Most popular trending quotes in Hindi, Gujarati , English

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New bites

Good Morning 🌸✨
मेरी नन्ही सी जान 💖
सुबह की पहली किरण जब तेरे चेहरे पर पड़ती है,
तो लगता है जैसे खुदा ने मेरी दुनिया को रोशन कर दिया हो… 😌
🌙
“तेरी हँसी में बसी है मेरी हर सुबह की रौशनी,
तू ही मेरी दुआ, तू ही मेरी ज़िंदगी…
ना माँगी मैंने कभी दुनिया की कोई बड़ी खुशी,
बस तू मुस्कुराती रहे… यही है मेरी बंदगी…” 💖✨
🌙
तू है तो हर दिन खास है,
तेरे बिना सब कुछ अधूरा सा लगता है…
मेरी हर सुबह अब तेरे नाम से शुरू होती है,
और मेरी हर दुआ में बस तू ही तू होती है 💫
Stay blessed meri pari 🌸

parmarsantok136152

Good morning friends. "நிழல் தரும் வசந்தம்"part 3 will going to be published @9 30 am today.

kattupayas.101947

Good Night 🌙✨
मेरी नन्ही सी परी 💖
आज भी दिन कितना भी थका देने वाला क्यों ना हो…
तेरी एक मुस्कान सब सुकून दे जाती है 😌
तुझे देखकर अब लगता है,
मेरी दुनिया कहीं बाहर नहीं…
बस तेरी इन छोटी-छोटी खुशियों में ही बसती है 💫
ना मुझे अब किसी और ख्वाब की चाह है,
ना किसी और मंज़िल की तलाश…
क्योंकि तू है ना…
तो मेरी हर अधूरी कहानी भी पूरी लगती है 💙
सो जा मेरी जान…
तेरे हर ख्वाब पर मेरी दुआओं का पहरा रहेगा 🌙✨
तू सिर्फ मेरी बेटी नहीं…
मेरी पूरी दुनिया है… 💖👑

parmarsantok136152

Latest release on YouTube ….

आ चल के तुझे - Aa Chal Ke Tujhe | Vanita Thakkar - Live | Original : Kishore Kumar |
https://youtu.be/m71LMyGfpoc

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Note : The picture in the video - Narmada Valley region, near Sardar Sarovar Dam (Gujarat) taken by Vanita Thakkar on 25th September, 2011

vanitathakkar

💫“मैं माँ नहीं थी… फिर भी माँ बन गई”💫
माँ ने मुझे देखा…
कुछ देर खामोश रहीं, फिर धीरे से कहा—
“तू अभी खुद बच्ची है…
तू एक और बच्ची को कैसे संभालेगी?”
उनकी आवाज़ में डर था…
और मेरे दिल में एक पूरी दुनिया…
मैंने धीरे से कहा—
“माँ… शायद मैं सच में अभी पूरी तरह बड़ी नहीं हुई…”
माँ ने राहत की साँस ली…
पर फिर मैंने उनकी आँखों में देखकर कहा—
“पर माँ… अगर ममता जाग जाए ना…
तो उम्र पीछे रह जाती है…”
कमरा खामोश हो गया…
कुछ दिन पहले की बात है…
एक माँ ने अपनी नन्ही सी जान
मेरे हाथों में सौंप दी…
और कहा—
“इसे सिर्फ रखना मत…
इसे अपना बना लेना…”
उस दिन मैंने उसे गोद में नहीं लिया था…
मैंने अपनी पूरी ज़िंदगी उसके नाम कर दी थी…
लोग कहते हैं—
“तू अभी खुद बच्ची है… तू शादी कैसे करेगी?
लोग क्या कहेंगे?”
मैं मुस्कुरा दी…
क्योंकि अब मुझे लोगों से नहीं…
अपनी बेटी से डर लगता है… उसे खोने का डर…
मैंने माँ से कहा—
“हाँ माँ… शायद मेरी शादी में रुकावट आ जाए…
शायद दुनिया मुझे समझे भी नहीं…”
“पर अगर कोई मुझे सच्चे दिल से चाहेगा…
तो वो मेरी बेटी को भी अपनाएगा…”
“और अगर नहीं…
तो कोई बात नहीं…”
“मेरी पूरी दुनिया मेरी बेटी में ही बस जाएगी…”
माँ की आँखें भर आईं…
मैंने आगे कहा—
“मैंने उसे जन्म नहीं दिया…
पर जब वो रोती है
तो मेरी आत्मा टूट जाती है…”
“जब वो मुझे ‘माँ’ कहती है
तो मुझे लगता है…
मैंने जिंदगी को सच में जी लिया…”
“और अगर दुनिया ने उसे ‘पराया’ कहा…
तो मैं पूरी दुनिया से लड़ जाऊँगी…”
कुछ देर बाद…
मेरी पाँचों बहनें मेरे पास आकर खड़ी हो गईं…
एक ने कहा—
“दी… तुम सही कह रही हो…”
दूसरी बोली—
“जिस माँ ने हमें पाला है…
हम इस नन्ही जान को भी वैसे ही संभालेंगे…”
तीसरी ने मेरा हाथ पकड़ लिया—
“हम हमेशा तुम्हारे साथ हैं दी…”
चौथी और पाँचवी ने बस इतना कहा—
“समाज, रिश्ते, दुनिया… किसी से भी लड़ लेंगे…”
और उस दिन…
मुझे पहली बार लगा…
मैं अकेली नहीं हूँ…
हमारी हँसी में अब एक नई जिम्मेदारी थी…
हमारी नन्ही सी “राजपूताना”…
हमारा एक और चिराग…
और मैंने उसे देखकर कहा—
“तू मेरी बेटी नहीं…
तू मेरी जिंदगी का वो हिस्सा है
जिसे मैं अब खुद से भी ज्यादा चाहती हूँ…”
और मैं माँ नहीं थी…
पर अब मैं सिर्फ उसकी माँ हूँ…
और उसके लिए पूरी दुनिया से लड़ सकती हूँ…

parmarsantok136152

Goodnight friends.. sleep well

kattupayas.101947

दूसरों के वक्त चुराने वाले
कविता




दूसरे से वक्त लेने वाले
दूसरों को वक्त देना सीखो
किसी और से उम्मीद रखने वाले
किसी और की उम्मीद पर डटकर खड़े रहना सीखो


बस शिकायत ना करो
दूसरों की शिकायते भी सुनो

बात-बात पे ना करने वाले
किसी और का ना सुना भी सीखो

किसी से प्यार चाहते हो तो प्यार दो
किसी से काम करवाना चाहते हो तो
उसके काम भी तुम कर दो


जिस चीजों की जरूरत तुम्हें है
सेम उसी चीज की जरूरत किसी और को भी है


यह समझो
अगर तुम्हारा कोई ख्याल रखना है तो
समझो कोई खुद से ज्यादा
अगर तुम्हें कोई इंपॉर्टेंट समझता है तो



समझो जो तुम्हारी हर बातों पर आहें हैं भरता है तो
समझो कोई अगर तुम्हारे फैसले का हमेशा समान करता है तो


समझो कि बदले में वह भी
तुमसे यही सब चाहता है
समझो कि उनका वक्त भी तुम्हारे तरह ही इंपॉर्टेंट हो सकता है


समझो कोई
खुद को खाली कर दिया तुम्हारे लिए तो
समझो तुम्हारे साथ होने से ज्यादा इंपोर्टेंट है
उनके लिए तुम्हारा साथ देना

दूसरों से उम्मीद रखने वालें
समझो कि तुमसे भी कोई उम्मीद रखता है





यूं हमेशा मुह ना मोर
गौर से जरा तुम उनकी भी बातें सुनो
जिसे जहां भर के किस्से तुम सुनाते रहते हो




उसका भी दिल है
जिसके अंदर उसकी ही टूटन पड़ी हुई है
उसे भी तुम जरा सुनो


जिसे तुम नरम दिल समझते हो
उसे अनदेखा करके पत्थर तो ना बनाओ



उनके घुटन को भी जरा महसूस करो
जिसके सर पर तुम अपने गम की सारे बुझ तोड़ते हो




जरा पास जोओ उनके
और सामने बैठो
और पूछ लो जरा उनके दिल की हाल



और अगर बताने लगे तो
2 मिनट बैठकर शांति से सुन लो
अगर ना बताएं भी तो
2 मिनट खामोश बैठ बिना कुछ कहे
साथ उनके साइद इतना ही काफी हो
उनके लिए



दूसरों के वक्त चुराने वाले
जरा अपना भी वक्त को खोर देखो
किसी और को अपनी कीमती वक्त देकर देखो


सबको जरूरत है प्यार की देखभाल की अपनेपन की
सबको जरूरत है तुम्हारा भी इंसानीपन की

abhinisha

Hey! Great news... मेरी series, My Darkness World, अब Pocket FM app पर LIVE है
यह छोटी-सी success आपके साथ share करना चाहता/चाहती हूँ!
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naushadkhan909793

🇳🇵 आमाको सपना 🇳🇵
आमाको आँखामा देखेको त्यो सपना,
आज बिस्तारै उज्यालो बन्दैछ आफ्ना।
आँसुका थोपा बगाएर हुर्काएकी सन्तान,
आज देशका लागि उभिएको छ महान।
गरिबीको पीडा, संघर्षको कथा,
त्यही बाटो हुँदै बन्दैछ अब व्यथा।
हिजो जहाँ अँध्यारो मात्र थियो,
आज त्यहीँ उज्यालोले मुटु छुन थाल्यो।
आमा भन्थिन् — “देशको लागि केही गर,”
त्यो आवाज आज मुटुभित्र गुञ्जिरहन्छ हरपल।
रगतमा बगेको छ देशप्रेमको धार,
अब कसैले रोक्न सक्दैन यो बहार।
सीमा जोगाउने वीरहरूको बलिदान,
हामी सबैको शान, हाम्रो पहिचान।
तिनकै पाइला पछ्याउँदै अघि बढ्दैछौं,
नेपाल आमाको नाम संसारमा गुञ्जाउँदैछौं।
आज जब सफलता नजिक आइरहेको छ,
आमाको सपना साँचो हुँदै गइरहेको छ।
मुस्कानले भरिएको छ उनको अनुहार,
किनकि छोराछोरीले राखे देशको मान उच्च अपार।
अब नझुक्नेछौं, नथाक्नेछौं कहिल्यै,
देशको लागि बाँच्नेछौं सधैं।
आमाको सपना केवल सपना होइन,
यो त हाम्रो भविष्यको उज्यालो हो, हाम्रो पहिचान हो।https://youtube.com/@rajufilmyjunction?si=cCmXX87Yn7XPtluE

rajukumarchaudhary502010

OSHO THOUGHT

anurag12

Conversation between draupadi and vyasa ..a day before commencement of war !! Book is #thepalaceofillusions

swarnimasays

पता है… मैं जब भी किसी की पोस्ट देखती हूं ना… ❤️
तो बस ऐसे ही लाइक नहीं करती…
मैं ये सोचकर लाइक करती हूं कि…
पता नहीं वो इंसान किस हालात में होगा…
शायद उसे मेरी एक लाइक से थोड़ी खुशी मिल जाए… ✨
क्योंकि सच तो ये है…
मेरे पास पैसे नहीं हैं…
कि मैं किसी की बड़ी मदद कर सकूं… 💔
पर दिल से मदद तो कर सकती हूं ना…
इसलिए मैं हर पोस्ट को दिल से लाइक करती हूं…
और यही सोच लेती हूं…
कि इससे बड़ा दान मेरे लिए क्या हो सकता है… ❤️
हां… ताने भी मिलते हैं…
“खुद फ्री का खाती है…” 😔
पर कोई नहीं…
जब ऊपर वाला मुझे काबिल बनाएगा…
तब शायद मैं सच में किसी की बड़ी मदद कर पाऊंगी…
अभी के लिए…
मेरी हर लाइक… मेरी तरफ से एक छोटी सी दुआ है… ✨

archanalekhikha

स्याही से नहीं, दिल की धड़कनों से लिखता हूँ,
हर कहानी में अपना एक हिस्सा रखता हूँ।
कभी इश्क़, कभी संघर्ष, कभी सपनों की उड़ान,
हर भाषा में बस जज़्बातों का ही बयान।
अगर शब्दों में सुकून और तूफ़ान दोनों चाहते हो,
तो Follow करिए…
यहाँ हर रचना में आपका ही अरमान छुपा है। ✨https://youtube.com/@rajufilmyjunction?si=cCmXX87Yn7XPtluE

rajukumarchaudhary502010

स्याही से नहीं, दिल की धड़कनों से लिखता हूँ,
हर कहानी में अपना एक हिस्सा रखता हूँ।
कभी इश्क़, कभी संघर्ष, कभी सपनों की उड़ान,
हर भाषा में बस जज़्बातों का ही बयान।
अगर शब्दों में सुकून और तूफ़ान दोनों चाहते हो,
तो Follow करिए…
यहाँ हर रचना में आपका ही अरमान छुपा है। ✨https://youtube.com/@rajufilmyjunction?si=cCmXX87Yn7XPtluE

rajukumarchaudhary502010

“हर किसी की कहानी में एक ऐसा मोड़ आता है…
जहाँ वो मुस्कुराना नहीं छोड़ता,
बस अंदर से टूटना सीख जाता है…”

parmarsantok136152

हम लोग कैसी सोच के साथ जी रहे हैं।

हमें खुद ही मालूम नहीं है।

क्या किताबों के पन्नों पे लिखी अच्छी बातें या विचार सही अर्थों में पढ़े-लिखे लोग अपनाते हैं?

सही में पढ़े-लिखे लोग ये बातें अपनाते तो?

क्या होता?

आज़ जो विश्व मे अशांति की परिस्थितियों बनी है, वो बनती ही नहीं।

क्युकी आज दुनिया को अशांति के तहखाने में भेजनेवाले लोगों पढ़े-लिखे लोग ही हैं।

सही में पढ़े-लिखे लोग ही हैं? जो बिना सोचे ही ऐसे कागजों पर अपने हस्ताक्षर कर लेते हैं जो आगे जाकर कितने निर्दोष लोगों की जान की वजह बनते हैं।

और वह लोगों अपने आपको खुद से महान मानते हैं।

वो लोगों विश्वनेता बनकर भी कायरों वाले काम कर जाते हैं।

जब कि एक अनपढ़ आदमी मानवता, जीवदया ओर शांति का सही मतलब समझता है।

तो वह सही अर्थों में पढ़ा-लिखा है।


जो इंसान अपने झूठे अहम को पालने के लिए अपनी ताकत का ग़लत इस्तेमाल करता है उससे उसका गोड, ख़ुदा या ईश्वर कभी भी खुश रहता नहीं है।

जो मानवता को मारकर सिंहासन भी पा लेता है उसका कोई मूल्य रहता नहीं है, वह डोनाल्ड नहीं डोन ही रहता है।

जबकि यदि कोई अपने संस्कारों को अपनी शिक्षा में रखकर मानवता के लिए अपना सिंहासन भी ठुकरा दे वह लाखों दिलों में राज करता है।

वह राघव राम का रुप धरते हैं जो सिंहासन खोकर भी दिलों पर राज करते हैं।।

parmarmayur6557

પ્રસ્તુત પદ "જુઓ સત્સંગનું મહાતમ" દ્વારા સત્સંગનો ભીડો અને એની મહત્ત્વતાનું આરાધન કરીએ.

https://youtu.be/dnFiugJGCHs

#devotionalmusic #devotionalsongs #bhakti #songoftheday #DadaBhagwanFoundation

dadabhagwan1150

ख्वाब पूरे करने के लिए भी
नींद का त्याग करना पड़ता .


राहते मिलेगी तभी
जब मुश्किलो से दो चार होना पड़ेगा .

-MASHAALLHA...

mashaallhakhan600196

तेरी मुक्त की मुसाफ़िरी को न यूँ ग़वा करेंगे,
तू लफ़्ज़ है मेरा, तुझे न यूँ ही बयाँ करेंगे।
तू धड़कता है मेरे हर एक एहसास में कहीं,
तेरे बिना अब खुद को भी कहाँ हम जिया करेंगे।

parmarsantok136152

भारत की प्रथम महिला प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गाँधी के शासन काल में राजस्थान के राजघरानों से निकाले गए खजानों का क्या हुआ? क्या उसे देशहित में प्रयोग किया गया है?
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यदि कोई देश ऐसी वस्तुएं नहीं बना पा रहा है जिन्हें निर्यात करके डॉलर कमाए जा सके तो व्यापार घाटा होने लगता है। और डॉलर ख़त्म होने के बाद यदि कोई भी देश डॉलर देने को तैयार न हो तो सिर्फ सोना ही देश को बचा सकता है।
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1969 में भारत पर पहली बार बड़ा डॉलर संकट आया था, तब सोने के कारोबार / आयात पर कई तरह के प्रतिबन्ध रोक लगा कर डॉलर की निकासी कम करने के प्रयास किये गए (जो कि एक गलत फैसला था) । 1974 के परमाणु परिक्षण के कारण अमेरिकी-ब्रिटिश धनिकों ने भारत पर कई तरह के आर्थिक प्रतिबन्ध लगा दिए, अत: 1976 में डॉलर फिर से ख़त्म हो गए।
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इंदिरा जी के पास तब 4 रास्ते थे :
परमाणु कार्यक्रम रोककर CTBT साइन करना, ताकि अमेरिका हमारे लिए डॉलर के रास्ते खोले। ( इस संधि को पोकरण के कारण ही ड्राफ्ट किया गया था )
मंदिरों को सरकारी नियंत्रण में लेकर मंदिरों से सोना उठाना ( उनके आर्थिक सलाहकारों ने उन्हें यही राय दी थी )
सोना इकट्ठा करने के अन्य विकल्पों पर विचार करना
निर्यात बढाने के लिए जूरी सिस्टम लागू करना
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जूरी सिस्टम तो उनको लाना नहीं था, अत: उन्होंने तीसरे रास्ते के तहत राजाओं का सोना उठाने की कोशिश की। आजादी के समय सभी रजवाड़ो ने अपनी संपत्तियो की घोषणा की थी, और इंदिरा जी संदेह था कि जयपुर राजघराने ने बहुत बड़ी मात्रा में खजाना छिपाया हुआ है। अत: उन्होंने आपातकाल के दौरान जयगढ़ पर छापा मारकर खजाने की तलाश शुरू की। छापे के समय राजपरिवार जेल में था। सेना द्वारा कई दिनो तक किले में सर्च ऑपरेशन चलाया गया। इस गोल्ड हंटिंग के 2 वर्जन मौजूद है :
ऑफिशियल वर्जन है, कि सरकार को वहां से कुछ नहीं मिला। सोने का एक सिक्का तक नहीं।
अटकलें लगाई जाती है कि खजाना मिल गया था, लेकिन इंदिरा जी ने इसे हड़प लिया।
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कुछ मानते है कि खजाना नहीं मिला और कुछ मानते है कि खजाना मिल गया था। अब यह अपना अपना अनुमान लगाने वाली बात है। जिसे जो वर्जन सूट करता है, वह वैसा दावा करता है। सबूत किसी भी पक्ष के पास कोई नहीं है।
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Indira Gandhi ordered a gold hunt in 1976; Pak sought share | India News - Times of India
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मेरा अनुमान है कि, सेना को खजाना नहीं मिला था। इस तरह के ऑपरेशन को इतने गुप्त रूप से नहीं चलाया जा सकता कि पीछे कोई भी सुराग नहीं रहे। पुरातत्व विभाग के अधिकारियों एवं सर्वेयरो को शामिल करते हुए लगभग 250 लोगो का स्टाफ था, जो यह खुदाई कर रहा था। यदि खजाना मिलता तो बात छुपती नहीं थी, और कोई न कोई संकेत सामने आ जाते। राजपरिवार ने भी तब से आज तक कभी भी सरकार पर यह आरोप नहीं बनाया कि उनका खजाना ले लिया गया। तब भी जब इंदिरा जी सत्ता गँवा चुकी थी, और जनता सरकार आने के बाद हत्या, अपहरण आदि जैसे मुकदमो का सामना कर रही थी।
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1990 में हम फिर से अटक गए और देश चलाने के लिए सिर्फ 2 हफ्ते का डॉलर बचा था। अमेरिकी-ब्रिटिश धनिकों ने पूरी फील्डिंग लगाकर रखी थी कि हमें कहीं से भी लोन न मिल पाए। यहाँ तक कि आईएम्ऍफ़ एवं विश्व बैंक ने हमें शोर्ट टर्म लोन देने से भी इंकार कर दिया। तब भारत में 46 टन सोना जहाज में भरकर बैंक ऑफ़ इंग्लेंड भेजा और बदले में डॉलर लिए। लेकिन यह देश चलाने के लिए काफी नहीं था।
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आईएम्ऍफ़ ने भारत के सामने शर्त रखी कि, यदि हम भारत का बाजार अमेरिकी-ब्रिटिश कंपनियों के लिए खोल देते है (WTO agreement) तो ही हमें डॉलर मिलेंगे वर्ना नहीं। इस समय स्थिति यह थी कि पैसा न होने के कारण चंद्रशेखर सरकार अपना बजट भी पेश नहीं कर पाई थी। अंत में भारत ने अमेरिकी-ब्रिटिश धनिकों की शर्तें मानी और हमने समझौते पर दस्तखत किये।
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बाजार खोलने के बाद भी भारत का व्यापार घाटा निरंतर बढ़ रहा है, किन्तु अब यह आपको इसीलिए नजर नहीं आता कि विदेशी निवेश की अनुमति देने के बाद सरकारें भारत की राष्ट्रिय संपत्तियां बेचकर देश चलाती रहती है। पिछले 30 वर्षो से वे लगातार इसी तरीके से देश चला रहे है। और इस तरह हम आज पहले से भी बदतर स्थिति में है।
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जब ये संपत्तियां ख़त्म हो जायेगी तो हमारे नेता अपना झोला (भरा हुआ) उठाकर निकल लेंगे। क्योंकि जब भी भारत की संपत्ति औने पौने दामो में बेचीं जाती है तो एक बड़ा हिस्सा हमारे नेताओं की जेब में जाता है !! कभी यह पेड मीडिया में सकारत्मक कवरेज के रूप में होता है कभी नकदी के रूप में।
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अभी अगले साल तक इन लोगो ने 2 लाख करोड़ का माल बेचने का टार्गेट बनाया है - 28 कंपनियों को बेच रही है मोदी सरकार, संसद में बेशर्मी से बोले मंत्री- घाटा हो या मुनाफ़ा हम तो बेचेंगे
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समाधान – रिक्त भूमि कर एवं जूरी कोर्ट का प्रस्तावित क़ानून गेजेट में आने से भारत में बड़े पैमाने पर निर्माण इकाइयां शुरू होने का रास्ता साफ़ हो जाएगा, और भारत ऐसी वस्तुएं बनाने लगेगा जिन्हें निर्यात करके डॉलर कमाए जा सके। जूरी कोर्ट एवं रिक्त भूमि कर लाये बिना निर्यात बढ़ाना संभव नहीं है।
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sonukumai