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New bites

Yesterday I read an amazing quote by Josh Billings:

"Be like a postage stamp — stick to one thing until you get there." ✨📮



That means… in life, when you haven’t yet reached your destination, don’t quit.

Stay committed to your word, your dream, your promise.

Because success doesn’t come from speed—it comes from sticking until the end. 🚀💪



No matter how long the journey feels, remember:

🌟 A postage stamp never leaves its letter until it’s delivered.

Be that stamp.



#StayCommitted #Focus #Matrubharti

nensivithalani.210365

🕉 नम: शिवाय
ઓમ નમઃ શિવાય
Om Namh Shivay

shaileshjoshi0106gma

BENEATH THE SMOKE, I RISE

They thought the fire would bury me.
They forgot I don’t suffocate, I adapt.
When the flames ate the world, I danced.
They left me in ruins.
I rebuilt with rage.
Now the skyline knows my name.
I rise not clean, not holy but whole.
The smoke doesn’t choke me.
It follows me like a shadow.

By Abdullah khan

rehankhan141852

#श्रावण
#गोडधोड

🔴श्रावण शुक्रवारी देवाच्या नेवेद्याच्या निमित्ताने गोड धोड केले जाते
एका शुक्रवारी पुरण तर नक्कीच असतें
पहिल्या शुक्रवारी मी केलेले रताळ्याचे गुलाबजाम
कोणताही पदार्थ करताना गृहिणीच्या मनात हे आपल्या व्यक्ती साठी आपण करीत आहोत ही भावना असतेच
यामुळेच तो पदार्थ वठतो
त्याची चव रुचकर बनते
असे म्हणतात कोणताही पदार्थ ओठांनी किंवा जिभेने खाण्या आधी तो डोळ्यांनी खाल्ला जातो
वासाचेही गारूड असतेच मनावर
आणि मगच तो मनपसंत वाटून
चवीने खाल्ला जातो
हा गुलाबजाम असाच डोळ्या सोबत जिभेचे पारणे फेडेल असा जमला आहे

🔴साहित्य

दोन मध्यम लाल रताळी उकडून
तीन ते चार मोठे चमचे तांदळाची पिठी भाजुन घेतली आहे
काजू पिस्ता बदाम बारीक चुरा सजावटी साठी ..
मैदा बिलकुल वापरला नाही
दोन वाटया साखरेचा वेलदोडे पावडर घालून थोडा पातळ सर पाक केला
🔴कृती
रताळी सालासकट पावभाजीच्या मॅशर ने बारीक करून घेतली
त्यात भाजलेले तांदळाचे पीठ हळूहळू घालत
त्याचा गोळा होईल असे मळून घेतले
जास्त वेळ न ठेवता पाचच मिनिटात
गोळे करून मंद आचेवर तुपात तळून घेतलें
साखरेच्या कोमट पाकात हे गुलाबजाम तास भर मुरायला ठेवलें
गुलाबजामचा घमघमाट घरभर पसरला होता
तासाभरात त्याच्या मूळ आकाराच्या दुप्पट फुलून
आले हे गुलाबजाम
(सोडा ना वापरता सुद्धा)

त्यावर फक्त ड्राय फ्रूट बारीक पुड पखरण केली
आणि याचा फोटो घेतला 😊
देवाला नेवेद्य दाखवून..
आता हे खायला तयार झाले

jayvrishaligmailcom

भीती ..!

कधीपासून पाहतोय “एकटक “तुझ्याकडे ..
तुझे मात्र मुळी लक्षच नाहीये ..माझ्याकडे .
वाऱ्याने आणल्यात बटा..साऱ्या कपाळभर ..
भीती कीती दाटून राहिलेय बघ तुझ्या डोळाभर
असे अनामिक भाव तुझ्या डोळ्यात पाहतोय ..
काय आहे ग संशय जो तुझ्या मनात राहतोय ..??
जगात तर असणार कायमच “आणीबाणी “..
सांग मग असे भिवून चालेलं का राणी !?
............................... वृषाली**

jayvrishaligmailcom

અઢળક અવઢવ નો ખુલાસો આપે છે બે કપ ચા,
મનમાં થતાં અનેક ઉત્પાત નું શમણ છે બે કપ ચા.

જીંદગી ની એકલતામાં ઉમંગ આપે છે બે કપ ચા.
ખરાં સમયે સંબંધ સાચવી જાય છે બે કપ ચા.

દુશ્મનને પણ આમંત્રણે દોસ્તીનો પૈગામ આપે છે બે કપ ચા.
મનની કડવાશ મટાડી જીવનમાં મીઠાશ ભરી આપે છે બે કપ ચા.

જીંદગીની ભાગદોડમાં વિસામો આપે છે બે કપ ચા
એકલતાનું રહે એકાંત તો સાથ આપે છે એક કપ ચા.

parmarmayur6557

“समाज हमें सुरक्षा का आश्वासन देता है —
क्या सही है हम में क्या ग़लत,
क्या उचित है और क्या अनुचित।
पर असली जवाब बाहर नहीं, भीतर होता है।”
ख़ुद को सुनो। वही करो जो तुम हो।
क्योंकि वो समाज,
जिसकी राय तुम्हारे ओहदे के साथ बदल जाए,
उसकी राय से ज़्यादा तुम्हारी सच्चाई की क़ीमत है।

— धीर, धीरेन्द्र सिंह बिष्ट
✍️ लेखक: मन की हार, ज़िन्दगी की जीत

🌱 जब तुम खुद को चुनते हो —
तब ज़िंदगी हार नहीं, जीत बन जाती है।

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#ManKiHaarZindagiKiJeet #DhirendraSinghBisht #InnerVoice #ZindagiKiJeet #SoulfulReads #MustRead #HindiLiterature #SelfAwareness #ViralQuotes #InstagramReads #DesiQuotes #AuthorQuotes #SpeakYourTruth

dhirendra342gmailcom

Novel Book Univesh पेश करता है एक अलग बुक
anuj Shrivastava की कलम से एक सुपर hero wali बुक जो ब्रम्हांड के hero ki khani hai
जल्द देखे 8 अगस्त को
धन्यवाद

kumar00

इन खामोशियों को जरा पढ़ लो
इन बेचैन निगाहों को तुम्हारी ही तलाश है।।

मीरा सिंह

meerasingh3946

ओ केशव, ओ कान्हा,
अब करो ना कोई बहाना।

ओ राधा के मोहन, ओ मैया के कान्हा,
अपनी यह बंशी हमे भी सुनाना।

ओ गोविंद, ओ गोपाला अब करो ना बहाना
ओ मीरा के गिरधर, गोविंद गोपाला, 
ब्रज में रचाने को रास तुम आना ।

ओ कान्हा, ओ केशव
ओ गोविंद, गोपाला

ओ गिरधर, मोहाना करो ना बहाना
गोकुल में आकर तुम गइया  चराना

ओ गोविंद , ओ  गोपाला
तुम जल्दी से आना
यमुना के तट पर ग्वालों संग लीला रचाना।

ओ केशव, ओ कान्हा,
अब करो ना कोई बहाना।
अपनी यह बंशी हमे भी सुनाना।
ब्रज में रचाने को रास तुम आना ।
गोकुल में आकर तुम गइया  चराना
ओ गोविंद , ओ  गोपाला
तुम जल्दी से आना.........

vrinda1030gmail.com621948

स्वर्ग की अप्सरा तुम, दिव्य रूप धारी
नृत्य करतीं स्वर्ग में, अप्सरा तुम्हारी
गंधर्वों के साथ में, सुरों की ताल पर
नाचतीं तुम स्वर्ग में, अद्भुत सौंदर्य धार

तुम्हारे बालों में, फूलों की माला
तुम्हारे चेहरे पर, मुस्कान की लहर
तुम्हारे नृत्य में, स्वर्ग की झलक
तुम्हारी सुंदरता, हृदय को छू ले

स्वर्ग की अप्सरा, तुम्हारी कहानी
एक अद्भुत कथा, जो हृदय को छू जाए
तुम्हारी सुंदरता, स्वर्ग की शोभा
तुम्हारा नृत्य, हृदय को मोह ले।

rajukumarchaudhary502010

ভালোবাসা

bubai.159930

My new story

kajalthakur

"From our first patient to our latest breakthrough —
Every moment has been about healing, growing, and serving.
Here’s to 12 years of purpose-driven vision care!"
From healing eyes to touching countless lives — Netram Eye Foundation thanks you for being a part of this incredible journey. 💚
Let’s continue making the world a clearer, brighter place — together! 👁️✨
#NetramTurns12 #EyeCareWithHeart #VisionForAll #12YearsOfService

netrameyecentre

आएगा तेरे नाम के साथ
मेरा नाम मैं इसी गुमान में थीं ,

सजी थी महफिल मेरे नाम की,
पर जाम किसी और के नाम की थी।

देखा जब गौर से तेरे हाथों में हाथ
गैरो का और मैं गुमनाम सी थीं ।

bita

" મળી જો કાંધ માફક "

વીંધાતો રહ્યો, માછલીની આંખ માફક.
આવી નહીં ઊડવાય, કોઈ પાંખ માફક.

સળગતો રહ્યો છું સદા ચિંતાની ભઠ્ઠીમાં,
અંતે તો ઊડી ગયો છું સૂકી રાખ માફક.

સમજદાર કહીને બધાં સમજાવતાં રહ્યાં,
ગુજારી છે જિંદગી બસ એક વાંક માફક.

બોજ હતો જીવનભર બસ આ શ્વાસનો,
લગભગ તરી ગયો છું હું એક લાશ માફક.

મુબારક હો તમને, તમારા હજારો મિત્રો,
મારો હર એક મિત્ર છે એક લાખ માફક.

બીજું તો કંઈ નહીં પણ થઈ ગયો છું ધન્ય,
અંતિમ પડાવે મળી જો "વ્યોમ" કાંધ માફક.

✍:- વિનોદ મો. સોલંકી "વ્યોમ"
જેટકો (જીઈબી), મુ. રાપર

omjay818

life quotes

kajaljethava017830

Do you know that ego is not egoism? Ego means I. Not knowing our true Self and remaining outside of its domain means egoism.

To know more visit here: https://dbf.adalaj.org/P3MJVQR8

#doyouknow #spirituality #facts #spiritualknowledge #dadabhagwanfoundation

dadabhagwan1150

“अवघड ...

तसे भेटत होतो आपण नेहेमीच इकडे तिकडे
एकमेकांच्या आवडी निवडी पण माहिती होत्या खूप जवळून ..
वेव्हलेंग्थ ज्याला म्हणतात ना तीही जुळायची बरीच ..!!!!
आणी अचानक एके दिवशी .
तु येवून माझे डोळे झाकलेस
आणी पटकन म्हणालास ..ए प्रेमात पडलोय मी तुझ्या ..
मी तुझे माझ्या डोळ्यावरच डोळ्या वरचे हात दूर केले
आणी चकित होवून तुझ्या कडे पाहिले ..
तुझ्या डोळ्यात एक वेगळीच “चमक “दिसली मला .
करशील ना माझ्या प्रेमाचा स्वीकार ..”..?
मी स्तब्ध झाले तुझ्या या प्रश्नावर ..
आयुष्याच्या या वळणावर ..तुझा “अनपेक्षित “,प्रश्न
उत्तर देणे पण माझ्या साठी “अवघड होवून बसलेय ..!!

वृषाली **

jayvrishaligmailcom

Good Morning Everyone
🌻☕🌻
હર હર મહાદેવ 🙏

jighnasasolanki210025

अर्जुन धीरे-धीरे आगे बढ़ा और उसके पास आया।

“आप यहाँ बैठी हैं — ये जगह सबसे ज्यादा ओपन है। कोई भी हमला यहाँ से सबसे आसान है।”



“क्या आपको लगता है कोई मुझे रंगोली बनाते वक्त मार देगा?”

“खतरे टाइम देखकर नहीं आते,



"हां और न ही आप।”सिया फुसफुसाई।अर्जुन ने उसकी साड़ी का पल्लू हल्के से उठाया —

“ये कोना ज़मीन से घिस रहा था, आप गिर सकती थीं।”सिया ने अर्जुन को देखा ,जो उसे ही एकटक देख रहा था,सिया को काव्या की बात याद आई। उसकी नजर काव्या के मुस्कुराते चेहरे पर पड़ी मानो कह रही हो"देखा ?" सिया ने अपना सिर झटका ।

"थैंक यू!"💕



तभी.....

एक रंग की प्लेट खिसककर दूर जा गिरी।

सिया ने उसे उठाने के लिए झुकना चाहा —

लेकिन उससे पहले अर्जुन ने वो प्लेट उठाई… और गलती से उसकी उँगलियाँ सिया की उँगलियों से टकरा गईं।💗





वो पल… धीमा, गर्म, और कुछ कहता हुआ।

एक पल को सब कुछ ठहर गया।✨



सिया ने उसकी उँगलियों की पकड़ महसूस की — मज़बूत, मगर निडर हुई।💕✨



“छोड़िए...”सिया ने हल्की आवाज में कहा।

“गिर जातीं आप।”



#hukmaurhasrat

जल्द ही 🔥🔥

#अध्याय5

~diksha

dikshaparashar.699046

लबों पे ख़ामोशी का असर है, दिल में तूफ़ान बाकी है,
जो कहना था सब कह चुके, अब सुनना कुछ भी नहीं है।
ये फ़ितूर ही तो है जो रूह से लिपटा हुआ है,
वरना इस दुनिया में अब अपना रहना कुछ भी नहीं है।

सबने नकाब ओढ़ रखे हैं सलीकों के नाम पर,
सच कहो तो लगता है कि सच कहना कुछ भी नहीं है।
हमने भी दिल में दर्द को फूलों सा पाल रखा है,
जो दिखता है मुस्कराना है, मगर खिलना कुछ भी नहीं है।

हर बात को तोड़ते हैं हम ख़ामोशी के साए में,
चेहरों पे रौशनी है मगर उजाला कुछ भी नहीं है।
लफ़्ज़ों के मेले में भी तन्हा सा रहता है दिल,
भीड़ में हैं सब मगर कोई अपना कुछ भी नहीं है।.....✍️

ritu5403