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New bites

मजबूत बनो"

यदि तुम हर परिस्थिति में खुद को सँभालना सीख जाओ,
तो यक़ीन मानो — पहाड़ की तरह अटल खड़े रह सकोगे।

कमज़ोर लोग डिप्रेशन और निराशा में बैठ जाते हैं,
सोचते हैं — "अब कुछ नहीं हो सकता।"
पर मज़बूत इंसान कभी हार नहीं मानता।


"अगर यह रास्ता नहीं मिला तो दूसरा खोज लूँगा,
गिरा हूँ तो क्या हुआ, उठकर फिर चलूँगा।
पीछे नहीं हटूँगा, पहाड़ की तरह खड़ा रहूँगा।
और हार? नहीं… हार को तो हराऊँगा!"

archanalekhikha

જનમતી વખતે દરએક બાળક
આ સંદેશ લઈને આવે છે
કે
મનુષ્યનુ સર્જન કરીને
પ્રભુ હજી હતાશ નથી થયો.

amiralidaredia175421

Read my books, new chapters are released soon

gauravpathak

Akshya Dharma Foundation to Celebrate Onam with Free Grocery Distribution in Palakkad on August 30

Palakkad, Kerala — August 24, 2025 — In the true spirit of Onam, a festival that celebrates abundance, unity, and compassion, the Akshya Dharma Foundation will host a free grocery distribution drive on August 30, 2025, in Palakkad. This initiative aims to bring festive cheer and essential support to families in need, reaffirming the Foundation’s commitment to inclusive service and cultural celebration.

The event will be honored by the presence of Shri V. K. Sreekandan, Honorable Member of Parliament, who will attend as the Chief Guest, joining hands with volunteers and community leaders to mark the occasion.

🌾 Event Highlights:

• Distribution of Onam-special grocery kits to economically vulnerable families
• Cultural expressions of Onam spirit through community engagement
• Address by Shri V. K. Sreekandan on the importance of compassion-driven development


A representative from Akshya Dharma Foundation shared:

“Onam is a time to share joy and dignity. Through this initiative, we hope to ensure that every family, regardless of circumstance, can celebrate with warmth and nourishment.”

sasikrishnasamy

जिस्म को नोच देते हैं दरिंदे
क्यों जख्म दिल के मिटते नहीं?

जिंदगी बर्बाद होती मासूमों की,
हत्यारों को क्यों सजा मिलती नहीं ?

मोमबत्ती लेकर सड़को पर जुलूस
निकालने से मिलता क्यों इंसाफ नहीं ?

हत्या को आत्महत्या बताकर गलत किया,
कैसे लिखूं कि इसमें प्रशासन का हाथ नहीं ?

bita

Bye this Product
https://bitli.in/jWcxhXO

sonukumargami727971

Niyas KN is a voice for the voiceless and a light for the overlooked.

niyaskn

*प्यार वो था…*

न तो कोई तोफ़ा था, न किसी से माँगा,
बस ख़ुद-ब-ख़ुद मेरी राहों में उतर आया।

यादों की आहट ने जब कदम छुए,
ख़ामोशी भी जैसे कुछ कहने लगी।

फना थी हर डगर, मगर जाने कहाँ से
एक रौशनी सी मेरी साँसों में समा गई।

लज्जा की नर्मी, दिल की हल्की कंपन,
उसी पल वो मेरे सीने में घर कर गया।

हम चाहने लगे उसे इस कदर,
कि हमारी चाहत में ही
वो हमेशा ज़िंदा रह गया।
_Mohiniwrites

neelamshah6821

ना इस जिंदगी में हम किसी के हुए ना कोई हमारा हुआ ।बस ये जिंदगी जी रहे हैं

gulaboo22

हमारी ख़ानाबदोशी हमारी मंज़िल है
हम अपने आप में रहते हैं दर बदर आबाद!!

iqbaal20

'​mistake,
"જ્યારે સમય ખરાબ હોય,
ત્યારે લોકો હાથ નથી આપતા,
પણ ભૂલો પકડે છે."
DHAMAK

heenagopiyani.493689

🙏🙏ચા બસ એક જ અક્ષર નો શબ્દ છે.
તો પણ કેટલી સમૃદ્ધિ થી ભરેલ ખજાનો છે.

મિત્રોની મિત્રતા ની વાતોની ને તેનાં સંસ્મરણોની યાદોની સાક્ષી રહેલી છે ચા.

ઝરમર ઝરમર વરસતા વરસાદમાં હળવા પવનની લહેરખીઓમાં બે પ્રેમીજનો સાથે બેસીને માણેલી ક્ષણોની સાક્ષી રહેલી છે ચા.

કોઈ લેખક કે કવિની વહેલી સવારે અટકેલી કલમને વિચારોની સંજીવની આપવામાં મદદગાર બનેલી છે ચા.

કોઈ નારાજ સંબંધીને મનામણાં માટે ભેગા થયેલા સ્વજનો સંબંધીને મનાવી લે ત્યારે સાક્ષી રહેલી છે ચા.

બે દુશ્મનો પણ પરસ્પર એક ચાનાં વ્યવહારથી મિત્રો બન્યા હોય તેમાં દાખલારૂપ બની છે ચા.

કોઈ પ્રથમ મુલાકાત કરશે પરસ્પર ચાનાં વ્યવહારે એવાં વચને બંધાઈ વાટ જોતી જોઈ છે ચા, હ.🦚🦚

parmarmayur6557

Do you know that the kids are our dependents? They are here for our love and warmth.

Read more on: https://dbf.adalaj.org/8t9wY8XP

#relationship #parenting #love #relationshipadvice #DadaBhagwanFoundation

dadabhagwan1150

सिर्फ तुम......!!
नेहा.....

neharoy649601

#facebook #WhatsApp #instagram
फॉलोअर्स की तालियाँ सुनते-सुनते
आप अपने दिल की आवाज़ दबा रहें हैं...

जी हां आज के समय इंसान समाज में रहते हुए भी अकेला हो चुका हैं लेकिन वो इसे इसलिए नहीं स्वीकारता हैं क्योंकि उसके पास सोशल मिडिया पर अपने निजी रिश्तों से ज्यादा लोगों की फौज जो हैं लेकिन क्या ये फौज उसके वास्तविक जीवन के करीब हैं...? नहीं यहां वास्तविक जीवन का कोई मोल नहीं हैं क्योंकि ये सोशल की दुनियां सिर्फ और सिर्फ झूठे दिखावे की सत्यता पर आपस में एक दूसरे से जुडी हैं... लेकिन जहां सत्यता हैं वहां कम लोग हैं लेकिन सुखी हैं. जो इस झूठ के मायाजाल में पहले तो औरो को फसाते हैं और एक समय ऐसा आता हैं जब वे स्वयं ही बर्वाद हो जाते हैं.... कुछ समहल जाते हैं तो कुछ दुनियां में रहते हुए भी गुमनाम हो जाते हैं...

एक सामाजिक जागरूकता की आस में एक कहानी जल्दी ही आपके समक्ष होंगी..

"फॉलोअर्स का साया"

दीपक बुंदेला "आर्यमौलिक"

deepakbundela7179

💠प्यार में वादा दिल का रिश्ता है।
💠रिश्तों में वादा विश्वास और कर्तव्य का रिश्ता है।
💠व्यापार में वादा नियम और लाभ का रिश्ता है।

deepakbundela7179

A person who can read my Emotions

mayankbhandari84gmail.com090614

धर्म — पिता का स्मरण या मां का अनुभव ✧
✍🏻 — अज्ञात अज्ञानी

भूमिका
धर्म के प्रतीकों में पिता और मां का बड़ा गूढ़ अर्थ छिपा है। इस पुस्तक में हम उस अंतर, उसके दार्शनिक अर्थ, और असली धर्म के स्वरूप की खोज करेंगे। धर्म में पिता और मां के प्रतीक क्यों, और किस ओर ले जाते हैं — यही केंद्र बिंदु है।

अध्याय 1: धर्म के प्रतीक — पिता और मां
धर्म ने ईश्वर को पिता के रूप में प्रस्तुत किया—कारण, बीज, नियम, व्यवस्था, सत्ता और भविष्य की आशा।
मां प्रेम, करुणा, आत्मा, वर्तमान, धारण और जीवन का प्रतीक है।
पिता देता है बीज, मां उसे जीवन देती है।
पिता अधूरा है; मां पूर्ण है।

अध्याय 2: धर्म में पिता का आग्रह
धर्म कहता है — “भगवान को स्मरण करो, सुख मिलेगा, सफलता मिलेगी।”
यह ईश्वर को लाभ देने वाले पिता में बदल देता है।
भूत (बीज) और भविष्य (विरासत) में पिता की ही प्रधानता है।
धर्म व्यवस्था बनाता है, लेकिन हृदय पीछे छूट जाता है।

अध्याय 3: मां की मौन उपस्थिति
मां जीवन देती है, वर्तमान का प्रतीक है।
मां का स्मरण आत्मा, हृदय, प्रेम और मौन की ओर ले जाता है।
मां का प्रेम निःस्वार्थ और निरपेक्ष है।
मगर धर्म ने मां को पीछे छोड़ दिया, सत्ता और व्यवस्था के लिए।

अध्याय 4: धर्म का असली स्वरूप
अतीत (शास्त्र) और भविष्य (आशा) केवल शिक्षा या प्रेरणा है, धर्म का केंद्र नहीं।
धर्म का केंद्र — वर्तमान।
जहां प्रेम है, आत्मा है, मौन है।
यही असली धर्म है।

अध्याय 5: प्रेम या सौदा?
धर्म कहता है — "पिता से प्रेम करो",
पर इसमें छुपा सौदा: “वह देगा, तो हम प्रेम करेंगे।”
मां का प्रेम सौदा नहीं;
उसमें ममता और करुणा बिना शर्त है।

अध्याय 6: शिक्षा और अनुभव
शिक्षा (पुराण, कहानियाँ) केवल संकेत है।
धर्म — अनुभव है।
अनपढ़ भी अगर वर्तमान में प्रेम और आत्मा को जिए, तो वह धार्मिक है।
धर्म शिक्षा नहीं, अनुभव है।

अध्याय 7: मां का धर्म — मुक्तिपथ
मां का अनुभव व्यक्ति को माया-बंध से मुक्त करता है।
वह आत्मा, प्रेम और वर्तमान का मार्ग है।
मां की ओर लौटना ही आत्मा की ओर लौटना है।

सूत्र/कविता
पिता बीज देता है,
मां जीवन रचती है।
धर्म पिता का स्मरण है,
मुक्ति मां का अनुभव है।

भूत-वर्तमान-भविष्य तीनों में खोजा धर्म,
लेकिन मौन के क्षण में मां है धर्म।
जहां प्रेम न बिके,
वहीं है मां, वहीं है आत्मा, वहीं है सच्चा धर्म।

निष्कर्ष
धर्म ने पिता के स्मरण से भूत और भविष्य को पकड़ा,
मां (प्रेम, आत्मा, वर्तमान) को दरकिनार किया।
सत्य यह है —
पिता अपूर्ण, मां पूर्ण।
धर्म व्यवस्था से बाँधता है,
मां का अनुभव मुक्त करता है।
असली धर्म — मां का प्रेम, आत्मा और वर्तमान में ही है।

bhutaji

जय श्री कृष्ण

deepakbundela7179

जब दिल में दर्द भरा हो
और मुस्कान में मिठास न हो
जब धोखा खाकर भी 💔💔
धोखेबाज कहलाए हों
या अपना सब कुछ देकर भी
तुम खाली हाथ आए हों
जब मोहब्बत में
गुलाब के पंखुड़ियों से बिखर गए हों
या किसी किताब के पन्नों के बीच
कोई खूबसूरत याद बन कर रह गए हों
कुछ भी हो जब लगे
आज कुछ अच्छा नहीं लग रहा
मन भारी सा हो रहा है
मुस्कुराने से ज्यादा रोना आ रहा हो
तब बस जी भर के रो लेना चाहिए । 🙂🙂

puneetkatariya2436

What A Line 🔥🔥🔥

mayankbhandari84gmail.com090614

"𝗠𝗮𝗻𝗮 𝗸𝗮𝗿𝘁𝗲 𝗵𝗼 𝗽𝘆𝗮𝗿 "

𝗽𝗮𝗿 𝗸𝘆𝗮 𝘀𝗮𝗿𝗶 𝗷𝗶𝗻𝗱𝗴𝗶 𝗻𝗶𝗯𝗵𝗮 𝗽𝗮𝗼𝗻𝗴𝗲?

𝗸𝘆𝗮 𝗺𝗶𝘁𝗮 𝗽𝗮𝗼𝗻𝗴𝗲 𝘄𝗼 𝗴𝗮𝗺 𝗷𝗼 𝘁𝘂𝗺 𝘀𝗲 𝗻𝗮𝗵𝗶 𝗸𝗶𝘀𝗶 𝗼𝗿 𝘀𝗲 𝗺𝗶𝗹𝗲 𝗵𝗮𝗶?

𝘆𝗮 𝗯𝗵𝗮𝗿 𝗽𝗮𝗼𝗻𝗴𝗲 𝘄𝗼 𝗷𝗮𝗸𝗵𝗺 𝗷𝗼 𝘁𝘂𝗺 𝗻𝗲 𝗻𝗮𝗵𝗶 𝗸𝗶𝘀𝗶 𝗼𝗿 𝗻𝗲 𝗱𝗶𝘆𝗲 𝗵𝗮𝗶?

𝗸𝘆𝗮 𝘀𝘂𝗹𝗮 𝗽𝗮𝗼𝗻𝗴𝗲 𝘂𝗻 𝗮𝗻𝗸𝗵𝗼 𝗸𝗼 𝗷𝗼 𝗿𝗮𝘁𝗼 𝗺𝗲 𝘀𝗼𝗲 𝗸𝗮𝗺 𝗿𝗼𝗲 𝗷𝘆𝗮𝗱𝗮 𝗵𝗮𝗶?

𝗸𝘆𝗮 𝗺𝗶𝘁𝗮 𝗽𝗮𝗼𝗻𝗴𝗲 𝘂𝗻 𝗯𝗮𝗵𝗼 𝗸𝗶 𝘁𝗮𝗹𝗮𝗯 𝗷𝗼 𝗲𝗸 𝗮𝗿𝘀𝗲 𝘀𝗲 𝗸𝗶𝘀𝗶 𝘀𝘂𝗸𝗼𝗼𝗻 𝗸𝗶 𝘁𝗮𝗹𝗮𝘀𝗵 𝗺𝗲 𝗵𝗮𝗶?

𝗸𝘆𝗮 𝗱𝗶𝗹𝗮 𝗽𝗮𝗼𝗻𝗴𝗲 𝘄𝗼 𝗮𝗵𝘀𝗮𝘀 𝗷𝗼 𝘀𝗶𝗿𝗳 𝗺𝗲𝗿𝗲 𝘀𝗵𝗮𝗿𝗶𝗿 𝗸𝗼 𝗻𝗮𝗵𝗶 𝗺𝗲𝗿𝗶 𝗿𝘂𝗵𝗵 𝗸𝗼 𝘀𝗵𝗮𝗻𝘁 𝗸𝗿𝗲?

𝗸𝘆𝗮 𝗱𝗲𝗸𝗵 𝗽𝗮𝗼𝗻𝗴𝗲 𝗺𝗲𝗿𝗮 𝘄𝗼 𝗿𝗼𝗼𝗽? 𝘄𝗼 𝘀𝗮𝗰𝗵 𝗷𝗼 𝘀𝗵𝗮𝘆𝗱 𝘁𝘂𝗺𝗻𝗲 𝗻𝗮𝗵𝗶 𝗱𝗲𝗸𝗵𝗮 𝘄𝗼 𝗺𝗮𝗻𝗷𝗮𝗿 𝗷𝗮𝗵𝗮 𝗽𝗲 𝘀𝗶𝗿𝗳 𝗱𝗶𝗹 𝗺𝗲 𝗱𝗮𝗿 𝗵𝗮𝗶 𝗺𝗮𝗻 𝗺𝗲 𝘀𝗮𝘃𝗮𝗹𝗼 𝗸𝗲 𝘂𝘁𝗵𝘁𝗲 𝘀𝗮𝗶𝗹𝗮𝗯 𝗵𝗮𝗶 𝗸𝘆𝗮 𝗸𝗮𝗿 𝗽𝗮𝘆𝗼𝗻𝗴𝗲 𝘂𝘀𝘀 𝗽𝗲 𝗯𝗮𝘀?

𝗼𝗿.......

𝗮𝗴𝗮𝗿 𝗱𝗲𝗸𝗵𝗮 𝗹𝗶𝘆𝗮 𝘁𝗼 𝗸𝘆𝗮 𝘁𝘂𝗺 𝗺𝘂𝗷𝗲 𝗮𝘀𝗲 𝗮𝗽𝗻𝗮 𝗽𝗮𝘆𝗼𝗻𝗴𝗲?

"𝗺𝗮𝗻𝗮 𝗸𝗮𝗿𝘁𝗲 𝗵𝗼 𝗽𝘆𝗮𝗿"

𝗽𝗮𝗿....

𝗯𝗼𝗹𝗼 𝗸𝘆𝗮 𝗸𝗮𝗿 𝗽𝗮𝘆𝗼𝗻𝗴𝗲 𝗮𝘀𝗮 𝗽𝘆𝗮𝗿??? 🥺

makwanaranjan692gmail.com602226