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New bites

if you are a student and interested in music then try this novel.

kattupayas.101947

बडे दिनो बाद माई डियर प्रोफेसर पधारी है। असुविधा के लिए खेद है। जल्द ही इस कहानी को भी खत्म करेंगे। ये रहा माई डियर प्रोफेसर के भाग 22 की एक झलक।

gautamreena712gmail.com185620

Good afternoon friends.. be safe from hot weather

kattupayas.101947

lemon juice best drink for this season. nimbu pani is great.

kattupayas.101947

युवा लड़की पूज्यश्री दीपकभाई से पूछती है, ""मुझे अपने दोस्तों का उदास होना पसंद नहीं है, तो मुझे उनके लिए क्या करना चाहिए? और ऐसे दोस्तों से कैसे निपटें (deal) करें?"", अंत तक देखें और जानें कि ऐसी स्थितियों से निपटने का सबसे अच्छा तरीका क्या है।

Watch here: https://youtu.be/z71-CcmToW4

#relationshiptips #relationshipadvice #relationship #trending #DadaBhagwanFoundation

dadabhagwan1150

એમેઝોન પર ૨૨૪૦ પેજનું 'દરેક ક્ષેત્રમાં સફળતા' નામનું સંપૂર્ણ પુસ્તક ઈબુક સ્વરૂપે પબ્લીશ થઈ ગયું છે તેમજ ૪ તારીખ સુધી ૯૯ રુપિયાની કિંમતનું આ પુસ્તક સંપૂર્ણ ફ્રી છે તો વહેલી તકે તેનો લાભ ઉઠાવવા વિનંતી.
આભાર...
https://www.amazon.in/dp/B0H37MG1G3/ref=sr_1_1?crid=T6ASKOHYUMW4&dib=eyJ2IjoiMSJ9.sWy8rEPKHVBWaEy94O1-hw

amitparmar170646

Good Morning 🌅

harshparmar8722

.........*.पाऊस ..!!!*

जणू ..तुझ्या "गुलाबी '..ओठांचा ..स्पर्शच ..अनुभवतोय मी ..!
पावसाची ..रुण..झुण...रुण..झुण...
जणू .तुझ्या बोलण्याची धुन...छुन छुन .....छुन छुन..!
पाऊस ..बरसतोय ..अंगावर ..
जणू ..आवेग तुझा .."बेभान "....अनावर ..!!
पावसाचा .."स्पर्श '..तना ..मनावर ....
जणू ..आठवणी "एकांताच्या ..आपल्या "..क्षणा .. क्षणावर ..!
..असे दर मोसमात .पावसाने येणे .
आणी ..जागवणे ..आठवणी पुन्हा ..पुन्हा ..
तुला .पण आठवत असतील का..ग तुझ्या माझ्या प्रीतीच्या "खुणा "?
..आता नाहीत तो .'.ऋतू "..त्या "भावना "..!
तरी पाऊस ..घेतोच आहे ".मिठीत" पुन्हा पुन्हा ....
तुझ्या ..प्रीतीत विसरलो "देहभान " ..हाच का ग माझा "गुन्हा "??
......................................

jayvrishaligmailcom

"अब न जीत, न हार"

अब न कोई आरज़ू है बाकी, न किसी का है इन्तेज़ार।
हम ज़िन्दगी के उस दौर में आ गए हैं यार...

जहाँ दूर-दूर तक फैला है बस सुकूँ भरा नज़ारा,
न पाने की कोई हसरत बची, न खोने का मलाल।

बद्दुआएं भी अब असर नहीं करतीं हम पर,
और न काम आती है किसी की दुआ भी...

शायद किस्मत के इस खेल से आगे, बहुत आगे हैं हम,
अब न जीत की खुशी मनाते, और अब न हार की परवाह करते हैं हम।

-MASHAALLHA

mashaallhakhan600196

This song is the key inspiration of my novel ஒரு தேவதை பார்க்கும் நேரம் இது. Thanks to lyricst na. muthukumar

kattupayas.101947

tired of overthinking. let me have breakfast.

kattupayas.101947

It's Tea time.. enjoy yourself with Tea

kattupayas.101947

सिक्का उछालकर तक़दीर का
फैंसला किया नहीं जाता
मेहनत कर तक़दीर के भरोसे
पगले जिया नहीं जाता

गजेंद्र

kudmate.gaju78gmail.com202313

Very Good morning friends..

kattupayas.101947

ममता गिरीश त्रिवेदी की कविताएं
https://www.instagram.com/reel/DZFw7Oeq4ks/?igsh=eW4xdG95NzJ0d2to

mamtagirishtrivedi740648

Goodnight friends..sleep well

kattupayas.101947

शीर्षक "हाँ, मैं आज़ाद हूँ"
​हाँ, मैं आज़ाद हूँ,
मुझे गुलामी पसंद नहीं।
आँखों में क्रांति है,
शब्दों में इंकलाब,
हाँ, मैं भगत सिंह का फैन हूँ।
​अन्याय मुझसे देखा नहीं जाता,
ईश्वर के सामने गिड़गिड़ाना आता नहीं।
आँखों में क्रांति की लौ लिए चलता हूँ,
भीख माँगना मुझे पसंद नहीं।
​अन्याय पर मेरा मुँह बंद नहीं रहता,
खून से इंकलाब लिख देता हूँ।
ईश्वर जब कुछ करता नहीं,
इसलिए खुद को नास्तिक कह देता हूँ।
​मेरे कंधों पर मेरा ही हाथ है,
अन्याय देखता हूँ तो खुल कर बोल देता हूँ।
मुझे मौत का कोई डर नहीं,
डर तो बस इस बात का है—
अन्याय पर न बोलूँ तो मेरा जीवन व्यर्थ है,
इसलिए शायद, मैं कुछ नज़रों में बुरा हूँ।
-एस.टी.डी. मौर्य ✍️
#stdmaurya

stdmaurya.392853

ओलविदा मेरे दोस्त



मैं एक कैंडल अपने हाथों से बनाना चाहती हूं
और उसे गिफ्ट के तौर पर
अपने दोस्त को देना चाहती हूं

जो बस इतना जानती है
कि बस दोस्ती हक जमाना है

और एक इंसान के अलावा
इसमें दूसरे इंसान की भावनाएं मायने नहीं रखती


मैं उसे बताना चाहती हूं कि जब चाहे आना
और जब चाहे चली जाना
उसकी आदतें हैं
पर अब मैं थक चुकी हूं
और मैं हमेशा के लिए
उसे अपनी लाइफ से दूरी रखना चाहती हूं


कभी ना वापस आने के लिए
हालांकि मुझे उसकी परवाह है
हद से ज्यादा


पर मैं खुद को और दर्द पहुंचने से बचना चाहती हूं
इसलिए ओलवेदा मेरे दोस्त

और शुक्रिया जितनी पल हम साथ जीऐ
हंसे गाऐ मुस्कुराए उन सबके लिए


पर अब वाहे छोड़ना जरूरी हो गई है
पर अब दूर जाना जरूरी हो गई


साइद हम हमेशा दूर रहकर ही एक दूसरे के प्रवाह करें
तो अच्छा है
शिकायत से भी दूर रहेंगे
और दर्द से भी

और यही जिंदगी है दूर रहकर भी
उनसे प्यार करते रहना
जो तुम्हारे थोड़ा कम परवाह करता है


आई लव यू
तुमसे प्यार है मुझे
पर मैं तुम्हें पसंद नहीं करती
तुम्हारे लिए रोज दुआ मांगती हूं

पर अब मैं तुम्हारी इंतजार नहीं करती
ओलविदा
मेरी जिंदगी से हमेशा के लिए जाने के लिए
और ऑल द बेस्ट
तुम्हारे आने वाली जिंदगी के लिए

हजारों शिकायते है तुमसे
पर
अब मैं सब कुछ भूल जाना चाहती हूं
यहां तक के तुम्हें भी

abhinisha

ममता गिरीश त्रिवेदी की कविताएं ✍️
कविता का शीर्षक है 🌹 कचूमर
देखिए यूट्यूब पर
https://youtube.com/shorts/xsnIatdADUI?si=3bInURqXlGam2KYd

mamtatrivedi444291

“पुरानी सोच और नई सोच दोनों ही गलत नहीं होतीं…
गलती बस तब होती है,
जब ये दोनों टकरा जाती हैं
और एक-दूसरे को समझने की कोशिश ही नहीं करतीं…
यहीं से हर रिश्ते में क्लेश शुरू होता है।”

“सोच पुरानी हो या नई…
दोनों अपने-अपने समय की सच्चाई होती हैं।
लेकिन जब समझ कम और अहंकार ज़्यादा हो जाए…
तो वही सोच टकराव बन जाती है,
और रिश्तों में दरार डाल देती है…”

archanalekhikha

*मेघों के बाद*

मैं से ‘मेरा’जाता,
हम से ‘हमारा’ भी बचा
अहं तो था धरती को भी,
सुगंध भरी रंगीनी का ।
झीने मेघों की ओट में,
सांझ का प्रौढ़ सूर्यास्त
फीका आसमाँ भी हो गया रंगीन ।
अहंकार था इस धरती को
इन मेघो ने मुख क्या मोड़ा ,
हो गई धरती रंगीन से रंगहीन ।

✍️ श्रवण कुमार

mr.ski

આ સંસાર આપણને પોષાતો હોય તો કશું સમજવાની આગળ જરૂર નથી અને સંસાર આપણને કંઈ હરકતકર્તા થતો હોય તો આપણે અધ્યાત્મ જાણવાની જરૂર છે. અધ્યાત્મમાં 'સ્વરૂપ'ને જાણવાની જરૂર છે. 'હું કોણ છું' એ જાણ્યું કે બધાં 'પઝલ' સોલ્વ થઈ જાય છે. - દાદા ભગવાન

વધુ માહિતી માટે અહીં ક્લિક કરો: https://dbf.adalaj.org/4f7dwX1E

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dadabhagwan1150