हटाने का अधिकार)
ताइवान में अगर कोई राष्ट्रपति, सांसद, विधायक, मेयर या जनप्रतिनिधि भ्रष्टाचार करता है, काम नहीं करता या जनता के खिलाफ जाता है, तो जनता उसके अगले चुनाव का इंतजार नहीं करती।
वह:
हस्ताक्षर इकट्ठा करती है, रिकॉल वोट कराती है
और उसी कार्यकाल में नेता को हटा देती है
इसके बाद जनता नया चुनाव कराकर नया प्रतिनिधि चुनती है।

भारत में:
5 साल तक नेता चाहे कुछ भी करे
जनता उसे हटा नहीं सकती है, जनता केवल दर्शक बनी रहती है, जहाँ जनता मालिक होती है, वहाँ नेता डरते हैं।
जहाँ जनता बेबस होती है, वहाँ नेता बेलगाम हो जाते हैं।
.
2. रेफरेंडम (जनता द्वारा कानून तय करने का अधिकार)

ताइवान में:
जनता किसी कानून, नीति या सरकारी फैसले से असहमत हो
तो हस्ताक्षर जुटाकर पूरे देश में जनमत संग्रह (Referendum) करा सकती है
सरकार उस फैसले को मानने के लिए बाध्य होती है।

भारत में:
कानून जनता नहीं बनाती है, जनता से कभी नहीं पूछा जाता
संसद जो चाहे, वही कानून बनता है।
ताइवान में कानून जनता के लिए हैं,
भारत में जनता कानूनों के लिए है।
.
3. जूरी सिस्टम जैसा नागरिक न्याय (Lay Judge System) ताइवान में गंभीर आपराधिक मामलों में:
केवल जज ही नहीं
बल्कि आम नागरिक भी अदालत में बैठकर फैसला करते हैं
यानी न्याय व्यवस्था सिर्फ जजों की नहीं, जनता की भागीदारी वाली है।

भारत में:
न्याय पूरी तरह जजों के हाथ में होता है, आम नागरिक की कोई भागीदारी नहीं, इसलिए न्याय आम आदमी से दूर होता चला गया है।
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4. बैलेट पेपर से चुनाव (Paper Ballot Elections)
ताइवान में:
आज भी कागज के बैलेट पेपर से मतदान होता है, वोट की गिनती सबके सामने हाथ से होती है, कोई EVM नहीं, कोई EVM मशीन आधारित रहस्य नहीं

भारत में:
EVM आधारित चुनाव, सीमित जांच, जनता के मन में लगातार अविश्वास।
जिस लोकतंत्र पर भरोसा न हो, वह लोकतंत्र कमजोर होता है।
.
5. नतीजा क्या निकला?
ताइवान में:
नेता जवाबदेह हैं, सिस्टम पारदर्शी है, जनता सशक्त है
इसलिए देश आगे बढ़ रहा है।

भारत में:
नेता सुरक्षित हैं, जनता असहाय है
सिस्टम केवल प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, जज, और जिले के सरकारी अधिकारियों के पास है!!
इसलिए समस्याएं बढ़ती जा रही हैं।
गरीबी, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार, अपराध — ये किसी देश की किस्मत नहीं होते, ये खराब कानूनों का परिणाम होते हैं।
.
6. अब सवाल यह है: भारत में यह अधिकार क्यों नहीं?
क्योंकि:
जनता को कभी बताया ही नहीं गया!!
कि, कानून लागू किया जा सकता है।
कि, कानून जनता के दबाव से बनते हैं।
कि, जनआंदोलन से अधिकार छीने जाते हैं।

ताइवान ने यह अधिकार भीख में नहीं पाए, उन्होंने जन आंदोलन से हासिल किए!!
.
7. भारत को भी यही रास्ता अपनाना होगा
अगर हम चाहते हैं:
नेता ईमानदार हों, सस्ता और तेज न्याय हों, पारदर्शी चुनाव हों, और सशक्त नागरिक हों।

तो हमें भी:
वोट वापसी पासबुक कानून।
रेफरेंडम कानून।
जूरी कोर्ट कानून।
बैलेट पेपर चुनाव कानून, जैसे कानूनों को लागू करवाने के लिए संगठित होना पड़ेगा।
.
8. यह लड़ाई किसी पार्टी की नहीं, नागरिक अधिकारों की है
यह आंदोलन:
सरकार बदलने के लिए नहीं है, बल्कि सिस्टम बदलने के लिए है।

अगर आप भी चाहते हैं कि:
भारत में नागरिक मालिक बनें
नेता नौकर हों और कानून जनता के हाथ में हों।
तो इस विचार को आगे बढ़ाइए,

लोगों को कानूनों की जानकारी दीजिए।
और हमारे इस नागरिक अधिकार जनआंदोलन से जुड़िए।
देश बदलता है जब कानून बदलते हैं,
और कानून बदलते हैं जब नागरिक अच्छे कानूनों की मांग करते हैं।

________

हमारे आंदोलन से जुड़ने के लिए संपर्क करें:
88106-40928

RRPindia.in , EvmHatao.co

sonukumai

😁imran 😁

imaranagariya1797

मुझ पर हंसने वालों को,
अब तुम ही जवाब देना मां…
ताकि मैं गर्व से,
सिर ऊँचा कर उठा कर चल सकूं। 🙏✨

archanalekhikha

नया साल उनको भी मुबारक, जो हमारे बारे में ज़हर उगलते हैं।
नया साल उनको भी मुबारक, जो हर पल हमें गिरता हुआ देखना चाहते हैं।
नया साल उनको भी मुबारक, जो हमारी मुस्कान से जल उठते हैं।
नया साल उनको भी मुबारक, जो सामने खामोश और पीछे वार करते हैं।
नया साल उनको भी मुबारक, जो हमारी तरक्की देखना गँवारा नहीं करते।
नया साल उनको भी मुबारक, जो हमारे रिश्ते की मजबूती से डरते हैं।
नया साल उनको भी मुबारक, जो हम दोनों पति-पत्नी को खुश पसंद नहीं करते हैं
नया साल उनको भी मुबारक, जो हमारी राहों में काँटे बिछाते

हैं।

नया साल उनको भी मुबारक,
जो हमें दिमाग से पैदल समझते हैं।
नया साल उनको भी मुबारक,
जो खुद रास्ता भटक कर हमें कमज़ोर कहते हैं।
नया साल उनको भी मुबारक,
जो हमें बिल्कुल मूर्ख समझते हैं।
नया साल उनको भी मुबारक,
जो हमें किसी काम का नहीं समझते हैं।
नया साल उनको भी मुबारक,
जो हमें कुछ नहीं… मगर खुद को सबकुछ समझते हैं।


और… नया साल उनको भी मुबारक,
क्योंकि हम हर साल टूटते नहीं — और ज्यादा चमकते हैं ✨

archanalekhikha

अधूरा सा रिश्ता💔

abhishekkunehadiya630902

હા' શબ્દમાં બહુ બધી શક્તિ છે અને 'ના' શબ્દમાં બહુ અશક્તિ છે. - દાદા ભગવાન

વધુ માહિતી માટે અહીં ક્લિક કરો: https://dbf.adalaj.org/F7UiLEWY

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dadabhagwan1150

साल के अंतिम सफर में मेरे
मन में एक प्रश्न उठा।

क्या बुराई से बुराई को जीता जा सकता है?

प्रश्न सरल है किन्तु उत्तर
अलग अलग मिलेंगे।

क्युकी हर एक मस्तिष्क अलग अलग उत्तर चुनाव करेगा।

मेरा मानना तो हें कभी नहीं,
क्युकी बुराई से बुराई को कभी जीता नहीं जा सकता।

इस तरह बुराई मरेंगी नहीं बल्कि वह शरीर बदल देंगी आत्मा की तरह,
वह जिंदा ही रहेंगी, आपके शरीर में।

राम चाहते तो रावण को बुराई करके आसानी से मार सकते थे,

फिर वो राम राम रहते?

कभी नहीं

रावण और राम समान हो जातें।

राम का जीवन आदर्श और वह पूजनीय ना रहते।

इस तरह युधिष्ठिर, हरिश्चंद्र, प्रहलाद ,जिसस ईसु, गुरु नानक,महमद पयंगबर या गांधीजी उदाहरण के तौर पर लेलों।

यह सब व्यक्ति अपने अच्छे व्यक्तित्व से ही माननीय और पूजनीय है और रहेंगे।

बुराई का रास्ता छोटा होता है पर मंज़िल में दुश्मनी ही मिलती है मैत्री या सम्मान मिलता नहीं है।

parmarmayur6557

जब अपने मुँह मोड़ लेते हैं।

jaiprakash413885

पागला, प्यार में झगड़ा तो होगा, पर ....✍️

jaiprakash413885

I can't adjust

jaiprakash413885

जल्द ही मैं एक क्रांति लाऊँगा
और उस क्रांति का नाम होगा

मकरसंक्रांति !

rohittalukdar7180

😂imran 😂

imaranagariya1797

🙏🙏सुप्रभात 🙏🙏
🌹 आपका दिन मंगलमय हो 🌹

sonishakya18273gmail.com308865

My Mandala art work ✍️

nensivithalani.210365

‎🌹 Part 4
‎“उसका ख्याल ही
‎मेरे चेहरे की मुस्कान बन जाता है,
‎और लोग पूछते हैं—
‎क्या बात है?” 😊💓

vikramkori