Most popular trending quotes in Hindi, Gujarati , English

World's trending and most popular quotes by the most inspiring quote writers is here on BitesApp, you can become part of this millions of author community by writing your quotes here and reaching to the millions of the users across the world.

New bites

यूंही गिरते गिरते एक दिन सभंल जाऊंगी
बदला नहीं लूगीं किसी से बस बदल जाऊंगी

priya216447

मे मृत्यु से मोहित हु,
मुझे संसार की सुंदरता का मोह नहीं ।।।

taranaparnathi

प्रेम....❣️

dhra

एक ऐसी ऊंचाई,
जहां से दुनिया तो दिखे,
मगर दुनिया मुझे न देख पाए।

एक ऐसी भीड़,
जहां मैं मौजूद भी रहूं
और अनुपस्थित भी।

एक ऐसी धुंधली खिड़की,
जहां से शहर साफ़ दिखे,
मगर मेरी परछाईं
किसी को न मिले।

एक ऐसा मंच,
जिसकी रोशनी में मैं बोलती रहूं,
पर दर्शकों की आंखें
मुझ तक आने से पहले ही बुझ जाएं।

दुनिया रहे,
मगर उसका शोर
मेरे भीतर घर न बना पाए।
—# चंद्रविद्या उर्फ़ रिंकी

chandervidya

क्या आप भी दूसरों के व्यवहार से दुखी हैं? जानिए दादा भगवान का जादुई समाधान!"

“अक्सर हम दूसरों को अपनी तकलीफों का जिम्मेदार मानते हैं, लेकिन जब नज़रिया बदलता है, तो जीवन बदल जाता है। दादा भगवान के विज्ञान से मिली इस अनमोल समझ को पढ़ें और साझा करें। 🙏✨”

“क्या कभी आपको ऐसा लगा है कि आपकी शांति की चाबी दूसरों के हाथों में है? कोई कुछ कह देता है और आप घंटों परेशान रहते हैं?”

अक्सर हम अपनी तकलीफों का दोष दूसरों को देते हैं, लेकिन दादा भगवान के ‘अक्रम विज्ञान’ ने मुझे एक ऐसी समझ दी है जिसने मेरे जीने का अंदाज़ा ही बदल दिया। कैसे हमारा अपना ‘कर्म’ और सामने वाला ‘निमित्त’ मिलकर काम करते हैं? कैसे एक छोटी सी प्रार्थना और माफी हमारे भारी से भारी कर्म को हल्का कर सकती है?

अपनी शांति वापस पाने और रिश्तों को एक नई गहराई देने के लिए, इस लेख को अंत तक ज़रूर पढ़ें। यह आपकी सोच और आपके जीवन, दोनों को बदल सकता है। 👇

अक्सर जब कोई हमें दुःख देता है या हम पर बिना वजह चिल्लाता है, तो हमारा मन कहता है— “गलती उसकी है, वह कितना बुरा है।” लेकिन क्या वाकई ऐसा है? आध्यात्मिक विज्ञान (अक्रम विज्ञान) के अनुसार, जीवन के कठिन प्रसंगों को सुलझाने की एक अद्भुत चाबी मिली है, जो मैं आप सभी के साथ साझा करना चाहती हूँ।

1. सामने वाला कौन है?
हमें लगता है कि सामने वाला व्यक्ति हमें दुःख दे रहा है, लेकिन हकीकत में वह सिर्फ एक ‘निमित्त’ (Postman) है। मेरे ही किसी पुराने कर्म का हिसाब चुकता करने के लिए कुदरत ने उसे एक साधन बनाया है। दादा भगवान कहते हैं— “भुगते उसकी भूल।” यानी जो आज दुःख भोग रहा है, गलती (हिसाब) उसी की है। जैसे ही हम सामने वाले को निर्दोष देखते हैं, हमारा आधा बोझ उतर जाता है।

२. बाहर से कड़क, अंदर से नर्म
अक्सर लोग पूछते हैं— “अगर हम सबको निर्दोष देखकर माफ करेंगे, तो लोग हमारा फायदा उठाएंगे।” यहाँ समझ की ज़रूरत है। हमें अंदर से सामने वाले को निर्दोष मानना है ताकि हमारा द्वेष खत्म हो, लेकिन बाहर से व्यवहार में हम ‘कड़क’ हो सकते हैं। जैसे एक माँ बच्चे को सुधारने के लिए नाटक की तरह कड़क होती है, वैसे ही हम अपनी सीमाएं तय कर सकते हैं, पर मन में कड़वाहट रखे बिना।

३. प्रार्थना और जागृति का जादू
रोजाना की एक छोटी सी प्रार्थना हमारे जीवन की दिशा बदल सकती है:

“हे अंतर्यामी परमात्मा! मुझसे मन, वचन, काया से किसी भी जीव को किंचित मात्र भी दुःख न हो, ऐसी मुझे शक्ति दीजिए।”

यह प्रार्थना हमारे भविष्य के नए कर्मों को बांधने से रोकती है। भले ही पुराना स्वभाव (गुस्सा) कभी-कभी बाहर आ जाए, लेकिन अगर हम तुरंत जान लेते हैं कि “यह गलत हुआ”, तो हमारी जागृति शुरू हो जाती है।

४. अपनी भूलों की सफाई (प्रतिक्रमण)
जब भी हमसे कोई गलती हो या मन में किसी के प्रति बुरे विचार आएं, तो तुरंत मन ही मन माफ़ी मांग लें:

“मैं आपके भीतर बैठे शुद्धात्मा से क्षमा मांगता हूँ, मुझसे गलती हो गई, ऐसा नहीं होना चाहिए।”

जब हम अपनी गलती का पक्ष लेना छोड़ देते हैं और दोबारा न करने का निश्चय करते हैं, तो कर्म की जड़ कट जाती है।

निष्कर्ष:
बदला लेने से हिसाब बढ़ता है, और माफ़ करने (प्रतिक्रमण) से हिसाब चुकता होता है। अपनी सोच बदलें, जीवन अपने आप शांत हो जाएगा।


यह मेरी अपनी समझ है जो मैंने आध्यात्मिक चर्चा के माध्यम से सीखी, उम्मीद है यह आपके भी काम आ

nityaoswal430745

किस्मत से मिलते हैं पार्ट 2
जो भी यहां मिलते हैं




दयावान वो किस्मत नहीं
जो किसी पे रेहमत बरसाए


ताकतवर वह लोग हैं
जो किस्मत को अपने मेहरून बनाए



झूठ है यह कहने को किस्मत से ही मिलता है
जो भी यहां मिलता है

किस्मत बस एक नाम है
अपने कायरता और नाकामयाबी को छुपाने के लिए


और यही तो है धर्म का धंधा
नाकामयाबी हर दुखी मन का फंडा


किस्मत को कोश कोश के बैठे
फिर लग जाते हैं
अंधविश्वास को भगवान बनाने
किसी सत्याग्रह के मूल्य धूप सुनने
किसी इंसान को भगवान बनाकर कर पूजने


या दिल के जज्बाते
गहरी जन्नत दिखा दे
और फिर नर्क में ले जाते हैं



नहीं पता क्यों दिल लगा के सब खाया
हम अपना भी ना कभी हो सका



मूल्य धूप सुनते त्याग दी मोह माया
वह मोह माया जिसमें बंध के कर्मकांड हमारे थे बढे

जब से छोड़ा मोह माया
करम कांड है
पर फिर भी हम दासी भगवान के



और बढ़ते क्रम कांड
और हम यह हमारे अभियान के


स्वयं भक्त हम महाकाल के
आचरन हमारे कितने भी हो मेले


हमने जब पहने हैं सफेद कपड़े की
चांद की मखमली जैसी रोशन कपड़े

दाग है यह वेदाग है
हम पुण्य आत्मा
हमारे लिए सब जायज है



किस्मत के भरोसे हम भी उनके रखते हैं
जो खुद से डरते ही रहते हैं

जो लाचार परे बेवस
हम उनकी भावनाओं की कीमत
खुद को ईशवर बात कर लगाते हैं



क्या पाप क्या पुण्य
पाप भी हमारे लिए पुण्य बन जाते हैं



और इससे सत्याग्रह में
झूठ को ही हम सच बताते हैं


नहीं बताते हम इंसान की डर है भरम
और हम उनके डर की ही फायदा उठाते हैं

नहीं बताते हम उनकी कमजोरी ही उनको खा जाता है
और उनकी कमजोरी ही हमे भगवान बनाते हैं



किस्मत की भरोसे उन्हें रखते हैं
हम अपने झूठ के ही भरोसे ही
दुनिया को खोखली कर जाते हैं



हां यह जानते हैं हम
हम जान किसी के लेकर
हम अजेय हो जाएं गे


अजय हो जाते हैं
अंतहीन समय के लिए
हम उनके लिए देवता बन जाते हैं


और उन्हें हम बताते हैं
यही किस्मत है
और हमें पूजना तुम्हारे धर्म है


और इस धर्म का पालन करो हमारे सुमीरन करो
हम तुम्हारे इशवर जसे ही पूजनेय हैं



हां हम तुम्हारे पूजनेय हैं

abhinisha

🫶🏻❤️💕

avinashgondukupe96025gmail.com5127

## **Important Update: Alfha Mater Pen Competition**
**Subject: URGENT: Action Required Regarding Your Competition Entry**
Dear Participant,
Thank you for your initial interest in the **Alfha Mater Pen Competition** hosted by **Alfha Production House**.
We are reaching out because our records show that while your entry form was successfully received, your final work was not submitted via the official portal by the **May 10th** deadline. As of today, **May 11th**, the portal is closed and your registration has been tentatively declined.
### **Late Submission Appeal Process**
If you still wish to participate and acknowledge that the delay was due to a personal oversight or technical issue on your end, we are offering a final **Appeal Window**.
* **How to Appeal:** Send an official email to the Alfha Support Team stating the specific problem or reason for your late submission.
* **Review:** If the support team finds your appeal valid and supportive, your submission will be considered for the competition.
* **Deadline:** You must act quickly. You have **only 3 days** (May 11th – May 13th) to submit your appeal.
If you choose not to appeal, we still appreciate the effort you put into the registration. We invite you to use this time for full preparation for our next major competition arriving this **September**.
We look forward to hearing from you soon.
Best regards,
**[Name]**
**Alfha Production House**

alfha202141

🙏🙏जो बिना मतलब के साथ खड़े हो,
उनके साथ खड़े रहिए,

मतलब के साथ खड़ी भीड़ प्यार कभी नहीं देती,
बस धोखा दे जाती है।🦚🦚

parmarmayur6557

સાચા ધર્મ તો બધા જ છે, પણ જે ધર્મમાં 'હું કોણ છું' અને 'કરે છે કોણ?' એની તપાસ કરે છે, એ છેલ્લા ધર્મના માર્ગે છે. અને 'કોણ' એ જાણે એ છેલ્લો ધર્મ છે! - દાદા ભગવાન

વધુ માહિતી માટે અહીં ક્લિક કરો: https://dbf.adalaj.org/J5QGV5CO

#quoteoftheday #quotes #spiritualquotes #spirituality #DadaBhagwanFoundation

dadabhagwan1150

તારી ક્યાં કદી ભૂલ થઇ છે!! સદાય ભૂલ હું જ કરતો આવ્યો છું.
તારી ક્યાં કદી શરૂઆત હતી સદાય હું જ શરૂઆત કરતો આવ્યો છું.
તારી ક્યાં કદી પહેલ રહી જ્યા મળવાનું ત્યાં હું જ પહોંચ્યો છું.
તું તો સતી સાવિત્રી,સતી અનસૂયા,સતી સીતાના સપનામાં જીવી છે.
ભૂલ મારી થઇ સમજવાની કે હું સત્યવાન,અત્રિ કે રામ સમજી જીવ્યો છું.
દરેક દિવસે તેં નવાં બહાનાં,બતાવી મારા પ્યારની મઝાક બનાવી દીધી છે.
કોને દોષ દઉ બસ એટલું કહું કે ભગવાન સિવાય કોઇને ના ચાહવાની ફરજ પડી છે.
. - વાત્સલ્ય

savdanjimakwana3600

કોઈ વિશેષ કામમાં મુશ્કેલી પડે,
કે થોડો ઘણો રસ્તો જડે, કે પછી જે તે કામમાંની શરૂઆત જ ન થઈ રહી હોય, આ બધામાં એક વાત તો કોમન અને સ્પષ્ટ છે કે.....

shaileshjoshi0106gma

गाँव की वो सोंधी मिट्टी,
वो कच्ची सी दीवारें,
सुकून मिलता है यहाँ,
शहर की भीड़ में कहाँ?"

rammake323039

🙏🙏इंसान द्वारा बनाई गई टेक्नोलॉजी दो धारी तलवार है,

उसका सही इस्तेमाल विकास का अमृत है नहीं तो फिर विनाशकारी जहर!!!🦚🦚

parmarmayur6557

मातृदिन 🙏

आई...

आई फक्त तुझ्यासाठी ..

लहानपणा पासून वाढले तुझ्या कौतुकात पण “कडक “शिस्तीत
आवडत नसायचे मला अजिबात जर बोललीस तु कधी “रागात
मनाला खुपत असे कधी एखादी वस्तू न मिळणे
पण मनात मात्र ठसून जायचे
तुझे कायम “शांत ,आणी ..समाधानी ..असणे !
“संस्कार “..म्हणजे काय हे ही कधी नाही उमजले
पण सर्वांशी “आपुलकीने “वागणे हे मात्र तुझ्या कडून च शिकले
मला “घडवण्यासाठी “तुझी खूप धडपड असायची ..
मी मात्र सदा न कदा ..तुझ्या वरच रागवायची ..!!
माझ्या आयुष्यात ही मी तुला कायम “गृहीत ..धरले
तु मात्र प्रत्येक वेळी माझेच “भले ..चिंतिले ..!
शिकवणे तुझे कधी नाही अडकून पडले फक्त “छ्डीत ..
एक “संवेदना क्षम “व्यक्ती बनले मी फक्त तुझ्याच तालमीत ..!
तुझे सरळ साधे रूप माझ्या डोळ्यातली “बाहुली ..असते
वर्षे ..लोटली तु जावून पण मनातली जखम बुजत नसते ..
तुझा नुसता “उल्लेख ..झाला तरी डोळ्यातले पाणी थांबत नाही
तुझी “माया ..तुझे “प्रेम .त्रिखंड शोधले तरी मिळत नाही !
आज मागे वळून पाहते तेव्हा आठवतो आपला सारा “प्रवास ..
आणी पुन्हा पुन्हा डोळे भरतात ..कसा सरला ग आपला सहवास !!!

...............................................................................वृषाली 😪😪

jayvrishaligmailcom

दो इलतिदा उसे, वो खाब मे मेरे,
दिल की हर धड़कन और सांस मे मेरे,,

वो खुशनसीब है, जिसका नसीब वो,
वो उम्मीद है मेरी, वो हर आस मे मेरे,,

चल पड़े कभी, वो रुकी घड़ी कभी,
दुआ है हर घड़ी, वो पास हो मेरे,,

हो गर कभी, लफ्ज़ साथ दे मेरे,
उसे बता सकू, क्यू दिल में बसी मेरे,,

काश उसका भी दिल इतना बेचन हो,
वो भी कभी कहे, वो बस इन्तेजार मे मेरे,,

-MASHAALLHA

mashaallhakhan600196

*कड़वा सच*

bhumi0000

🌸
Mother's Day — माँ के नाम
माँ

— १ —
जब भी थकान ने आँखें मूँद लीं,
माँ की लोरी ने नींद सजाई थी।
अँधेरे में जो दीप जलाया था,
वो माँ की ही उँगली थी, वो माँ की ही रोशनाई थी।
माँ — तू जीवन की पहली कविता है मेरी।
— २ —
आँचल में जो सुकून मिला करता था,
वो दुनिया के किसी कोने में नहीं मिलता।
झुलसती धूप में छाँव बनी रही,
माँ का प्रेम हर मौसम में खिलता।
माँ — तू जीवन की पहली कविता है मेरी।
— ३ —
जब पाँव लड़खड़ाए राहों में,
माँ की दुआ ने थामा हर बार।
गिरने से पहले हाथ थे तेरे,
माँ, तू ही मेरा हर आधार।
माँ — तू जीवन की पहली कविता है मेरी।
— ४ —
रोटी में तेरे हाथों की महक थी,
भोजन नहीं, वो प्रेम का भोग था।
दुनिया के हर स्वाद से ऊपर,
माँ के हाथों का अपना ही योग था।
माँ — तू जीवन की पहली कविता है मेरी।
— ५ —
जब रोया मैं चुपके-चुपके रात को,
तू बिन बोले पास आ जाती थी।
आँसू पोंछने को शब्द नहीं चाहिए,
माँ की नज़र सब कुछ जान जाती थी।
माँ — तू जीवन की पहली कविता है मेरी।
— ६ —
तूने कभी शिकायत न की ज़िन्दगी से,
हर तकलीफ़ को मुस्कान में ढाला।
त्याग को तूने नाम नहीं दिया,
बस चुपचाप हर पल को सँभाला।
माँ — तू जीवन की पहली कविता है मेरी।
— ७ —
तेरी झुर्रियाँ मेरी कहानी हैं माँ,
हर लकीर में मेरा बचपन छुपा है।
तेरे सफ़ेद बालों में देखता हूँ,
मेरे लिए जो तूने सब कुछ चुका है।
माँ — तू जीवन की पहली कविता है मेरी।
— ८ —
देव मंदिरों में ढूँढा ईश्वर को,
पर वो तो घर में ही मिलता रहा।
माँ के चरणों की धूल जो है,
हर तीर्थ से वो पावन निकला।
माँ — तू जीवन की पहली कविता है मेरी।
— ९ —
दूर हूँ आज, पर दिल में है तू,
हर साँस में तेरी दुआ बसी है।
जहाँ भी जाऊँ, जो भी पाऊँ,
माँ, तेरी ममता मेरे साथ चली है।
माँ — तू जीवन की पहली कविता है मेरी।
— १० —
शब्द कम पड़ते हैं तुझे कहने को,
सागर भी कलम बने तो कम होगा।
माँ, बस इतना जान ले —
तेरे बिना यह जीवन सूना, अधूरा, धुंधला होगा।
माँ — तू जीवन की पहली कविता है मेरी।
— कवि
Vijay Sharma Erry
विजय शर्मा 'एरी'
Mother's Day — 2026 🌸

vijayerry.232206

किस्मत से ही मिलता है
कविता पार्ट 1। गीत


किस्मत से ही मिलता है
जो भी यहां मिलता है

और हम किस्मत के मारे हैं
तन्हा परे दिल बेचारे हैं

हां हम किस्मत के मारे हैं
तन्हा परे दिल बेचारे हैं


दिल की खाता है जो दिल लगाया तुमसे
दिल की खाता है जो दीवाना बन गया मैं तेरे


किस्मत से ही मिलता है
जो भी यहां मिलता है
पर हम किस्मत के मारे हैं
तन्हा परें बेचारे हैं




दिल को दो सजा
हमको छोड़ो दिल की गलती है

इस दिल के वजह से हम हार गए
आके तुम्हारे प्यार में हम मर गए

हा इस दिल की वजह से हम हार गए
तुम्हारे प्यार में हम मर गए

मरना हमारा तय हुआ
दिल दगाबाज तुमसे दिल लगा के अजय हुआ



हा मारना हमारा तेय हुआ
दिल दगाबाज तुमसे दिल लगा के अजय हुआ



हम तो फिरते फिरते सफर पे
कुछ ना हाथ मेरे आया

तुम्हारे डगर पर हम इतनी बेबस हो गए
इंतजार में तुम्हारे खुद को खो गए

ऐ किस्मत कैसा है
कौन जाने

मेरे लिए कभी अपना ना हुआ
मेरे दिल मुझे अपना ना पहेचाने

हा हु हू हू हु हा हा हा

हु हु हू




वो गेरत यह दुनिया भी मुझको अकेला छोड़ गया
हर घड़ी
और अकेलेपन से हम डरते हैं

और सभी को यह पता है
इसीलिए हमको सभी दर्द देते हैं

अकेलेपन में है दर्द गम तन्हाई बेचैनी
इस दर्द गम तन्हाई बेचैनी को संभल ना सकते हैं

और यह दिलबर भी अच्छी तरह जानते हैं
तभी तो दिल लेकर जिसमें पे सित्तम ढाते हैं




दुनिया कितना जल्दी बदल गया
हमें अपने भी पीछे छोड़ कर आगे बढ़ गया

अकेले तनहाई की सफर है
मुश्किल होता है डगर पे चलने में

चलते चलते तक थक गए
अब चैन आए जलने में




जाने वह कैसे लोग हैं
जिस पर किस्मत मेहरबान है


जब सर उठा कर आसमान की तरफ देख तो लगता है
हम बरी नादान है

दयावान वो किस्मत नहीं
जो किसी पे रेहमत बरसाए

abhinisha

મૂંગા જીવનું મોટું હ્રદય

https://www.facebook.com/share/p/1FxyTpTgew/

ronakjoshi2191

Follow the Raju Kumar Chaudhary official channel on WhatsApp: https://whatsapp.com/channel/0029Vb6nSzoDOQIXdQiMVl1U


Whatsapp Group link
https://chat.whatsapp.com/FOiOFZ11VTS7B1PIAe66kz


Story Book PDF link
https://www.matrubharti.com /rajukumarchaudhary502010"> https://www.matrubharti.com /rajukumarchaudhary502010



Follow the PRB STORY CLUB channel on WhatsApp: https://whatsapp.com/channel/0029Vb80wc69MF92VvNWbp11



YouTube channel link
https://youtube.com/@rajufilmyjunction?si=cCmXX87Yn7XPtluE


Love story Link
https://www.matrubharti.com

rajukumarchaudhary502010

whenever you feel low or less just read this 🩷🩷

indusharma800003

Happy mother's day 💐💐🌹🌹😊🙏🙏

drbhattdamayntih1903